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Tuesday, July 14, 2020

सुप्रीम कोर्ट विदेशी तब्लीगियों को काली सूची में डालने के मामले पर 24 जुलाई को करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि विदेशी तब्लीगियों को काली सूची में डालने के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर वह 24 जुलाई को सुनवाई करेगा। केंद्र ने तब्लीगी जमात की कथित गतिविधियों में शामिल होने के लिए 35 देशों के करीब 2765 नागरिकों को दस साल के लिए काली सूची में डालने का निर्णय लिया है। जिसे शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी गई है।
जस्टिस एएम खानविलकर की पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले को दो हफ्तों के लिए मुलतवी करने की मांग की थी। जिसके बाद पीठ ने दो हफ्ते बाद शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई का फैसला किया।
इससे पहले केंद्र ने 2 जुलाई को कोर्ट से इन याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी।
केंद्र की दलील थी कि उसने अलग अलग मामलों में व्यक्तिगत आदेश जारी कर 2765 लोगों का वीजा रद्द करने और काली सूची में डालने का आदेश दिया है। सूचना के मुताबिक 11 राज्यों द्वारा विदेशी तब्लीगियों के खिलाफ करीब 205 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

प्रियंका गांधी बोलीं - 1 अगस्त को खाली करेंगी सरकारी बंगला, समय बढ़ाने के लिए नहीं की अपील

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट किया है कि वह एक अगस्त को अपना सरकारी बंगला खाली कर देंगी। न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने सोमवार देर रात जारी एक न्यूज में सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि प्रियंका गांधी ने सरकारी आवास खाली करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मांगा है। उनकी अपील पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें सरकारी आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। प्रियंका गांधी ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया के जरिये इस तरह की खबरों का खंडन किया है।

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि उनकी तरफ से सरकारी आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय मांगने संबंधी खबरें गलत हैं।

उन्होंने ऐसी कोई अपील नहीं की है। इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव ने स्पष्ट किया है कि वह सरकार द्वारा दी गई समयावधि में ही अपना सरकारी आवास खाली कर देंगी। उन्होंने एक अगस्त को सरकारी आवास खाली करने की बात कही है।

मालूम हो कि केंद्र सरकार ने एक जुलाई को प्रियंका गांधी के सरकारी आवास का आवंटन एक जुलाई को रद कर दिया था। आवास खाली करने के नोटिस में उन्हें एक माह की समयावधि दी गई थी। कांग्रेस नेता को ये सरकारी आवास एसपीजी सुरक्षा के दौरान दिया गया था।

शहरी आवास के मंत्रालय के तहत संपदा निदेशालय ने प्रियंका गांधी को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें लोदी रोड स्थित बंगला इसलिए खाली करने के लिए कहा कि उनके पास अब विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की सुरक्षा नहीं है। आदेश में कहा गया है, 'गृह मामलों के मंत्रालय द्वारा एसपीजी सुरक्षा और जेड+ सुरक्षा कवर को वापस लेने के बाद, अब आपको सुरक्षा के आधार पर सरकारी आवास के आवंटन का प्रावधान नहीं है। इसलिए एक जुलाई से इसे रद्द किया जाता है। नियम के मुताबिक आपको एक महीने की छूट दी जाती है।'

(घोषणा - सोमवार देर रात न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि प्रियंका गांधी ने सरकारी आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। प्रधानमंत्री ने उनकी अपील पर अतिरिक्त समय दे दिया है। मंगलवार सुबह प्रियंका गांधी द्वारा सोशल मीडिया पर एजेंसी की खबर का खंडन करने के बाद इस खबर को सही तथ्यों के साथ अपडेट किया गया है।)

देश में कोरोना वायरस के सर्वाधिक 28701 नए मामले आए सामने; संक्रमितों की संख्या 878254 पहुंची

नयी दिल्ली: देश में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 28,701 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या सोमवार को बढ़कर 8,78,254 हो गई जबकि संक्रमण से उबरने की दर सुधरकर 63.02 फीसद हो गयी। केद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। मंत्रालय के अनुसार 19 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में मरीजों के स्वस्थ होने की दर राष्ट्रीय औसत दर 63.02 फीसद से अधिक है। मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के आंकड़े के अनुसार इस वायरस से 500 और लोगों की मौत के बाद देश में मृतकों की कुल संख्या 23,174 हो गई।

मंत्रालय के अनुसार अब तक 5,53,470 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 3,01,609 लोगों का इलाज चल रहा है और एक व्यक्ति देश से बाहर जा चुका है।

यह लगातार चौथा ऐसा दिन है, जब देश में संक्रमण के 26,000 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। केंद्र ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकारों के साथ समन्वय कायम करते हुए उठाये गये कदमों से मरीजों के स्वस्थ होने की दर में 'क्रमिक वृद्धि' आयी है। उसने यह भी कहा कि 30 ऐसे राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश हैं जहां इस बीमारी से मृत्युदर राष्ट्रीय मृत्युदर 2.64 फीसद से कम है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि घर पर पृथकवास के नियमों और मानकों तथा ऑक्सीमीटरों के इस्तेमाल ने बिना लक्षण वाले या हल्के लक्षण वाले मरीजों पर नियंत्रण रखने में मदद की और अस्पतालों पर बोझ भी नहीं बढ़ा। मंत्रालय ने कहा, 'कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिये केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए अति-सक्रिय, पूर्वानुमानित और समन्वित कदमों से कोविड-19 से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में क्रमिक बढ़ोतरी हुई।' सरकार ने कहा कि जांच में इजाफा और समय पर निदान से कोविड-प्रभावित मरीजों के बीमारी के अंतिम चरण में जाने से पहले ही पहचान हो जाती है।

मंत्रालय ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों और निगरानी कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू करने से यह सुनिश्चित हुआ कि संक्रमण की दर नियंत्रण में रहे। उसने कहा कि ठीक होने की दर में भी सुधार हुआ है और अब यह 63.02 प्रतिशत है, और 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मरीजों के ठीक होने की दर राष्ट्रीय औसत से भी ज्यादा है। जिन राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मरीजों के ठीक होने की दर राष्ट्रीय दर से ज्यादा है उनमें लद्दाख (85.45 प्रतिशत), दिल्ली (79.98 प्रतिशत) उत्तराखंड (78.77 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (77.68 प्रतिशत), हिमाचल प्रदेश (76.59 प्रतिशत), हरियाणा (75.25 प्रतिशत), चंडीगढ़ (74.6 प्रतिशत), राजस्थान (74.22 प्रतिशत), मध्य प्रदेश (73.03 प्रतिशत) और गुजरात (69.73 प्रतिशत) शामिल हैं। इसके अलावा त्रिपुरा (69.18 प्रतिशत), बिहार (69.09 प्रतिशत), पंजाब (68.94 प्रतिशत), ओडिशा (66.69 प्रतिशत), मिजोरम (64.94 प्रतिशत), असम (64.87 प्रतिशत), तेलंगाना (64.84 प्रतिशत), तमिलनाडु (64.66 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश (63.97 प्रतिशत) में भी मरीजों के ठीक होने की दर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।

भारत की मृत्यु दर भी गंभीर मामलों के क्लीनिकल प्रबंधन पर लगातार जोर देने से घटकर 2.64 रह गयी है। एम्स दिल्ली टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से कोविड-19 समर्पित अस्पतालों का मार्गदर्शन करता रहा। संक्रमण के कारण हुई 500 नई मौतों में से 173 महाराष्ट्र में हुई है, जबकि कर्नाटक में 71, तमिलनाडु में 68, दिल्ली में 37, पश्चिम बंगाल में 26, उत्तर प्रदेश में 21, आंध्र प्रदेश में 19, गुजरात में 13, बिहार में 12, जम्मू-कश्मीर में 10, मध्य प्रदेश में नौ, तेलंगाना में आठ, राजस्थान और झारखंड में सात-सात, हरियाणा और पंजाब में चार-चार, ओडिशा में तीन, केरल, गोवा और छत्तीसगढ़ में दो-दो और उत्तराखंड और चंडीगढ़ में एक-एक मौत हुई है। अब तक हुई कुल 23,174 मौतों में से, महाराष्ट्र में सबसे अधिक 10,289 लोगों की मृत्यु हुई, इसके बाद दिल्ली में 3,371, गुजरात में 2,045, तमिलनाडु में 1,966, उत्तर प्रदेश में 934, पश्चिम बंगाल में 932, मध्य प्रदेश में 653, कर्नाटक में 684 और राजस्थान में 510 मौतें हुई हैं। अब तक, तेलंगाना में कोविड-19 से 356 लोगों की मौतें हुई हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में 328, हरियाणा में 301, पंजाब में 199, जम्मू-कश्मीर में 179, बिहार में 143, ओडिशा में 64, उत्तराखंड में 47, असम में 35 और केरल में 31 मौतें हुई हैं। झारखंड में 30 मौतें हुई हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 19, पुडुचेरी में 18, गोवा में 14, हिमाचल प्रदेश में 11, चंडीगढ़ में आठ, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और त्रिपुरा में दो-दो और लद्दाख में एक मौत हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मौत मरीजों में अन्य बीमारियों के कारण हुईं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 12 जुलाई तक 1,18,06,256 नमूनों की जांच हुई है, जिनमें से 2,19,103 नमूनों की जांच रविवार को हुई। प्रति दस लाख पर परीक्षण लगातार बढ़ रहा है और सोमवार को यह 8555.25 था। देश में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में हैं, जहां मामलों की संख्या 2,54,427 है, इसके बाद तमिलनाडु में 1,38,470 और दिल्ली में 1,12,494 मामले हैं, जबकि गुजरात में 41,820, उत्तर प्रदेश में 36,476, कर्नाटक में 38,843 और तेलंगाना में 34,671 मामले हैं। भाषा राजकुमार वैभव वैभव