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Tuesday, July 14, 2020

चीन के सामान पर भारत सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का असर, स्मार्टफोन बिक्री में 30-40% की गिरावट

नई दिल्ली: चीन के सामान पर भारत सरकार द्वारा लगाए गए तमाम प्रतिबंधों का असर दिखने लगा है. प्रतिबंधों के चलते स्मार्टफोन की बिक्री में प्रत्येक सप्ताह 30-40% की गिरावट हुई है. स्मार्टफोन की अच्छी मांग होने के बावजूद आयात और निर्माण की दिक्कतों के चलते बिक्री घटी है.

जानकारी के मुताबिक ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से स्मार्टफोन के स्टॉक में कमी आ गई है.

अभी यह परेशानी जारी रहेगी. एक बड़ी एजेंसी ने अप्रैल-जून में मोबाइल फोन की भारी कमी का अनुमान लगाया है. यह एजेंसी 1 करोड़ 60 लाख स्मार्टफोन का आयात करती है.

काउंटरप्वाइंट के मुताबिक जुलाई में पूरे महीने भर स्मार्टफोन की सप्लाई की दिक्कतें रहेंगी, क्योंकि इनके पार्ट्स की शिपिंग, असेंबलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन में दिक्कतें आएंगीं. दरअसल चीन से आने वाला माला बंदरगाहों पर अटका पड़ा है. लॉकडाउन में छूट के बावजूद श्रमिकों की संख्या काफी घट गई है. सुरक्षित दूरी के नियम के चलते उत्पादन पर असर पड़ रहा है.

Wednesday, July 8, 2020

JioFiber यूजर्स के लिए खास ऑफर की घोषणा की


Reliance Jio ने बुधवार को अपने JioFiber यूजर्स के लिए खास ऑफर की घोषणा की। अब JioFiber के यूजर्स Lionsgate Play के जरिए हॉलीवुड की मूवीज फ्री में देख पाएंगे। Lionsgate प्ले का यह प्रीमियम कंटेंट JioFiber सिल्वर और उससे ऊपर के प्लान पर उपलब्ध रहेगा।

रिलायंस जियो ने Hollywood streaming service लॉयंसगेट के साथ अनुबंध किया है। इस साझेदारी के तहत JioFiber के यूजर्स को लॉयंसगेट के OTT प्लेटफॉर्म Lionsgate Play पर फ्री में कंटेंट देखने को मिलेगा। Lionsgate Play पर 7500 से ज्यादा प्रीमियम टीवी एपिसोड्स, फिल्में और दूसरे लोकप्रिय प्रोग्राम मौजूद हैं। यूजर्स को इसके अलावा लॉयंसगेट के क्षेत्रीय भाषाओं के कंटेंट का लाभ भी उठाते आएगा, इसमें छह भारतीय भाषाओं हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगू, कन्नड और भोजपुरी भाषाओं में फिल्में और प्रोग्राम्स उपलब्ध हैं।

जियो अपने सिल्वर मल्टी मंथ या उससे ऊपर के प्लान को एक्टिव करा चुके ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान कर रहा है। नए यूजर्स को सिल्वर प्लान पर पहले तीन recharge पर ही यह सुविधा मिलेगी। जियो फाइबर यूजर्स अपने सेट-टॉप बॉक्स पर JioTV+ ऐप के जरिए लॉयंसगेट प्ले के प्रीमियम कंटेंट को देख सकते हैं। इन यूजर्स को किसी नए ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है और ना ही अलग से लॉन इन करना होगा।

जियो फाइबर के गोल्ड प्लान में Zee5, Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar, SonyLiv, Voot,AltBalaji, HoiChoi, ShemarooMe, SunNxt, JioCinema और JioSaavn भी फ्री में उपलब्ध है। Jio ने दो सप्ताह पहले अपने सिल्वर क्वार्टरली प्लान या उससे ऊपर का विकल्प चुनने वाले यूजर्स को मुफ्त Zee5 देखने की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी।

Airtel ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए एक नया 289 रुपये वाले प्लान लॉन्च कर दिया

Airtel Recharge, Airtel 289 Plan: टेलीकॉम कंपनी Airtel ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए एक नया 289 रुपये वाले प्लान लॉन्च कर दिया है. इस नए Airtel Plan की वैधता क्या है व इस एयरटेल प्रीपेड प्लान के साथ आपको क्या-क्या बेनिफिट्स मिलेंगे, आइए आपको इस संबंध में जानकारी देते हैं.289 रुपये वाले एयरटेल रीचार्ज प्लान के साथ उपभोक्ता को हर रोज 1.5GB हाई-स्पीड डेटा के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलेगी. इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है.डेटा, कॉलिंग के अतिरिक्त 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ उपभोक्ता को रोजाना 100 एसएमएस भी दिए जाएंगे. अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो Zee5 Premium, Airtel Xstream Premium का एक्सेस मिलेगा.विंक म्यूज़िक व 1 वर्ष के लिए Shaw Academy का फ्री औनलाइन कोर्स जैसे बेनिफिट्स दिए जा रहे हैं.
ये प्लान एयरटेल की साइट पर लिस्ट है. याद दिलाते चलें की 2018 में एयरटेल ने अपने 289 रुपये वाले प्लान को 1 जीबी डेटा व अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग के साथ उतारा था. इस प्लान को 48 दिनों की वैधता के साथ उपभोक्ता के लिए पेश किया गया था.79 रुपये वाले एयरटेल के इस टॉप-अप वाउचर के साथ उपभोक्ता को 30 दिनों की वैधता के साथ ZEE5 का एक्सेस मिलेगा. गौर करने वाली बात यह है की यह टॉप-अप एयरटेल उपभोक्ता के लिए एयरटेल थैंक्स ऐप के डिजिटल स्टोर सेक्शन के जरिए उपलब्ध है. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें की ज़ी5 का प्रतिमाह का एक्सेस की मूल्य वैसे 99 रुपये है.

Thursday, July 2, 2020

भारत और चीन विवाद के बीच सोमवार को भारत सरकार ने 59 चीनी एप्स पर बैन लगा दिया


लद्दाख में गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हुए हमले के बाद से ही भारत में चीनी सामान के बहिष्कार की होड़ लग गई है। भारत और चीन विवाद के बीच सोमवार को भारत सरकार ने 59 चीनी एप्स पर बैन लगा दिया था। एप्स को बैन लगाने के पीछे देश की संप्रभुता, अखंडता और लोगों की निजता का हनन करना बताया गया था। इसमें भारत के सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले एप टिकटॉक, हेलो, शेरीट जैसे चर्चित आप भी शामिल है। हालांकि टिकटॉक एप पिछले साल से ही विवाद का मुद्दा बना हुआ है। भारत में चुंकी है एप्स बंद हो चुके हैं लेकिन अब भी लोगों के बीच यह सवाल है कि क्या अब यह एप्स दोबारा चालू होंगे?

सरकार की तरफ से एप्स बैन होने के बाद अब यह मामला एक समिति के पास जाएगा जिसमें मंत्रालय के संयुक्त सचिव इसके अध्यक्ष हैं।

इसमें मंत्रालय के कई अन्य प्रतिनिधि भी शामिल है। यह सभी बैन की गई एप्स समिति के सामने अपना पक्ष रखेंगे और इसके पश्चात समिति तय करेगी कि यह प्रतिबंध जारी रहेगा या नहीं।

डाटा चोरी को लेकर गृह मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी खंडन किया गया है इन एप्स का सरवर सिंगापुर में है और डाटा चीन नहीं जाता जबकि एप्पल की एक रिपोर्ट में यह बताया गया है कि इन एप्स का डाटा सुरक्षित नहीं है। सरकार के आदेश के बाद से ही एप हटने लगे हैं दूसरी तरफ टिक टॉक ने अपनी पक्ष रखते हुए कहा है की यूजर्स की जानकारी किसी और देश या चीन को नहीं दी गई है।

अनुमान लगाया जा रहा है की भारत में चीन के 59 ऐप बंद होने के बाद इसका असर भारतीयों पड़ने वाला है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन ऐप्स में कई काम के ऐप्स शामिल है। कुछ एप्स रोजमर्रा के कामों को सरल बनाते थे। वही टिक टॉक इस्तेमाल कर रहे लोगों को इससे बड़ा सदमा लगा है लोगों ने रोते हुए टिक टॉक को बैन करने की खबर अपने फैंस को दी है। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि यह ऐप भले ही चीनी थे लेकिन इनके ऑफिस भारत में है और इसमें हजारों लोग काम करते हैं ऐसे में जब एप्स पर बैन लग गया है तो इन सभी का रोजगार भी छिन गया है। भारत में वैसे ही बेरोजगारी अपने चरम पर है। लॉकडाउन के दौरान लोगों के रोजगार छीन गए हैं ऐसे में इन एप्स पर बैन लगने से लाखों लोगों के घरों पर संकट आ जाएगा या यूं कह लीजिए कि संकट आ चुका है। एक बात जो सभी को सता रही है कि क्या एप्स हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे इसका जवाब है ऐसा हो सकता है और नहीं भी। यह सभी कुछ समिति तय करेगी समिति को एप्स की तरफ से सहमति और असहमति के तर्क दिए जाएंगे उसके बाद ही कुछ निर्णय आ आएगा। वैसे मद्रास हाई कोर्ट ने भी टिकटॉक पर बैन लगा दिया परंतु बाद में बैन हटा दिया गया।


चीन को मात्र TikTok के बैन होने से ही 6 अरब डॉलर का नुकसान


राज एक्सप्रेस। जैसा की सभी जानते है भारत की मोदी सरकार द्वारा चीन की 59 एप को भारत में बैन कर दिया गया है। जिससे चीन को बड़ा झटका लगा है और चीन की बौखलाहट अलग ही नजर आ रही है। इतना ही नहीं भारत सरकार द्वारा इन ऐप को बैन कर जो वर्चुअल स्ट्राइक की गई है उससे चीन को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। इस बात का अंदाजा चीन की बौखलाहट और सचेत रहने की खुली चेतावनियों से लगाया जा सकता है। इस नुकसान से जुडी जानकारी ग्लोबल टाइम्स से सामने आई है।

ग्लोबल टाइम्स के अनुसार :

दरअसल, भारत सरकार द्वारा बैन की गई 59 ऐप्स में एक मुख्य ऐप TikTok भी शामिल है। जिसके पूरे भारत में करोड़ो यूजर्स थे।

वहीं, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, चीन को मात्र TikTok के बैन होने से ही 6 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है। बताते चलें, चीनी अखबार ग्लोबाल टाइम्स ने अपने ट्वीटर पर ट्वीट में बताया है कि, "TikTok एप के बैन होने से कंपनी की संस्थापक कंपनी बाइट डांस को 6 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ सकता है।" बताते चलें नुक्सान का यह आंकड़ा मात्र एक एप TikTok का है। सोचिए बाकि की 58 एप के बन से चीन को कितना बड़ा नुकसान हुआ होगा।

अन्य दूसरा नुकसान :

बताते चलें मोदी सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से चीन की कंपनियों को आर्थिक नुकसान तो हुआ ही है। साथ ही उन्हें भारत से प्राप्त होने वाले डाटा का भी नुकसान हुआ है। दरअसल, यह ऐप न केवल भारतीयों से चीन को आर्थिक फायदा देती थी बल्कि भारत के यूजर्स के डाटा की जासूसी कर चीन की सरकार को भारत का डाटा भी उपलब्ध कराती थी। चीनी कंपनियों के बीच डाटा का भी एक बड़ा व्यापर होता है।

चीन की बौखलाहट :

बताते चलें, हाल ही में चीन ने अपनी बौखलाहट दिखाते हुए भारतीय न्यूज वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया था। जिसके बाद से चीन में एक्सप्रेस VPN पर iPhone और डेस्कटॉप पर भारतीय वेबसाइट्स ने काम करना बंद कर दिया हैं। बताते चलें, चीन में न केवल भारत की वेबसाइट हीबैन है बल्कि वहां गूगल और फेसबुक पर भी बैन लगा हैं। जिससे इन्हे भी चीनी यूजर्स इस्तेमाल नहीं कर सकते है।

जब से सरकार ने 59 पॉप्युलर चाइनीज ऐप्स को बैन किया है

नई दिल्‍ली। जब से सरकार ने 59 पॉप्युलर चाइनीज ऐप्स को बैन किया है, तब से ही लोगों के मन में एक सवाल आ रहा है कि आखिर PubG Mobile और Zoom को बैन क्यों नहीं किया गया है। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि जब चीन के लगभग हर पॉप्युलर ऐप्स को बैन किया गया है, तो इसे क्यों छोड़ दिया गया।

सावल के जवाब
पबजी यानी प्लेयर अननोन बैटलग्राउंड्स भारत के लोकप्रिय गेम में से एक है। ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि ये चीनी गेम हैं। जबकि ये पूरी तरीके से सच नहीं है। इस गेम को दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी ब्लूहोल ने वर्ष 2000 में आई जापानी फिल्म बैटल रॉयल से प्रेरित होकर बनाया है।

जिसके कुछ दिनों बाद चीन की सबसे बड़ी गेमिंग कंपनी टेंसेंट गेम्स ने इसमें हिस्सा खरीद लिया। जिसके बाद वो इसके मोबाइल वर्जन को बाजारों में लेकर आई। इस तरह देखा जाए तो पबजी गेम की मालिकी मिक्स है और इसे पूरी तरह से चीनी एप नहीं कहा जा सकता है।

अब बात अगर जूम एप की जाये तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जूम चीनी नहीं बल्कि अमेरिकन एप है। इस एप के संस्थापक Eric Yuan हैं, जिनका जन्म चीन में हुआ था। हालांकि, वह मूल रूप से अमेरिकन नागरिक हैं। यही वजह है कि जूम एप पर बैन नहीं लगाया गया है।

Saturday, June 27, 2020

आखिर क्यों नहीं आ रही अब गैस सिलेंडर की सब्सिडी, जानिए पूरा मामला



नयी दिल्ली। पिछले एक साल में कच्चे तेल की कीमतों में 40 फीसदी की गिरावट आई है। मगर इसी अवधि में कुकिंग गैस के दाम 20 फीसदी बढ़े हैं। कुकिंग गैस के शुद्ध दामों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी होने से बहुत से ग्राहकों की कुकिंग गैस की सब्सिडी जीरो हो गई है। कुछ ग्राहकों को अभी भी बहुत छोटी सब्सिडी राशि मिल रही है, क्योंकि उनके लिए अंतिम कीमत स्थानीय परिवहन लागत पर निर्भर करती है। सब्सिडी खत्म होने के 2 बड़े कारण हैं, जिनमें सब्सिडी वाले ग्राहकों के लिए शुद्ध मूल्य में मासिक वृद्धि और वैश्विक दरों में हाल ही में आई गिरावट शामिल है। केरोसिन सब्सिडी मार्च से ही खत्म हो गई है। अब लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) पर सब्सिडी खत्म होना सरकार के लिए एक राहत की बात है, क्योंकि अर्थव्यवस्था पर पड़े महामारी के दबाव से इसकी इनकम प्रभावित हुई है।

कहां पहुंचे सिलेंडर के दाम

दिल्ली में सब्सिडी वाले 14-किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत पिछले साल जून में 497 रुपये से बढ़ कर 593 रुपये हो गई। दिल्ली में किसी ग्राहक के लिए सब्सिडी इसी अवधि में 240 रुपये से गिर कर शून्य रह गई है। हालांकि अगर एलपीजी की लागत बढ़े तो इसमें बदलाव हो सकता है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक मई और जून के लिए सब्सिडी नहीं मिलेगी। फ्यूचर में एलपीजी कीमतों में बदलाव आने पर सब्सिडी तदनुसार समायोजित की जाएगी।
किसे मिल रही है सब्सिडी

ऐसा नहीं है कि किसी को भी सब्सिडी नहीं मिल रही है। बल्कि उन लोगों को बहुत कम यानी 10-12 रुपये की सब्सिडी मिल रही है, जो उच्च मार्केल प्राइस का भुगतान कर रहे हैं। असल में शुल्क के साथ रसोई गैस की कीमतें बदलती रहती हैं। देश के कुल 28 करोड़ एलपीजी ग्राहकों में से लगभग 1.5 करोड़ ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलती है और अन्य 8 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थी हैं। 2019-20 में सरकार की तरफ से दी गई रसोई गैस सब्सिडी 22,635 करोड़ रुपये थी, जबकि उससे पिछले वर्ष ये 31,447 करोड़ रुपये थी।

क्या है सब्सिडी का खेल

एक साल में एलपीजी रिफिल का बाजार मूल्य 737.5 रुपये प्रति सिलेंडर से घट कर 593 रुपये हो गया है, जिसके पीछे कारण कोरोनोवायरस महामारी के चलते मांग में भारी गिरावट की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट है। बता दें कि एलपीजी कच्चे तेल से प्राप्त होती है। इसी दौरान सरकार के निर्देश पर सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 96 रुपये बढ़ कर 593 रुपये हो गई हैं। सरकारी कंपनियों ने अगस्त से सभी ग्राहकों के लिए हर महीने कीमतें बढ़ाई हैं। उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन प्राप्त करने वाले ग्राहकों के लिए अगस्त में 8 रुपये की वृद्धि हुई, जबकि अन्य के लिए 29 रुपये की वृद्धि हुई। तब से उज्जवला ग्राहकों के लिए रिफिल की दरें भी बढ़ रही हैं।

Friday, June 26, 2020

सरकार ने खत्म की बिजली सब्सिडी, 125 यूनिट से ज्यादा खर्च करने पर कटेगी जेब

नई दिल्ली: अगर आप हिमाचल प्रदेश में रहते हैं और स्विच ऑफ करना भूल जाते हैं, हमारा मतलब है कि अगर आप उन लोगों शुमार होते हैं जो बेतहाशा बिजली का इस्तेमाल ( Electricity Consumption )करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। जी हां हिमाचल प्रदेश सरकार ( Himachal pradesh govt ) ने ऐसे लोगों के लिए बिजली उपभोग पर दी जाने वाली सब्सिडी ( Subsidy ) खर्च करने का फैसला किया है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ( himachal govt ) ने महीने में 125 यूनिट से अधिक बिजली खपत ( Electricity Consumption ) करने वालों के लिये सब्सिडी घटाने ( Subsidy Reduced ) का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अगर आप 125 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत ( Consumption of Electricity )करेंगे तो आपको इसके लिए ज्यादा बिजली का बिल ( Electricity Bill ) देना होगा।
मात्र 11 फीसदी उपभोक्ता करते हैं 125 यूनिट बिजली का इस्तेमाल-
सरकार का कहना है कि केवल 18 प्रतिशत उपभोक्ता यानि 11 लाख उपभोक्‍ताओं जो जो 125 यूनिट प्रति महीने से कम बिजली खपत करते हैं, ही 450 करोड़ रुपये की सालाना सब्सिडी का इस्तेमाल करते हैं...बाकी 82 प्रतिशत सब्सिडी 9 लाख ऐसे ग्राहकों को मिलती है जो आवश्यकता से अधिक बिजली इस्तेमाल करते हैं । ऐसे सरकार के सब्सिडी खत्म करने के फैसले को तकसंगत माना जा सकता है।
सरकार को होगी 100 करोड़ रूपए की बचत-
बिजली विभाग ( Electricity Dept ) के मुताबिक प्रदेश में लगभग 4 लाख उपभोक्ता ( consumer ) हर महीने 125 से 200 यूनिट बिजली खपत करते हैं। ऐसे कस्टमर्स के बिजली के बिल में 40 से 113 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसी तरह अगर आप 200 से अधिक यूनिट बिजली खर्च करेंगे तो बिजली बिल ( Electricity Bill ) भी उसी तरह से बढ़ता रहेगा। एक अनुमान है कि इस तरह से राज्य सरकार को सलाना करीब 100 करोड़ रुपये की बचत होगी।

ऑटो चालक ने लड़की को दी थी 3 दिन की पनाह, 6 साल बाद जब दोनों मिले तो नहीं थमें आँसू



इस ऑटो चालाक का नाम है दिवाकर हंसमुख , दिन ढलने के बाद जब वह अपने घर आ रहे थे तब उन्हें अपने घर के करीब किसी के रोने की आवाज आयी जब उन्होंने वहां जाकर देखा तो एक लड़की रो रही थी।उम्र लगभग 16 साल ऑटो चालक उनके पास गए और उनसे पूछा की वो क्यों रो रही है तो वो लड़की दिवाकर के सीने से लगक रोने लगी। दिवाकर उस लड़की को अपने घर ले गए, उसे रोटी खिलाई और उस से पूछा की वो क्यो रो रही थी। यहां पर कहा से और कैसे आई।
तब उस लड़की ने बताया कि वो दिल्ली की रहने वाली हैं। उसने खुद का नाम आरती वर्मा, पिता का नाम रोशन लाल वर्मा बताया। उसने यह भी बताता कि वो दसवीं में पढ़ती हैं और उनके मामा ने उसे फिल्म का झासा देकर बेच दिया। लेकिन वो वहां से जैसे तैसे कर निकल आई। लड़की ने बताया की उस ने दो दिन से कुछ नहीं खाया था। दिवाकर 3 दिन बाद उस लड़की को उसके घर छोड़ आया।
इसके 6 साल बाद दिवाकर का एक एक्सीडेंट हो गया। उस एक्सीडेंट में उनका पैर टूट गया और आॅटो भी किसी काम का नही रहा इस वजह से उनका रोटी के लिए पैसे जुटाना कठिन काम हो गया। जब पैर थोडा ठिक हुआ तो वो रोजगार की तलाश में वो दिल्ली आ गया। यहां आकर वह रिक्शा चलाने लगा। एक बार जब दिवाकर एक ढाबे में खाना खा रहे थे। तब उन्होंने देखा की एक लड़की अपने लम्बे कदमों से ढ़ाबे से बाहर आयी। देखते ही दिवाकर ने उसे पहचान लिया,
ये लड़की वही थी आरती वर्मा उसने दिवाकर से उसके पैर व रिक्साा के बारे में और यह भी पुछा यहां दिल्ली में कैसे। उसके बाद दिवाकर ने अपनी कहानी बताई। दिवाकर अपने बारे में बताते और अारती को सुनते दोनो के आंखो में आंसू थे। फिर दोनो ने एक साथ भोजन किया। आपको बाता दे कि इसके बाद यह लड़की हर वर्ष दिवाकर के घर जा कर उन्हें राखी बांधती हैंं। वो उन्हें अपने भाई की तरह मानती है जिस ने उन्हें बचाया था।

भारतीय बंदगाहों पर अटका चीन का माल, लेकिन घबरा रही हैं अमेरिकी कंपनियां


भारत और चीन के संबंध इस समय तनावपूर्ण चल रहे हैं जिसके आधार पर भविष्य में चीन से होने वाले आयात में कमी होना तकरीबन तय माना जा रहा है। भारत के दो बंदरगाहों मुंबई और चेन्नई में चीन से आने वाले माल को अभी तक क्लियर नहीं किया गया है। इसे नॉन टैरिफ बैरियर्स भी कहा जाता है। हालांकि कस्टम विभाग से इस माल को क्लियर नहीं करने की कोई वजह नहीं बताई गई है। लेकिन भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने वाली अमेरिकी कंपनियों के चीन से आने वाले कच्चे माल के मुंबई और चेन्नई बंदरगाहों पर अटकने की वजह से अमेरिकी कंपनियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
चीन द्वारा एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर तनाव बढ़ाने की वजह से भारत और चीन में संघर्ष उत्पन्न हुआ है जिससे भारत में चीन के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा पनप रहा है। लेकिन इस संघर्ष और गुस्से का खामियाजा भारत में मैन्युफैक्चरिंग कर रही अमेरिकी कंपनियों को उठाना पड़ रहा है क्योंकि इन कंपनियों को लगने वाला कच्चा माल चीन से भारत आता है जिसकी राह में कई अड़चनें आ रही हैं। इसलिए इस कंपनी के प्रतिनिधियों ने वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिख कर अपनी चिंता जाहिर की है।
मुंबई और चेन्नई बंदरगाह पर चीन से आनेवाला माल बड़ी मात्रा में पड़ा हुआ है। इस बारे में कस्टम विभाग ने ऐसे संकेत दिये हैं कि देश के कुछ बंदरगाहों विशेष रूप से चेन्नई और मुंबई बंदरगाह पर चीन से आये हुए माल को क्लियर करने में थोड़ा विलंब हो सकता है। परंतु इसके लिए कस्टम विभाग ने कोई कारण नहीं बताया है।
महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक अमेरिका-भारत नीतिगत भागीदारी फोरम ने वाणिज्य मंत्रालय को अपनी चिंता से अवगत कराया है। इस फोरम के द्वारा भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने वाली अमेरिकी कंपनियों का प्रतिनिधित्व किया जाता है। इन अमेरिकी कंपनियों को लगनेवाला कच्चा माल चीन से आता है। भले ही न्यूनतम स्तर पर हो पंरतु बंदरगाहों पर काम जल्दी शुरू होना चाहिए ऐसी मांग इस फोरम ने की है। चीन से आये हुए माल में टेलीकम्युनिकेशन, ऑटो, मेडिकल उपकरण और थोक माल शामिल है।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने वाली करीब 50 अमेरिकी कंपनियों का माल इसमें शामिल है। कुछ अमेरिकी दूरसंचार कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग करती हैं लेकिन इसके लिए लगनेवाला कच्चा माल चीन से मंगाना पड़ता है। सरकार ने इस बारे में कोई भी स्पष्ट सूचना दिये बगैर माल बंदरगाहों पर रोके जाने से पारदर्शिता पर अमेरिकी कंपनियों ने प्रश्नचिन्ह लगाया है और कहा है यह कारोबार लिए खतरा है। इसका भारत में होने वाली मैन्युफैक्चरिंग पर बुरा असर होगा और विदेशी निवेश पर भी इसका असर पड़ेगा।

चौथी शादी रचाने चले 65 साल के अब्बा, घर में बैठी तीन कुंवारी बेटियां पहुंचीं SSP ऑफिस


बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक अजब-गजब घटना सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी हैरान और परेशान हो जाएंगे। दरअसल, यहां 65 साल के व्यक्ति ने दो पत्नियों का इंतकाल होने के बाद 25 साल की युवती से तीसरी शादी की। अब वह चौथी शादी करने की फिराक में है, जबकि घर में तीन जवान बेटियां हैं। चौथी शादी करने की खबर उसकी बड़ी बेटी को मिल गई, जिसके बाद वह एसएसपी बरेली ऑफिर पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की।

चौथी शादी करने की खबर मिलते ही उसकी बड़ी बेटी एसएसपी ऑफिस पहुंच गई और कहा कि उसके पिता की हरकतों पर लगाम लगाए। आपको बता दें कि यह पूरा मामला बरेली जिले के बारादरी थाना क्षेत्र का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 जून को एसएसपी दफ्तर में शिकायत करने पहुंची चक महमूद की युवती ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। वह तीन बहनें और दो जवान भाई हैं। उनकी मां से पहले उनकी सौतेली मां की भी मौत हो चुकी है।

पिता की उम्र 65 साल है, अब उन्होंने बिहार की 25 साल की महिला से शादी कर ली है। पिता अब चौथी शादी करने की कोशिश में हैं। आरोप लगाया कि पिता उसकी और बाकी बहन-भाइयों की शादी नहीं कर रहे हैं। संपत्ति में भी हिस्सा नहीं दे रहे हैं। वहीं, शिकायतें सुन रहीं सीओ टू सीमा यादव ने बारादरी इंस्पेक्टर को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जहां एक तरफ पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। वहीं मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बन गया है।

मजदूर से मोदी ने पूछा- मुझे क्या दोगे? जवाब मिला- आप पूरी जिंदगी PM रहें


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान' की शुरुआत कर दी है. इसका मकसद प्रवासी कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा. पीएम मोदी ने एक साथ सवा करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया.

इस अभियान को लॉन्च करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कई लाभार्थियों के साथ संवाद किया. पीएम मोदी ने गोंडा की विनिता से बात की. इस दौरान विनिता ने बताया कि उन्होंने कई महिलाओं के साथ मिलकर एक समूह बनाया है. हमें प्रशासन की ओर से सूचना मिली थी, जिसके बाद हमने ये काम शुरू किया. इसके बाद नर्सरी शुरू की और अब एक साल में 6 लाख रुपये की बचत होती है.

इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने बहराइच के तिलकराम से बात की, जो खेती करते हैं. पीएम ने कहा कि पीछे बहुत बड़ा मकान बन रहा है, इसके बाद किसान ने कहा कि ये आपका ही है. ये आवास योजना से हमें फायदा मिला. तिलकराम ने बताया कि पहले झोपड़ी में थे लेकिन अब मकान बन रहा है तो परिवार काफी खुश हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपको मकान मिला है, लेकिन मुझे क्या दोगे. जवाब में किसान ने कहा कि हम दुआ करते हैं कि आप पूरी जिंदगी पीएम रहें. इस पर पीएम मोदी हंसने लगे. उन्होंने कहा कि मुझे क्या दोगे. फिर पीएम मोदी ने कहा कि आप अपने बच्चों का खूब पढ़ाओ. आप हर साल मुझे चिट्ठी लिखें और बच्चों की पढ़ाई के बारे में बताएं.

देश का सबसे बड़ा रोजगार कार्यक्रम

देश का यह सबसे बड़ा रोजगार कार्यक्रम है, जिसे दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऑनलाइन माध्यम से लाभार्थियों से मुखातिब हुए. एक दिन में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी और रोजगार देने वाली यह सबसे बड़ी संख्या है, जिसमें प्रवासी और स्थानीय लोग शामिल हैं.

इसमें दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन माध्यम से उत्तर प्रदेश के 6 जिलों के लाभार्थियों से बात भी कर रहे है. जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ से इस कार्यक्रम के जरिये लाभार्थियों से बात कर रहे हैं.

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे ऑयल की कीमतों मे आई गिरावट, जाने पेट्रोल-डीज़ल के नए दाम

देश में फैले कोरोना संक्रमण से आम आदमी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे ऑयल की कीमतें गिरने का लाभ भी घरेलू स्तर पर लोगों को नहीं मिल रहा है।

शनिवार को फिर से देश की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी HPCL, BPCL, IOC ने लगातार 14वें दिन (Petrol, diesel prices hiked for 13th day in a row) पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel Price Today) की कीमतों को बढ़ा दिया है। इस दौरान पेट्रोल 7.60 रुपए प्रति लीटर व डीजल 8.28 रुपए प्रति लीटर महंगा हो चुका है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार को पेट्रोल की नयी मूल्य 78.88 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो बीते शुक्रवार को 78.37 रुपए प्रति लीटर थी। दिल्ली में डीजल की मूल्य में भी 61 पैसे की बढ़ोतरी हो गई है व नयी मूल्य 77.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, इस दौरान पेट्रोल की कीमतों में 51 पैसे बढ़ोतरी हुई है।
पेट्रोल-डीज़ल के नए दाम (Petrol Diesel Price on 19th June 2020)-

दिल्ली
पेट्रोल के दाम 78.88 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 77.67 रुपए प्रति लीटर

नोएडा
पेट्रोल के दाम 79.90 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 70.33 रुपए प्रति लीटर

लखनऊ
पेट्रोल के दाम 79.79 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 70.25 रुपए प्रति लीटर

गुरूग्राम
पेट्रोल के दाम 77.14 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 70.20 रुपए प्रति लीटर

मुंबई
पेट्रोल के दाम 85.70 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 76.11 रुपए प्रति लीटर

कोलकाता
पेट्रोल के दाम 80.62 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 73.07 रुपए प्रति लीटर

चेन्नई
पेट्रोल के दाम 82.27 रुपए प्रति लीटर
डीज़ल के दाम 75.29 रुपए प्रति लीटर

इस तरह अपने शहर में चेक करें पेट्रोल-डीजल के भाव
पेट्रोल-डीजल के भाव प्रतिदिन बदलते हैं व प्रातः काल 6 बजे अपडेट हो जाते हैं। पेट्रोल-डीजल का रोज़ का रेट आप SMS के जरिए भी जान सकते हैं (How to check diesel petrol price daily)। वास्तव में अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के भाव चेक करने के तीन ढंग हैं: आप आयल मार्केटिंग कंपनियों के पंप लोकेटर की मदद से भाव पता कर सकते हैं। फ्यूल@आईओसी एप डाउनलोड करें। 92249 92249 पर एक एसएमएस भेजकर भाव पता करें।

युवती एचआईवी पीड़ित, बरात लेकर लौटा दूल्हा

मंझनपुर (कौशाम्बी)। जिले के एक कस्बे में सोमवार रात एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान हंगामा हो गया। दूल्हे को पता चला कि उसकी होने वाली बीवी एचआईवी पीड़ित है तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बरात लेकर वापस लौट गया। दोनों पक्षों ने इस दौरान खर्च हुई रकम को एक-दूसरे को देने की शर्त पर समझौता कर लिया है।
प्रयागराज के एक युवक की शादी करारी कस्बे में तय हुई थी। सोमवार रात बरात आई। बरात में दूल्हे का एक रिश्तेदार चिकित्सक भी था। चिकित्सक ने यहां आने के बाद वधू के परिजनों से मुलाकात की तो चौंक गया। चिकित्सक का कहना था कि वधू की तबीयत काफी दिनों से खराब चल रही थी। इलाज वही कर रहा था। पखवाड़े भर पहले जांच कराई गई तो वह एचआईवी संक्रमित निकली। इसकी रिपोर्ट भी चिकित्सक ने देने का दावा किया। चिकित्सक ने यह बात दूल्हे तथा उसके परिवारीजनों को बताई तो सभी बिफर पड़े। दूल्हे ने शादी करने से मना कर दिया। इसे लेकर हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच घंटों पंचायत चली। अंत में यह निर्णय हुआ कि दोनों पक्ष एक-दूसरे का खर्च दे देंगे। इसी के साथ बरात बिना दुल्हन के लौट गई। मामले में कोतवाल का कहना है कि मामले में किसी ने शिकायत नहीं की है, यदि तहरीर मिली तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

Thursday, June 25, 2020

लगातार 18 दिन तक हचक कर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के बाद अब सरकार ने ये कहा है


देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है. 24 जून को लगातार 18वें दिन तेल के दाम बढ़े. दिल्ली में पहली बार ऐसा हुआ है कि डीजल की कीमत पेट्रोल से अधिक हो गई. पिछले 18 दिनों में डीजल की कीमत में 10.48 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पेट्रोल भी 8.50 रुपये महंगा हुआ है. सरकार ने बुधवार 24 जून को कहा कि अब घरेलू बाजार में तेल कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी, जब तक कि अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत नहीं बढ़ती है.

क्या कहा अधिकारी ने?

से बातचीत में तेल और गैस मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों में वृद्धि हुई है. लेकिन अब लगभग सभी चीजों को इसमें शामिल कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि वे कीमतों में किसी भी तरह की महत्वपूर्ण वृद्धि की उम्मीद नहीं करते, जब तक कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें न बढ़ें. क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतें अप्रैल के मध्य में 20 डॉलर के स्तर तक चली गई थीं. लेकिन अब 40 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई हैं. कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं. इस महीने अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी उसी का नतीजा है.

भारत ने 2017 में रोजाना के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करने का फैसला किया था. जून, 2017 में पूरे देश में इस फैसले को लागू कर दिया गया था. लेकिन इस साल मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद रोजाना होने वाली बढ़ोतरी को रोक दिया गया था.

क्यों लगातार बढ़ी कीमत?

इस बारे में अधिकारी ने कहा-

आप पारदर्शी नहीं होने के लिए हमारी आलोचना कर सकते हैं. लेकिन हमारे तर्क को समझें. हम लॉकडाउन के दौरान कीमतों में वृद्धि नहीं करना चाहते थे, क्योंकि केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति थी. ऐसा करना हमारे कोरोना योद्धाओं पर एक अनावश्यक बोझ होता. इसके अलावा, सड़क पर इतने कम वाहन थे कि उसका कोई फायदा नहीं होता. इसलिए कीमतों में संशोधन को तब तक के लिए स्थगित कर दिया गया था, जब तक कि अर्थव्यवस्था के अनलॉक होने का समय शुरू नहीं हो हो गया. अब जब अनलॉक हो चुका है तो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है.

कांग्रेस देशभर में करेगी विरोध

कांग्रेस पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेगी. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह आंदोलन किया जाएगा. हालांकि अभी आंदोलन की तारीख का फैसला नहीं हुआ है. लेकिन जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी.

सरकार ने एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी, क्या इसलिए पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं?