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Wednesday, July 15, 2020

नपुंसक कहने पर उन्होंने गुस्से में आकर आदित्य की मर्डर कर दी


ग्रेटर नोएडा की गौड अतुल्यम सोसाइटी में रहने वाले कारोबारी आदित्य सोनी की मर्डर के के मुद्दे में आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नपुंसक कहने पर उन्होंने गुस्से में आकर आदित्य की मर्डर कर दी थी व मृत शरीर को ठिकाने लगाने के लिए नहर में फेंक दिया था.

डीसीपी ग्रेटर नोएडा राजेश सिंह ने बताया कि कारोबारी आदित्य की मर्डर के आरोपी पंकज व देव को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर कारागार भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि आदित्य ने मजाक में आरोपी देव को नपुंसक कह दिया था, जिसके बाद उनमें झगड़ा हुई व उन्होंने आदित्य की डंडे से पिटाई कर दी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए.

इसके बाद आरोपियों ने पुलिस द्वारा पकड़े जाने के भय से आदित्य की गला दबाकर मर्डर कर दी थी व मृत शरीर को दनकौर के पास नहर में फेंक दिया था. उसके बाद आदित्य के घर पहुंचकर दुख प्रकट करते थे.

आरोपियों ने घटना के बाद उसकी कार को सूरजपुर पुलिस चौकी के पास ले जाकर खड़ा कर दिया था. आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए पूरी योजना तैयार की थी, लेकिन वह पुलिस के चंगुल से बच नहीं सके.

गौरतलब है कि बीते दिनों ग्रेटर नोएडा से गायब हुए फैक्ट्री मालिक की मर्डर का मुद्दा सामने आया था. पुलिस का दावा है कि फैक्ट्री मालिक की मर्डर उसके ही तीन दोस्तों ने की थी. पुलिस ने घटना में शामिल दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक फैक्ट्री मालिक का मोबाइल फोन, सोने की चेन आदि सामान बरामद किया है.

फैक्ट्री मालिक आदित्य सोनी 5 जुलाई को दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे. इस विषय में आदित्य की मां ने कासना कोतवाली में आदित्य की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. पुलिस ने मामनले की जांच-पड़ताल प्रारम्भ की तो पता चला कि आदित्य को उसके दोस्तों के साथ देखा गया था. पुलिस ने जब संदेह के आधार पर आदित्य के दो दोस्त देव व पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपियों ने हकीकत उगल दिया. आरोपी देव व पंकज दोनों सगे भाई हैं व दोनों उसी सोसाइटी में रहते हैं, जिसमें आदित्य रहता था, जिसके चलते इनके बीच दोस्ती हुई थी.

50 हजार के इनामी शशिकांत की पत्नी की एक और ऑडियो क्लिप कानपुर के बिकारू गांव में हुई गोलीबारी में मौजूद है।


कानपुर: पिछले कुछ दिनों से कई मामले सामने आ रहे हैं। हर दिन अलग-अलग तरह की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश से भी एक मामला सामने आया है। 50 हजार के इनामी शशिकांत की पत्नी की एक और ऑडियो क्लिप कानपुर के बिकारू गांव में हुई गोलीबारी में मौजूद है। इस ऑडियो क्लिप में शशिकांत की पत्नी मनु अपने भाई से बात कर रही है।

पूरी ऑडियो क्लिप में, मनु पुलिस जांच से बचने के लिए बार-बार मोबाइल ठिकाने लगाने की बात कर रहा है। आरोपी के ऑडियो क्लिप में आरोपी शशिकांत की पत्नी मनु अपने भाई से कहती है कि सभी को यह नंबर डिलीट कर देना चाहिए। मनु पुलिस को गुमराह करने की बात कर रहा है। मनु अपने भाई को आगे बताता है कि कल्लू को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसने सिम तोड़ने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल नहीं खुल सका।

आप लोग इस नंबर को डिलीट कर दें। वह बार-बार नंबर डिलीट करने की बात कह रही थी।

शशिकांत की पत्नी मनु अपने भाई से कहती है कि अगर पुलिसकर्मी पूछताछ करें तो एक बार खांसी दें। यह नंबर जिसके पास भी है उसे डिलीट कर दें। मोबाइल नहीं खोल सकता। मैं अपना मोबाइल दफनाने जा रहा हूं। मेरे सभी नंबरों को हटा दें। हमने सिम तोड़कर चबाया है। इतना ही नहीं, मनु के भाई को यह कहते हुए भी सुना जाता है कि वह सब कुछ जानता है, कौन छिपा रहा है। इससे पहले शशिकांत की पत्नी का एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें शशिकांत की पत्नी मनु साफ कह रही थीं कि विकास भैया ने पुलिसवालों की हत्या कर दी है, लाश दरवाजे-आंगन में पड़ी थी। अब पुलिस इसकी जांच में जुटी है।

विकास दुबे की मौत के बाद उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं


विकास दुबे की मौत के बाद उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बुधवार को विकास दुबे का एक और सामने आया है। इसमें वह किसी शादी में गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किसकी शादी का वीडियो है लेकिन दुल्हन विकास दुबे को मामा कह रही है। ऐसे में अंदाज लगाया जा रहा है कि यह किसी विकास के खास रिश्तेदार की शादी का ही वीडियो होगा।

हालांकि कुछ लोग इस वीडियाे को प्रभात की शादी से जोड़कर देख रहे हैं। प्रभात विकास दुबे का सबसे खास गुर्गा था और उसकी शादी 29 जून को ही हुई थी। बताया जा रहा था कि विकास ने ही यह शादी करवाई थी। लेकिन उस समय यह बात सामने आई की लड़की वाले इस शादी से खुश नहीं है, विकास ने जबरदस्ती शादी करवाई है।

लेकिन आज जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें दुल्हन काफी खुश दिख रही है इसलिए पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह प्रभात दुबे की शादी का वीडियो नहीं है।

एक के बाद एक कई ऑडियो भी हुई वायरल

विकास दुबे के ममरे भाई शशिकांत पांडेय की पत्नी मनु उर्फ पिंकी की तीन कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। साक्ष्य छिपाने और आरोपितों का सहयोग देने में उसकी भूमिका पर पूछताछ शुरू कर दी है। बिकरू कांड के अगले ही दिन पुलिस ने विकास के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय को एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बेटे शशिकांत पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जांच के दौरान उसकी पत्नी पिंकी के मोबाइल से कई अहम साक्ष्य मिले हैं। कॉल रिकॉर्डिंग से साफ हुआ है कि वारदात के बाद उसने पति की मदद की और साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया। झूठ बोलकर लगातार पुलिस को गुमराह करती रही। इसके चलते चौबेपुर पुलिस ने मनु को हिरासत में लिया है। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है।

मनु के घर में हुई थी सीओ की हत्या
पुलिस का कहना है कि बिकरू में हमला होने पर सीओ देवेंद्र पाण्डेय बाउंड्री फांदकर शशिकांत के घर में कूद गए थे। वहां मौजूद मनु और उसकी सास के शोर मचाने पर ही विकास के गुर्गों ने अंदर जाकर सीओ की निर्मम हत्या कर दी थी।

Tuesday, July 14, 2020

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिकरू गांव के नरसंहार में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं


कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिकरू गांव के नरसंहार में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं. इसमें पता चला है कि दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों को बड़ी बेदर्दी से मारा था.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि CO देवेंद्र मिश्रा समेत सभी पुलिसकर्मियों की हत्या करने के लिए धारधार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया. पुलिसकर्मियों को सिर्फ मारना ही नहीं बल्कि बदला लेने का मकसद दिखाई पड़ता है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक CO देवेंद्र मिश्रा को 4 गोली मारी गईं जिसमें से तीन उनके शरीर से आर-पार हो गई. 1 गोली उनके सिर में, एक छाती में और 2 पेट में लगी थी.

इसके अलावा विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा को गोलियां मारने के बाद उनके पैर को भी काट दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सभी गोलियां प्वाइंट ब्लैंक रेंज से मारी गईं.

इसके अलावा 3 पुलिसकर्मियों के सिर पर और 1 के चेहरे पर गोली मारी गई. सभी 8 पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये साफ होता है कि बेहद बेरहमी से सभी की हत्या की गई.

कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सिपाही सुल्तान को दो गोलियां मारी गईं. अन्य पुलिसकर्मियों को आठ से दस गोलियां मारी गईं जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर शरीर पर गोलियों के निशान देखकर दंग रह गए. पुलिसकर्मियों के सिर, चेहरे, हाथ, पैर, सीने और पेट में गोलियां लगीं. वहीं सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र के चेहरे पर एक गोली लगने से वाइटल ऑर्गन बाहर आ गया और उन्होंने तुरंत दम तोड़ दिया.

डॉक्टरों के अनुसार यही हाल अन्य पुलिसकर्मियों का भी हुआ होगा. ज्यादातर गोलियां शरीर के शरीर के पार हो गईं. तीन पुलिसकर्मियों के शरीर में गोलियों के टुकड़े मिले जो हड्डियों से टकराने से कई टुकड़ों में बंट गए.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर पुलिस हत्याकांड में विकास दुबे और उसके साथियो ने रायफल से गोलियां चलाईं. पोस्टमार्टम के दौरान मिले गोलियों के टुकड़ों को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा.

विकास दुबे की दहशत उसने पिछले 20 साल से नये कपड़े ही नहीं पहने


लखनऊ: विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ ही उसकी दहशत भी ख़त्म हो गयी है। गाँव के लोग इससे काफी खुश नजऱ आ रहे हैं। कई गांव वाले खुलकर सामने आये और उसकी गुंडागर्दी की कहानियां भी सुनाई। कई गाँव वालों को कहना है कि विकास दुबे की दहशत बिकरू गाँव में इस कदर थी कि गाँव के लोग कोई भी बड़ा जलसा करने में भी डरते थे। कईयों ने तो उसकी तुलना शोले के गब्बर से भी कर दी, गाँव वालों का कहना था कि अगर गाँव में कोई बड़ा जलसा होता था तो वो आकर उसे रुकवा दिया करता था।

20 साल से नहीं पहने नये कपड़े

गांव वालों के मन से विकास दुबे के डर को ख़त्म करने के लिए पुलिस वालों ने बिकरू गांव में एक चौपाल लगायी, जिसमें सभी को अपने दिल की बात कहने की खुली छूट थी।

इस मौके पर एक बुजुर्ग ने बताया कि उसने पिछले 20 साल से नये कपड़े ही नहीं पहने। जिसकी वजह उसने विकास दुबे का खौफ बताया।

विकास दुबे की मौत के बाद नयी शर्ट खरीदी

बुजुर्ग ने विकास दुबे के खौफ को बयान करते हुए बताया कि 20 साल पहले एक दिन जब वह नये कपड़े पहनकर निकला तो विकास ने उसे जमकर पीटा था । जिसके बाद से उसने कभी नये कपड़े नहीं पहने। लेकिन उन्होंने कहा कि विकास दुबे की मौत के बाद ही उन्होंने एक नयी शर्ट खरीदी है और जल्द पहनेंगे।

डर के मारे छोड़ दिया गांव

बिकरू गांव के 65 वर्षीय विजय ने बताया कि विकास दुबे ने उसका जीना हराम कर दिया था। गांव की सभी राशन की दुकानों पर पर मुझे राशन देने से मना कर दिया था और कभी सामने देख लेता तो खूब गाली देता और कभी कभी मारता भी था। जिसके कारण मुझे गांव छोड़ना पड़ा। मैंने चार महीने पहले गांव छोड़ दिया था और बाहर ही मजदूरी करके अपना पेट पाल रहा था।

Friday, July 10, 2020

ठेकेदार कहते हैं ऐसे शरीर दोगी तभी काम पर लगाएंगे।


पहले शरीऱ दो तब काम मिलेगा... सुनने में यह वाक्य अशोभनीय और हैरानीजनक भले ही लग रहा हो, पर दो वक्त की रोटी के लिए चित्रकूट की खदानों में काम करने को मजबूर नाबालिग लड़कियों को यह रोजाना ही सुनना पड़ता है। इन बेबस ल़ड़कियों ने अगर जिस्म का सौदा करने से मना किया तो काम भी नहीं मिलता। अपने और परिवार का पेट भरने के लिए इन अभागी बच्चियों को रोजाना ही अपना शरीर बेचना पाना पड़ता है, वह भी 200 से 300 रुपये की दिहाड़ी के लिए।

नाबालिग लड़कियों का यह नर्क लोक उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में है, जहां खदानों में काम देने के बदले कम उम्र की लड़कियों के साथ हर दिन शारीरिक शोषण हो रहा है। एक निजी चैनल के साथ बातचीत में चित्रकूट के डफई गांव में रहने वाली एक लड़की ने बताया कि खदान पर जाकर काम मांगते हैं तो वहां लोग कहते हैं शरीर दो तभी काम मिलेगा।

मजबूरी के चलते उनकी बात मानकर फिर काम पर लगते हैं। वह बताती है कि ठेकेदार और बिचौलिये उन्हें काम की मजदूरी नहीं देते। मजदूरी पाने के लिए इन बेटियों को करना पड़ता है अपने जिस्म का सौदा। वह भी सिर्फ 200-300 रुपयों के लिए। ठेकेदार कहते हैं ऐसे शरीर दोगी तभी काम पर लगाएंगे।

वहीं मां-पिता भी बेटियों के इस दर्द का जहर चुपचाप पी लेते हैं क्योंकि पेट की आग के आगे कुछ नहीं कर पाते। लड़की की मां घर के अंदर से कहती हैं कि खदानों पर दरिंदे कहते हैं कि काम में लगाएंगे जब अपना शरीर दोगे तब। मजबूरी है पेट तो चलाना है। 300-400 दिहाड़ी है। कभी 200 कभी 150 देते हैं। बेटियां काम करके आने के बाद बताती हैं कि आज उनके साथ ऐसा हुआ लेकिन हम कुछ नहीं कर पाते। घर चलाना है, परिवार भूखे ना सोए। पापा का इलाज भी कराना है।

ऐसी ही दर्दनाक कहानी है चित्रकूट के कर्वी में रहने वाली एक और लड़की की। नाबालिग लड़की के पिता नहीं हैं। स्कूल जाने की उम्र में ये बेटी पहाड़ों की खदानों में पत्थर ढोती है। लड़की बताती है कि पहाड़ के पीछे बिस्तर लगा है नीचे की तरफ। सब हमें लेकर जाते हैं वहां। एक-एक करके सबकी बारी आती है। हमारे बाद कोई दूसरी लड़की। मना करने पर मारते हैं। गाली देते हैं। हम चिल्लाते हैं, रोते हैं, पर सब सहना पड़ता है। दुख तो बहुत होता है कि मर जाएं, गांव में ना रहें, लेकिन बिना रोटी के जिंदा कैसे रहें।

इतना ही नहीं, ठेकेदार की ओर से उनसे कहा जाता है कि जो पैसे तुमको दिए हैं उससे मेकअप करके आओ। 100 रुपए में क्या होता है। लॉकडाउन में हालत और खराब हो गई थी। आए दिन हवस का शिकार बनती थीं ये बेटियां। परिवार पालने के लिए रोजाना दो-तीन सौ रुपये कमाने पड़ते हैं, और इसके लिए इसे अपना जिस्म दरिंदों के आगे परोसना पड़ता है। नाबालिग की मां बताती है कि जब से मजदूरी कर रहे हैं, अभी तक नहीं बताया। 3 महीने काम बंद था। 3 महीने से छटपटा रहे हैं। भाग रहे हैं. कैसे हमारा पेट पले। हमारी औलाद का पेट पले। मां को या घर के किसी बड़े को लड़कियों के साथ काम करने के लिए नहीं जाने देते।

बता दें कि चित्रकूट की पहाड़ियों पर करीब 50 क्रशर चलते हैं। भुखमरी और बेरोजगारी की मार झेल रहे यहां के कोल समाज के लिए यही रोजी रोटी का सहारा है। इनकी गरीबी का फायदा उठाकर बिचौलिये और ठेकेदार बच्चियों का शोषण करते हैं। खदानों में काम करने वाली ज्यादातर लड़कियों की उम्र 10 से 18 के बीच होती है। लड़कियों की मेहनत-मजदूरी के बावजूद उन्हें तब तक मेहनताना नहीं मिलता, जब तक कि वो ठेकेदार और उसके साथियों की बात मानने के लिए राजी न हो जाएं।

STF की गाड़ी पलटने पर विकास दुबे ने हथियार लेकर भागने की कोशिश की, मुठभेड़ में मारे जाने की खबर


8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे को कानपुर ला रही STF टीम की गाड़ी पलट गई। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और वह मुठभेड़ में मारा गया है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गाड़ी में मौजूद एसटीएफ के दो कर्मचारी भी घायल हुए हैं। घायलों को हैलेट अस्पताल पहुंचाया गया है। विकास दुबे को भी अस्पताल लागाय गया है। वह जिंदा है या मारा जा चुका है अभी पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी में विकास दुबे वह गाड़ी कानपुर में एंट्री करते ही पलट गई।

इस गाड़ी में एसटीएफ के जवान मौजूद थे। इस हादसे में सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।


इससे पहले गुरुवार को दुबे का साथ प्रभात भी इसी तरह भागने की कोशिश के दौरान मारा गया था। दुबे कई और साथी भी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

आपको बता दें कि विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन (मध्य प्रदेश) में पुलिस ने गिरफ्तार किया। सात दिन की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद एमपी की पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन कोर्ट में पेश कर देर शाम यूपी एसटीएफ की टीम को सौंप दिया था।


Thursday, July 9, 2020

वह स्वंय चिल्लाकर कहता है कि मै ही वह गैंगस्टर हूँ


एक गैंगस्टर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर यूपी पुलिस के आठ पुलिसवालों की जान लेने के बाद भाग निकलता है और छह दिन तक पुलिस को छकाता रहता है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती। गैंगस्टर शुरुआत के दो दिन कानपुर के शिवली में ही था पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती।
दो दिन गैंगस्टर फरीदाबाद में एक रिश्तेदार के घर में था, उस घर से चार पिस्तौल मिलीं। इनमें से दो यूपी पुलिस से लूटी गई थीं। यहां भी पुलिस देर से पुहंचती है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती। फिर गैंगस्टर फरीदाबाद, के होटल के बाहर दिखाई देता है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती।
पुलिस उसे फरीदाबाद, गुड़गांव में ढूंढती रही, लेकिन वह तमाम राज्यों और जिलों की बॉर्डर क्रॉस करता हुआ उज्जैन आ जाता है और महाकाल मंदिर में एमपी पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती।
वह स्वंय चिल्लाकर कहता है कि मै ही वह गैंगस्टर हूँ
वाह वाह क्या पुलिस है ?
क्या गजब के गृह मंत्री है ?
क्या गजब के मुख्यमंत्री है ?
क्या गजब का रामराज्य है ?
क्या गजब का बिका हुआ मीडिया है ?
जो ऐसी निकम्मी सरकारों पर एक बार ऊँगली उठाकर सवाल नहीं पूछता

विकास दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर पहुँचे. इस दौरान सिक्यॉरिटी गार्ड को शक हो चुका था


उसके बाद विकास दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर पहुँचे. इस दौरान सिक्यॉरिटी गार्ड को शक हो चुका था और पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी.

जब विकास दुबे बाहर निकले तो पुलिस आ चुकी थी और उन्हें हिरासत में ले लिया गया. विकास के दो साथियों बिट्टू और सुरेश को भी गिरफ़्तार किया गया है लेकिन अभी तक उनके बारे में ज़्यादा नहीं बताया गया है.

पर्ची में नाम विकास दुबे ही लिखवाया गया. विकास के पास एक बैग था. वो मंदिर के सामने प्रसाद की एक दुकान पर भी गए. विकास अपना बैग कहीं रखना चाहते थे. एक व्यक्ति से विकास ने बैग रखने की जगह भी पूछी.

पुलिस के एक अधिकारी का दावा है कि उज्जैन में आकर महाकाल मंदिर में जाने की वजह यह थी कि विकास पुलिस के साथ मुठभेड़ से बचना चाहते थे.

वहीं यह भी जानकारी मिली है कि वो मंदिर परिसर में सुबह काफ़ी देर तक घूमते रहे.

यूपी के कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी विकास दुबे को आज मध्यप्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. विकास महाकाल मंदिर में पुजा करने के लिए आया था, तभी उसे मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड ने देख लिया और पुलिस को सूचना दे दी. इससे पहले आज सुबह विकास दुबे के दो साथी प्रभात मिश्रा और रणबीर को पुलिस ने ढेर कर दिया.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्या के अभियुक्त विकास दुबे को आख़िरकार मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ़्तार कर लिया गया. विकास दुबे की गिरफ़्तारी कानपुर में हुए गोलीकांड के सात दिन बाद हो पाई है.

उज्जैन से आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, विकास दुबे ने गुरुवार सुबह महाकालेश्वर मंदिर पहुँचकर 250 रुपए की वीआईपी पर्ची कटवाई थी.

देश में पिछले 24 घंटों में पहली बार करीब 25 हजार नए मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 7 लाख 67 हजार 297 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 21 हजार 129 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लाख 76 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 24 हजार 879 नए मामले सामने आए और 487 मौतें हुईं.

Wednesday, July 8, 2020

गिरफ्तारी से पहले गैंगस्टर ने मीडिया को बुलाया, पुलिस को देख चिल्लाकर बोला.. मैं हूं विकास दुबे


BHOPAL: 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे महाकाल मंदिर पहुंचा हुआ था. इस जगह पर ही सरेंडर करने की उसकी तैयारी पहले से ही थी. मंदिर पहुंचने से पहले ही विकास दुबे ने इसकी जानकारी स्थानीय मीडिया को दी थी.

वह बार-बार मध्य प्रदेश की पुलिस को बता रहा था कि मैं कोई आम अपराधी नहीं हूं. विकास को भी डर था कि कही पुलिस गोली न मार दे. इसलिए वह मीडिया के सामने खुद का परिचय दे रहा था.

गिरफ्तारी के बारे में बताया जा रहा है कि गि/रफ्तारी के दौरान गैंगस्टर विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर में पूजा करने के लिए गया हुआ था. इस दौरान ही पुलिस ने यह कार्रवाई की है. विकास दुबे ने पूजा को लेकर बकायदा अपने नाम का पर्ची भी कटाया हुआ था. इस दौरान ही मंदिर के गार्ड ने विकास को पकड़ा. उसे बाद महाकाल पुलिस के हवाले उसको कर दिया गया. मध्यप्रदेश की पुलिस यूपी पुलिस के संपर्क कर रही है.

विकास के पास नहीं था कोई हथियार

बताया जा रहा है कि जिस समय विकास की गिरफ्तारी हुई उस समय उसके पास कोई सामान नहीं था. उसके पास कोई हथियार भी नहीं था. विकास दुबे की गिरफ्तारी की मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कर दी है. लेकिन इसमें सबसे बड़ी लापरवाही यूपी पुलिस की सामने आई है. आखिर कैसे वह उज्जैन पहुंच पाया है. यूपी पुलिस क्या कर रही थी. बता दें कि विकास दुबे के बिकरू गांव पुलिस छापेमारी करने गई थी तो विकास ने अपने गुर्गों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. इस हमले में एक डीएसपी समेत 8 पुलिसकर्मी मारे गए थे. जिसके बाद से पुलिस विकास की तलाश में जुटी है वह फरार चल रहा है.

कानपुर शूटआउट: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार गैंगस्टर विकास दुबे

नेशनल डेस्कः गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने गुरुवार उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विकास दुबे को महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस विकास को उज्जैन से उत्तर प्रदेश ला रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे ने महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया।

बता दें कि इससे पहले यूपी पुलिस ने विकास के दो साथियों को एनकाउंटर में मार डाला।

पुलिस ने कानपुर के बिकरु कांड मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। मिली जानकारी के अनुसार प्रभात ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की जिसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया।
वहीं विकास के करीबी रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था, उसके साथ तीन और बदमाश भी थे। पुलिस को जैसे ही लूट की खबर मिली, अधिकारियों ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। रणबीर ने बचने के लिए फायरिंग की जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की और रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया। हालांकि, उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे।

Thursday, July 2, 2020

बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग


कानपुर में देर रात शातिर बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए हैं. कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है.

राज्य के पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया, "कानपुर के एक शातिर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के यहां दबिश डालने के लिए पुलिस चौबेपुर थाना क्षेत्र के दिकरू गांव गई थी. पुलिस को रोकने के लिए इन्होंने पहले से ही जेसीबी लगाकर रास्ता रोक रखा था. पुलिस दल के पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से फ़ायरिंग शुरू कर दी, जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए. इसमें एक डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्र, तीन सब इंस्पेक्टर और चार कॉन्स्टेबल हैं.

घटनास्थल पर एडीजी क़ानून व्यवस्था पहुँच रहे हैं. एसएसपी और आईजी मौक़े पर हैं. कानपुर की फ़ोरेंसिक टीम जाँच कर रही है. एसटीएफ़ भी लगा दी गई है."

घायल पुलिसकर्मियों को कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घटना का और ब्यौरा अभी मिलना बाक़ी है.

दूल्हे को अपना पति बताते हुए एक युवती ने जमकर हंगामा

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी करने जा रहे दूल्हे को अपना पति बताते हुए एक युवती ने जमकर हंगामा काटा। युवती ने बताया कि शख्स उससे पहले ही शादी कर चुका है। इतना ही नहीं, उसने शादी की फोटो भी दिखाई। इतनें में किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस दूल्हे को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

मामला कानपुर देहात के लालजी पुरवा गांव का है। गांव निवासी युवक श्रीनगर में सीआरपीएफ में तैनात है। उसकी पुखरायां निवासी युवती से तय हुआ था। मंगलवार को बरात जानी थी। देर शाम निकासी की रस्म चल रही थी तभी कानपुर नगर के शिवराजपुर निवासी एक युवती वहां पहुंच गई और दूल्हे को अपना पति बताकर जमकर हंगामा काटा।

युवती ने कहा कि युवक से उसकी शादी पहले ही हो चुकी है। उसने फोटो भी दिखाए।

इस दौरान दूल्हे के परिजनों ने उसे काफी समझाने की कोशिश भी की। लेकिन वो नहीं मानी और सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस को युवती ने दूल्हे के साथ अपने फोटो व मैसेज दिखाए और विवाह होने की बात कही। इस पर पुलिस दूल्हे को थाने ले गई। घटना के बाद बारात नहीं गई। उधर, पुलिस ने दूल्हे के परिजनों से दुल्हन के घर वालों को घटना की जानकारी दिलवाई तो उन्होंने विवाह से मना कर दिया। एसएसआई विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि युवती ने युवक को पति बताकर फोटो दिखाई है।

इंगेजमेंट किसी और से, शादी करने पहुंचा कोई ओर...

ऐसा ही एक मामला एटा जिले के जसरथपुर थाने के ढटिंगरा गांव से भी सामने आय़ा था। यहां मैनपुरी जिले के हरचंदपुर गांव से बारात आई थी। शादी से पहले रिंग सेरेमनी जिस लड़के से हुई थी, उसकी जगह कोई और घोड़ी चढ़कर पहुंचा। दूल्हा बदलने पर दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हा सहित सभी बारातियों को बंधक बना लिया और जमकर गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की। दुल्हन ने तो शादी से ही इनकार कर दिया। दुल्हन पक्ष के लोगों के मुताबिक रिंग सेरिमनी की रस्म किसी और लड़के के साथ की गई थी। लेकिन घोड़ी पर आने वाला लड़का कोई और ही था।

Wednesday, July 1, 2020

शादी की रस्मों के बीच अचानक बेहोश हो गई 19 वर्षीय दुल्हन और फिर...


कन्‍नौज: उत्तर प्रदेश के कन्‍नौज में शादी का माहौल उस समय मातम में बदल गया जब शादी की रस्‍मों के दौरान ही दुल्‍हन की मौत हो गई. घटना कन्नौज में ठठिया पुलिस सर्कल के अंतर्गत आने वाले भगतपुरवा गांव में हुई. यहां एक परिवार में बेटी का विवाह था. दूल्हा संजय अपने परिवार के लोगों के साथ शादी के लिए पहुंच गया. शुक्रवार रात से शादी की रस्में भी आरंभ हो गईं. 
लेकिन शादी की रस्‍मों के दौरान 19 साल की दुल्हन विनीता को अचानक बेचैनी होने लगी. कुछ ही देर में वो बेहोश हो गई. परिवार वाले उसे लेकर एक मेडिकल फैसिलिटी में गए, मगर उन्‍होंने उसे यह कहकर एडमिट करने से इंकार कर दिया कि कोरोना टेस्‍ट होने और उसके निगेटिव आने पर ही वे उसे एडमिट कर पाएंगे. दुल्‍हन के पिता किशोरा बाथम उसे कानपुर ले गए किन्तु तब तक उसकी तबियत काफी बिगड़ चुकी थी और उसकी मौत हो गई. परिजनों ने आपातकालीन नंबर 112 पर पुलिस को जानकारी दी. अब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. 
कन्नौज पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, "हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई करेंगे." एक और दुल्‍हन बनकर विदा होने जा रही बेटी विनीता का परिवार वालों ने शनिवार शाम को अंतिम संस्कार किया, वहीं बरात बिना दुल्हन के लौट गई.

बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे दूसरी बार हुए कोरोना वायरस से संक्रमित, इलाज के दौरान मौत



बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रहे बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे दिनेश वर्मा की मौत हो गई है। दिनेश वर्मा कोरोना वायरस से संक्रमित थे और उनका इलाज दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में चल रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मौत की खबर से परिजन गमगीन हैं और सपा कार्यकर्ताओं में भी दुख का माहौल है।

बेनी प्रसाद वर्मा के बड़े बेटे दिनेश वर्मा भंडारण विभाग में क्लर्क पद पर तैनात थे। उनको किडनी के साथ-साथ लिवर की भी समस्या थी। ट्रांसप्लांट कर उनको मां की दी हुई किडनी लगाई गई थी। दिनेश वर्मा कोरोना वायरस के संक्रमण से एक बार ठीक हो गए थे। 20 जून को तबीयत खराब होने के बाद उनको केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया गया था। वहां जांच में वे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। उनकी रिपोर्ट जब निगेटिव आ गई तो उनको डिस्चार्ज कर दिया गया था।

इसके बाद वे एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में किडनी की बीमारी की जांच कराने गए थे जहां उनकी फिर से कोरोना वायरस की टेस्टिंग की गई। जांच में दूसरी बार उनको संक्रमित पाया गया। उनकी हालत बिगड़ती चली गई और मंगलवार को उनकी मौत हो गई। दिनेश वर्मा का शव अभी दिल्ली में है। उनकी मौत से परिजनों में शोक है। उनका अंतिम संस्कार कहां होगा इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है।

उनके पिता बेनी प्रसाद वर्मा का देहांत भी इसी साल लॉकडाउन के दौरान मार्च महीने में हुई थी। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। बेनी प्रसाद वर्मा उत्तर प्रदेश के कद्दावर और कुर्मी समाज के प्रभावशाली नेता थे। वे मुलायम सिंह यादव के करीबी थे और समाजवादी पार्टी के संस्थापक होने के साथ-साथ वे राज्यसभा सांसद व केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे।

यूपी में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए 685 नए मरीज, मेरठ के थानाध्यक्ष भी शामिल

Monday, June 29, 2020

यूपी: साधु लेने जा रहा था समाधि तभी पहुंच गए ग्रामीण, रोकने पर हुआ हंगामा तो सभी को थाने ले आई पुलिस



समाधि लेने की तैयारी में बाबा
उत्तर प्रदेश में हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में एक साधु के सशरीर मिट्टी में समाधिस्थ होने की सूचना पर भीड़ जुट गई। साधु को गहरे गड्ढे में दाखिल होने की कोशिश करते समय भीड़ ने रोक लिया। मौके पर पहुंची पुलिस साधु को कोतवाली ले आई, जहां साधु के समाधि की कोशिश से इनकार करने पर उन्हें जाने दिया गया। 
मामला परछछ गांव के पास स्थित मां विध्यावासिनी मंदिर का है। ग्रामीणों के मुताबिक राजस्थान के धौलपुर-कोटरा में जूनागढ़ अखाड़े के नगा स्वामी महाराज गोविंद गिरि का आश्रम है। उनके शिष्य श्यामगिरि महाराज इस मंदिर के पास कुटी बनाकर रहते हैं। कुछ दिनों पहले उन्होंने भोलेनाथ का मंदिर व प्रतिमा स्थापित कराई थी।
अपने गुरु गोविंद महाराज को भी बुलाया था। उस आयोजन के दौरान जमीन में गहरी खुदाई कर समाधि लेने का इरादा बताया था। सोमवार को खुदाई के बाद उनके समाधि लेने की कोशिश की चर्चा पर लोग एकत्र हो गए। लोगों ने व उनके शिष्यों ने समाधि की कोशिश से रोक लिया।
इस बीच पहुंची पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई। वहां उन्होंने समाधि लेने की योजना से इन्कार कर दिया। प्रधान रामकरण सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि इसके बाद बाबा ने समाधि नहीं ली लेकिन पूरे दिन मामला चर्चा में रहा।

किसी की सम्पत्ति पर कोई गैर कानूनी कब्जा नहीं पा सकता : जस्टिस श्रीवास्तव




लखनऊ. कोई भी किसी की सम्पत्ति पर विधि विरुद्ध कब्जा नहीं पा सकता है। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति विकास कुंवर श्रीवास्तव ने उक्त उद्गार अधिवक्ता परिषद द्वारा आयोजित वी .के. एस. चौधरी स्मृति व्याख्यानमाला में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये व्यक्त किये। कार्यक्रम रविवार को प्रतिकूल कब्जा विषय पर यूट्यूब व फेसबुक पर शाम छः बजे लाइव हुआ, जिसे तमाम लोगों ने देखा।
न्यायमूर्ति श्रीवास्तव ने कहा कि मूल स्वामी की सम्पत्ति पर यदि कोई व्यक्ति कब्जा कर उसके अधिकारों का हनन करता है तो प्रतिकूल कब्जा होगा और हनन करने वाला स्वामी नहीं हो सकता। उन्होंने प्रतिकूल कब्जा के बारे में उच्चतम न्यायालय के निर्णय के उदाहरण के साथ अयोध्या मामले का भी उदाहरण भी दिया।
कार्यक्रम वीडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश उत्तराखंड की लखनऊ इकाई द्वारा किया गया। इसमें मुख्य रूप से इकाई अध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष राजीव नारायण पांडे, अनिल पांडे, महासचिव आलोक मिश्रा, कोषाध्यक्ष योगेश सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अंबरीश वर्मा, पीसी राय ,इकाई सदस्य मृत्युंजय प्रताप सिंह, विनोद शुक्ला, पंकज अवस्थी, अरविंद कुमार पांडे ,जसकरण लाल मौर्या व प्रमोद पांडे ने अपना विशेष योगदान दिया।

पत्‍नी को डंडा लेकर मारने दौड़े पति के साथ अचानक हो गया ये हादसा




आगरा, जागरण संवाददाता। शराब के नशे में झगड़े के बाद पत्नी को डंडा लेकर मारने दौड़ा पति छत से गिर गया। हादसे में पति की मौत हो गई। वहीं घटना के बाद पत्नी डर कर भाग गई। पड़ोस के लोगों द्वारा सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची।
अंगूर की बेटी का नशा ऐसा भी घातक हो सकता है ये खुद नशा करने वाले ने भी नहीं सोचा होगा। घटना थाना शाहगंज के नरीपुरा बस्ती की है। हलवाई का काम करने वाला कलुआ कुशवाहा (40 वर्ष) रविवार की देर रात शराब के नशे में घर लौटा था। इसे लेकर पत्नी बबिता से आधी रात तक झगड़ा होता रहा। इस पर पत्नी छत पर सोने चली गई। बच्चों ने बताया कि पिता कलुआ मां को मारने के लिए डंडा लेकर छत पर पहुंच गए। मां बबिता पिटाई से बचने के लिए भागकर नीचे आने लगींं। कलुआ छत से नीचे आते समय सीढ़ियों पर असंतुलित होकर गिर गए। सिर में चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्‍चों ने सोमवार की सुबह पड़ोस के लोगों को घटना की जानकारी दी। उधर जानकारी होने पर मृतक के परिवार के लोग भी पहुंच गए। घटनास्‍थल पर कोहराम मच गया। कलुआ के स्‍वजन उसकी मौत का जिम्मेदार पत्नी को ठहराते हुए हंगामा करने लगे। हंगामा होते देख पत्नी बबिता बच्चों को छोड़कर वहां से चली गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बबिता को तलाशने की कोशिश भी की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। आखिर सचाई क्‍या है ये जानने के लिए बबिता का मिलना जरूरी है। इधर पिता के साथ हुए हादसे और मां के गायब होने से बच्‍चे भी सहम गए हैं। इंस्पेक्टर शाहगंज सतेंद्र सिंह राघव ने बताया घटना की जांच की जा रही है। पत्‍नी बबिता की तलाश की जा रही है। पड़ताल की जा रही है कि क्‍या कलुआ का पैर फिसला था या कोई और बात थी।

बारिश में भीगकर शादी की जिद कर रही थी प्रेमिका, दरवाजे पर खड़े प्रेमी ने ऐसे थामा हाथ



उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में सोमवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रेमिका अपने प्रेमी के दरवाजे पर पहुंचकर शादी की मांग को लेकर बैठ गई। वह तबतक बारिश में बैठी रही जब से प्रेमी के घरवाले शादी के लिए मान नहीं गए।
ये है पूरा मामला
जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती सोमवार को अपने ही गांव के प्रेमी के दरवाजे पर पहुंची और शादी की मांग करते हुए वहीं बैठ गई। कई लोग युवती को मनाने पहुंचे लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। दोपहर बाद प्रेमी के घरवालों ने भी युवती को अपने घर की बहू बनाने की सहमती दे दी। इसके बाद बारिश में भीग रही प्रेमिका के पास पहुंचकर प्रेमी ने उसका हाथ थामा और जीवन संगिनी मानकर घर के अंदर ले गया।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती का गांव के दूसरी जाति के युवक से प्रेम संबंध हो गया। युवक के घरवालों को इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन लड़की के घरवाले तैयार नहीं थे। युवक रोजी रोटी के लिए परदेश चला गया परंतु दोनों में मोबाइल पर बातचीत होती रही।
लड़की ने दिखाई हिम्मत

कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन हुआ तो युवक अपने घर लौट आया। दोनों मिले तो शादी की बात चली, परंतु युवक अपने घरवालों से बात करने का हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। साथ ही जाति का बंधन भी आड़े आ रहा था।
सोमवार को युवती प्रेमी के दरवाजे पर पहुंचकर शादी की मांग करते हुए बैठ गई। लड़के के घरवालों के अलावा अगल-बगल के लोगों ने भी समझाने का प्रयास किया लेकिन लड़की अपनी जिद पर अड़ी रही। इसके बाद लोगों ने लड़की के घरवालों से बात करके लड़की को मनाने के लिए कहा।
लड़की के घरवालों ने पूरे मामले से खुद को किनारे कर लिया। दोपहर तक चली इस कहानी के अंत में प्रेमी ने बारिश में भीग रही प्रेमिका के पास पहुंचकर उसका हाथ थाम लिया। लड़के की मां ने लड़की को अपने घर की बहू बनाने की बात स्वीकार कर उसे घर के अंदर ले गई।

Sunday, June 28, 2020

ससुराल आने के लिए 15 लाख रुपए मांग रही ये दुल्हन, जानिए क्या है पूरा माजरा



नोएडा। कहते हैं सात फेरे लेने से युवक-युवती सात जन्मों के बंधन में बंध जाते हैं। लेकिन, कई ऐसे मामले भी सामने आते हैं, जिनमें दहजेलोभी लोग नवविवाहिता पर खूब अत्याचार करते हैं। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पत्नी ने ससुराल आने के लिए अपने पति से 15 लाख रुपये की मांग कर दी। वहीं पैसे न देने पर ससुराल न आने तक की धमकी दे डाली। जिसके बाद पीड़ित पति द्वारा पुलिस में तहरीर देकर मदद की गुहार लगाई गई है।

दरअसल, मामला नोएडा के फेस टू थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित पति ने बताया कि उसका नाम विवेक है और वह नोएडा के सेक्टर-87 रवि एनक्लेव में रहता है। उसने बताया कि 2012 में उसकी मुलाकात शिल्पी नाम की एक युवती से हुई, जो कि बिहार की रहने वाली है। ये दोनों गुरुग्राम स्थित एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। मुलाकात के बाद दोनों में दोस्ती हो गई और फिर प्यार होने पर दोनों ने शादी कर ली।

आरोप है कि शादी के बाद उसकी पत्नी शिल्पी अपने ससुरालजनों द्वारा दिए सोने-चांदी के आभूषणों को लेकर अपने मायके चली गई। वहीं जब विवेक ने उससे वापस आने को कहा तो अब पत्नी 15 लाख रुपये की मांग कर रही है।

महिला ने पैसे ना देने पर ससुराल न आने की धमकी भी दी है। वहीं इस मामले में पीड़ित पति की तहरीर पर फेस टू कोतवाली ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है।