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Thursday, July 2, 2020

10 बिंदुओं में जानें एटीएम से पैसे निकालने के नए नियमों के बारे में


भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने एटीएम निकासी नियमों में बदलाव किया है। अगर इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो ग्राहकों पर जुर्माना लगेगा। मालूम हो कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से वित्त मंत्रालय ने छूट दी थी कि 30 जून तक किसी भी बैंक के डेबिट या एटीएम कार्ड से किसी अन्य बैंक के एटीएम से नकदी निकालने पर चार्ज नहीं लगेगा। एसबीआई ग्राहकों को पता होना चाहिए कि इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है।

10 बिंदुओं में जानें एटीएम से पैसे निकालने के नए नियमों के बारे में-
  • जिनके बचत बैंक खाते में 25,000 रुपये का औसत मासिक बैलेंस (एएमबी) है, उनके लिए एटीएम में आठ ट्रांजेक्शंस मुफ्त होंगे। इनमें से एसबीआई एटीएम में पांच लेनदेन और छह मेट्रो केंद्रों (मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू और हैदराबाद) में अन्य बैंक एटीएम के तीन लेनदेन शामिल हैं। वहीं गैर-महानगरों में ऐसे खाताधारकों को 10 मुफ्त लेनदेन मिलेंगे, जिनमें एसबीआई के एटीएम में पांच और अन्य बैंकों के एटीएम में पांच लेनदेन शामिल हैं।
  • जिन खाताधारकों के बैंक खाते में 25,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का औसत मासिक बैलेंस है, उनके लिए अन्य बैंकों के एटीएम में आठ ट्रांजेक्शंस मुफ्त होंगे। आठ में से तीन मेट्रो और पांच गैर-महानगरों में होंगे।
  • जिन एसबीआई बचत खाताधारकों के पास 25,000 रुपये से ज्यादा का औसत मासिक बैलेंस है, उन्हें स्टेट बैंक ग्रुप (एसबीजी) के एटीएम में असीमित लेनदेन की सुविधा मिलेगी।
  • जिन खाताधारकों के बैंक खाते में 50,000 रुपये से 1,00,000 रुपये तक का औसत मासिक बैलेंस है, उनके लिए भी अन्य बैंकों के एटीएम में आठ ट्रांजेक्शंस मुफ्त होंगे। आठ में से तीन मेट्रो और पांच गैर-महानगरों में होंगे।
  • जिन एसबीआई बचत खाताधारकों के खाते में 1,00,000 रुपये से ज्यादा का औसत मासिक बैलेंस है, उन्हें स्टेट बैंक ग्रुप (एसबीजी) व अन्य बैंकों के एटीएम में असीमित लेनदेन की सुविधा मिलेगी।
  • अगर खाताधारक निर्धारित सीमा से अधिक लेनदेन करते हैं, तो उनसे जीएसटी के अतिरिक्त 10 रुपये से लेकर 20 रुपये तक शुल्क वसूला जाएगा।
  • वहीं एसबीआई द्वारा निर्धारित सीमा से अतिरिक्त गैर-वित्तीय लेनदेन पर पांच रुपये से लेकर आठ रुपये तक शुल्क लगेगा। साथ ही इसपर जीएसटी भी लगेगा।
  • खाते में ज्यादा बैलेंस ना होने की स्थिति में अगर ट्रांजेक्शन फेल हो जाती है, तो खाताधारकों से 20 रुपये शुल्क के साथ जीएसटी वसूला जाएगा।
  • अगर किसी अन्य बैंक के एटीएम या बैंक ब्रांच से कोई लेनदेन नहीं किया जाता, तो ग्राहकों को छह मेट्रो केंद्रों पर 10 फ्री डेबिट लेनदेन और अन्य केंद्र एटीएम में अधिकतम 12 मुफ्त डेबिट लेनदेन की अनुमति दी जाएगी।
  • सभी स्थानों पर सैलरी खातों के लिए एसबीआई एसबीजी एटीएम और अन्य बैंक एटीएम में मुफ्त असीमित लेनदेन की अनुमति देगा।

Wednesday, July 1, 2020

ये दो बैंक दे रही है ये शानदार स्कीम, जाने पूरी डिटेल


उम्र बढ़ने के साथ-साथ घटने लगती है कार्य करने की क्षमता। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी कठिनाई आती है घर चलाने में। क्योंकि आयु बढ़ने के साथ कार्य मिलने में कठिन आने लगती है।

इस वजह से पैसे परेशानी होना आम हो जाता है। लेकिन अगर ठीक ढंग से अपने एसेट्स यानी संपत्तियों का प्रयोग किया जाए तो सरलता से पूरी जिदंगी इसके जरिए बिताई जा सकती है। जी हां। । आमतौर पर लोग घर खरीदने में अपनी सारी जमा पूंजी का निवेश कर देते हैं जिसके बाद उनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का कोई स्रोत नहीं बचता। अगर आप प्राइवेट एम्प्लॉई हैं व आपको फ्यूचर के लिए पेंशन की चिंता है तो अब आपको टेंशन लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। आज हम आपको बता रहे हैं रिटायरमेंट के बाद अगर आपके पास घर है तो भारतीय स्टेट बैंक व PNB बैंक अपनी इस स्कीम के तहत आपको पेंशन
 देंगी। जानें इस स्कीम के बारे में सबकुछ:

जानिए कैसे मिलेगी जिदंगी भर पेंशन

आज हम आपको बताते हैं रिवर्स मॉर्गेज कर्ज़ (Reverse Mortgage Loan) के बारे में। हिंदुस्तान में इस कर्ज़ को बहुत कम लोग लेते हैं। कई सीनियर सिटीजंस को इस स्कीम के बारे में जानकारी नहीं होती या फिर उनके परिवार के लोग उनका खर्च चलाते हैं जिससे सीनियर सिटीजन्स को ऐसे कर्ज़ की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
जैसा कि यह नाम से ही रिवर्स लग रहा है, मतलब वापस। इसे अच्छे ढंग से समझने के लिए चलिए हम होम कर्ज़ का सहारा लेते हैं। होम कर्ज़ में हमें घर के सारे दास्तावेज जमा करने पर कर्ज़ मिल जाता है। फिर उस कर्ज़ को चुकाने के लिए महीने की किस्त भरते रहते हैं। जिसे ईएमआई कहते हैं।
अगर सरल शब्दों में कहें तो एक मुश्त रकम मिल गई। फिर उसे किश्तों में भरते रहते हैं। अब रिवर्स मॉर्गेज कर्ज़ में होता यह है कि बैंक आपका घर गिरवी रख लेते हैं। फिर हर महीने बैंक आपको पैसे देते रहते हैं। आवेदक की जब मौत हो जाती है तो ये घर बैंक का हो जाता है।
कौन ले सकता हैं इस स्कीम का फायदा?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह ठीक है कि यह कार लोन, व्यक्तिगत लोन, शिक्षा कर्ज़ से अलग है। इस कर्ज़ को पाने के लिए ही 60 वर्ष से अधिक की आयु होना महत्वपूर्ण है। वहीं स्त्रियों के लिए 58 वर्ष की आयु होना आवश्यक है।

कैसे हर महीने खाते में आते रहेंगे पैसे?

इस स्कीम के तहत मालिक को बैंक को पैसा वापस नहीं करना होता है। बैंक आपके घर को गिरवी रखने के हर महीने पैसा देता रहता है। इस स्कीम के तहत बैंक 60 वर्ष की आयु से अधिक लोगों को ही कर्ज़ देता है।
कुछ बैंक हैं जो 72 वर्ष की आयु पार करने पर ये कर्ज़ नहीं देते। यह कर्ज़ 15 वर्ष तक के लिए ही मिलता है। यदि पति-पत्नी दोनों लोग इस कर्ज़ के लिए अप्लाई करते हैं तो पति की आयु 60 वर्ष व पत्नी की आयु 58 वर्ष होना महत्वपूर्ण है।
मुझे हर महीने कितने मिलेंगे पैसे?
आपको हर महीने कितना पैसा मिलेगा, यह घर की मूल्य पर निर्भर करता है। घर की मूल्य पर 60 प्रतिशत कर्ज़ मिल सकता है। इसके साथ ही मालिक अपने घर पर रह सकता है। रिवर्स मॉर्गेज स्कीम के तहत अपना घर गिरवी रखने वाले आदमी की मौत के बाद घर बैंक का हो जाता है। अब यदि उस आदमी के परिजन घर लेना चाहें तो घर की मूल्य देकर घर को खरीदा जा सकता है।
यह कर्ज़ उन सीनियर सिटीजन्स के लिए उपयोगी है, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। परिवार में उनके बच्चे उनसे अलग रहते हैं। साथ ही खर्च करने के लिए पैसे भी नहीं देते। या फिर आप सिंगल हैं आपने कोई पेंशन स्कीम भी नहीं ली है। ऐसे में अगर कोई सीनियर सिटीजंस बेसहारा हो जाये तो उसके लिए रिवर्स मॉर्गेज कर्ज़ किसी संजीवनी से कम नहीं है।

Sunday, June 28, 2020

अगर आपका भी पीएनबी में खाता है तो हो जाए सावधान



नई दिल्ली: देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पीएनबी को कोरोना वायरस महामारी और तालाबंदी की मार झेलनी पड़ रही है। ने अपने लाखों ग्राहकों को साइबर हमले के बारे में चेतावनी दी है। पीएनबी "अगर ग्राहक ध्यान नहीं देते हैं, तो बैंक में रखा पैसा गायब हो सकता है," अलर्ट ने कहा। PNB ने कई शहरों में ग्राहकों को सोशल मीडिया पर पोस्ट और व्यक्तिगत संदेशों के माध्यम से नकली ई-मेल से बचने की सलाह दी है। इससे पहले, भारत सरकार ने भी एक आम साइबर हमले की आशंका जताते हुए आम जनता और संस्थानों को एक एडवाइजरी जारी की थी।

पीएनबी इसकी जानकारी
पीएनबी ने ट्वीट कर दी थी । कंपनी ने एक ट्वीट में और अपनी वेबसाइट पर कहा, "हम जानते हैं कि एक बड़ा साइबर हमला देश भर के कई शहरों में आसन्न है।" कृपया कोविद -19 परीक्षण के लिए इस ई-मेल पते ncov2019@gov.in से किसी भी ई-मेल पर क्लिक न करें।

पीएनबी कहते हैं कि हैकर्स ने लाखों भारतीयों के ई-मेल पते प्राप्त किए हैं, जिस पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत और बैंक विवरण प्राप्त करने के लिए लोगों को मुफ्त कोरोना टेस्ट के नाम पर ई-मेल भेजे हैं। करने की कोशिश कर रहे हैं बैंक के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद में लोगों को जालसाजों ने निशाना बनाया है। ये लोग ncov2019@gov.in से एक ईमेल भेजते हैं। जैसे ही कोई उपयोगकर्ता इस ईमेल पर क्लिक करता है, उन्हें एक फर्जी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है।