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Wednesday, July 15, 2020

नपुंसक कहने पर उन्होंने गुस्से में आकर आदित्य की मर्डर कर दी


ग्रेटर नोएडा की गौड अतुल्यम सोसाइटी में रहने वाले कारोबारी आदित्य सोनी की मर्डर के के मुद्दे में आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है. पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नपुंसक कहने पर उन्होंने गुस्से में आकर आदित्य की मर्डर कर दी थी व मृत शरीर को ठिकाने लगाने के लिए नहर में फेंक दिया था.

डीसीपी ग्रेटर नोएडा राजेश सिंह ने बताया कि कारोबारी आदित्य की मर्डर के आरोपी पंकज व देव को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर कारागार भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि आदित्य ने मजाक में आरोपी देव को नपुंसक कह दिया था, जिसके बाद उनमें झगड़ा हुई व उन्होंने आदित्य की डंडे से पिटाई कर दी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए.

इसके बाद आरोपियों ने पुलिस द्वारा पकड़े जाने के भय से आदित्य की गला दबाकर मर्डर कर दी थी व मृत शरीर को दनकौर के पास नहर में फेंक दिया था. उसके बाद आदित्य के घर पहुंचकर दुख प्रकट करते थे.

आरोपियों ने घटना के बाद उसकी कार को सूरजपुर पुलिस चौकी के पास ले जाकर खड़ा कर दिया था. आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए पूरी योजना तैयार की थी, लेकिन वह पुलिस के चंगुल से बच नहीं सके.

गौरतलब है कि बीते दिनों ग्रेटर नोएडा से गायब हुए फैक्ट्री मालिक की मर्डर का मुद्दा सामने आया था. पुलिस का दावा है कि फैक्ट्री मालिक की मर्डर उसके ही तीन दोस्तों ने की थी. पुलिस ने घटना में शामिल दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक फैक्ट्री मालिक का मोबाइल फोन, सोने की चेन आदि सामान बरामद किया है.

फैक्ट्री मालिक आदित्य सोनी 5 जुलाई को दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे. इस विषय में आदित्य की मां ने कासना कोतवाली में आदित्य की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. पुलिस ने मामनले की जांच-पड़ताल प्रारम्भ की तो पता चला कि आदित्य को उसके दोस्तों के साथ देखा गया था. पुलिस ने जब संदेह के आधार पर आदित्य के दो दोस्त देव व पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपियों ने हकीकत उगल दिया. आरोपी देव व पंकज दोनों सगे भाई हैं व दोनों उसी सोसाइटी में रहते हैं, जिसमें आदित्य रहता था, जिसके चलते इनके बीच दोस्ती हुई थी.

50 हजार के इनामी शशिकांत की पत्नी की एक और ऑडियो क्लिप कानपुर के बिकारू गांव में हुई गोलीबारी में मौजूद है।


कानपुर: पिछले कुछ दिनों से कई मामले सामने आ रहे हैं। हर दिन अलग-अलग तरह की खबरें सामने आ रही हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश से भी एक मामला सामने आया है। 50 हजार के इनामी शशिकांत की पत्नी की एक और ऑडियो क्लिप कानपुर के बिकारू गांव में हुई गोलीबारी में मौजूद है। इस ऑडियो क्लिप में शशिकांत की पत्नी मनु अपने भाई से बात कर रही है।

पूरी ऑडियो क्लिप में, मनु पुलिस जांच से बचने के लिए बार-बार मोबाइल ठिकाने लगाने की बात कर रहा है। आरोपी के ऑडियो क्लिप में आरोपी शशिकांत की पत्नी मनु अपने भाई से कहती है कि सभी को यह नंबर डिलीट कर देना चाहिए। मनु पुलिस को गुमराह करने की बात कर रहा है। मनु अपने भाई को आगे बताता है कि कल्लू को गिरफ्तार कर लिया गया है, उसने सिम तोड़ने की कोशिश की, लेकिन मोबाइल नहीं खुल सका।

आप लोग इस नंबर को डिलीट कर दें। वह बार-बार नंबर डिलीट करने की बात कह रही थी।

शशिकांत की पत्नी मनु अपने भाई से कहती है कि अगर पुलिसकर्मी पूछताछ करें तो एक बार खांसी दें। यह नंबर जिसके पास भी है उसे डिलीट कर दें। मोबाइल नहीं खोल सकता। मैं अपना मोबाइल दफनाने जा रहा हूं। मेरे सभी नंबरों को हटा दें। हमने सिम तोड़कर चबाया है। इतना ही नहीं, मनु के भाई को यह कहते हुए भी सुना जाता है कि वह सब कुछ जानता है, कौन छिपा रहा है। इससे पहले शशिकांत की पत्नी का एक ऑडियो सामने आया था, जिसमें शशिकांत की पत्नी मनु साफ कह रही थीं कि विकास भैया ने पुलिसवालों की हत्या कर दी है, लाश दरवाजे-आंगन में पड़ी थी। अब पुलिस इसकी जांच में जुटी है।

विकास दुबे की मौत के बाद उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं


विकास दुबे की मौत के बाद उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बुधवार को विकास दुबे का एक और सामने आया है। इसमें वह किसी शादी में गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किसकी शादी का वीडियो है लेकिन दुल्हन विकास दुबे को मामा कह रही है। ऐसे में अंदाज लगाया जा रहा है कि यह किसी विकास के खास रिश्तेदार की शादी का ही वीडियो होगा।

हालांकि कुछ लोग इस वीडियाे को प्रभात की शादी से जोड़कर देख रहे हैं। प्रभात विकास दुबे का सबसे खास गुर्गा था और उसकी शादी 29 जून को ही हुई थी। बताया जा रहा था कि विकास ने ही यह शादी करवाई थी। लेकिन उस समय यह बात सामने आई की लड़की वाले इस शादी से खुश नहीं है, विकास ने जबरदस्ती शादी करवाई है।

लेकिन आज जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें दुल्हन काफी खुश दिख रही है इसलिए पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह प्रभात दुबे की शादी का वीडियो नहीं है।

एक के बाद एक कई ऑडियो भी हुई वायरल

विकास दुबे के ममरे भाई शशिकांत पांडेय की पत्नी मनु उर्फ पिंकी की तीन कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। साक्ष्य छिपाने और आरोपितों का सहयोग देने में उसकी भूमिका पर पूछताछ शुरू कर दी है। बिकरू कांड के अगले ही दिन पुलिस ने विकास के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय को एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बेटे शशिकांत पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जांच के दौरान उसकी पत्नी पिंकी के मोबाइल से कई अहम साक्ष्य मिले हैं। कॉल रिकॉर्डिंग से साफ हुआ है कि वारदात के बाद उसने पति की मदद की और साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया। झूठ बोलकर लगातार पुलिस को गुमराह करती रही। इसके चलते चौबेपुर पुलिस ने मनु को हिरासत में लिया है। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की है।

मनु के घर में हुई थी सीओ की हत्या
पुलिस का कहना है कि बिकरू में हमला होने पर सीओ देवेंद्र पाण्डेय बाउंड्री फांदकर शशिकांत के घर में कूद गए थे। वहां मौजूद मनु और उसकी सास के शोर मचाने पर ही विकास के गुर्गों ने अंदर जाकर सीओ की निर्मम हत्या कर दी थी।

Tuesday, July 14, 2020

उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिकरू गांव के नरसंहार में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं


कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बिकरू गांव के नरसंहार में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं. इसमें पता चला है कि दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों को बड़ी बेदर्दी से मारा था.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि CO देवेंद्र मिश्रा समेत सभी पुलिसकर्मियों की हत्या करने के लिए धारधार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया. पुलिसकर्मियों को सिर्फ मारना ही नहीं बल्कि बदला लेने का मकसद दिखाई पड़ता है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक CO देवेंद्र मिश्रा को 4 गोली मारी गईं जिसमें से तीन उनके शरीर से आर-पार हो गई. 1 गोली उनके सिर में, एक छाती में और 2 पेट में लगी थी.

इसके अलावा विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा को गोलियां मारने के बाद उनके पैर को भी काट दिया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सभी गोलियां प्वाइंट ब्लैंक रेंज से मारी गईं.

इसके अलावा 3 पुलिसकर्मियों के सिर पर और 1 के चेहरे पर गोली मारी गई. सभी 8 पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ये साफ होता है कि बेहद बेरहमी से सभी की हत्या की गई.

कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सिपाही सुल्तान को दो गोलियां मारी गईं. अन्य पुलिसकर्मियों को आठ से दस गोलियां मारी गईं जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर शरीर पर गोलियों के निशान देखकर दंग रह गए. पुलिसकर्मियों के सिर, चेहरे, हाथ, पैर, सीने और पेट में गोलियां लगीं. वहीं सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र के चेहरे पर एक गोली लगने से वाइटल ऑर्गन बाहर आ गया और उन्होंने तुरंत दम तोड़ दिया.

डॉक्टरों के अनुसार यही हाल अन्य पुलिसकर्मियों का भी हुआ होगा. ज्यादातर गोलियां शरीर के शरीर के पार हो गईं. तीन पुलिसकर्मियों के शरीर में गोलियों के टुकड़े मिले जो हड्डियों से टकराने से कई टुकड़ों में बंट गए.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर पुलिस हत्याकांड में विकास दुबे और उसके साथियो ने रायफल से गोलियां चलाईं. पोस्टमार्टम के दौरान मिले गोलियों के टुकड़ों को परीक्षण के लिए भेजा जाएगा.

विकास दुबे की दहशत उसने पिछले 20 साल से नये कपड़े ही नहीं पहने


लखनऊ: विकास दुबे के एनकाउंटर के साथ ही उसकी दहशत भी ख़त्म हो गयी है। गाँव के लोग इससे काफी खुश नजऱ आ रहे हैं। कई गांव वाले खुलकर सामने आये और उसकी गुंडागर्दी की कहानियां भी सुनाई। कई गाँव वालों को कहना है कि विकास दुबे की दहशत बिकरू गाँव में इस कदर थी कि गाँव के लोग कोई भी बड़ा जलसा करने में भी डरते थे। कईयों ने तो उसकी तुलना शोले के गब्बर से भी कर दी, गाँव वालों का कहना था कि अगर गाँव में कोई बड़ा जलसा होता था तो वो आकर उसे रुकवा दिया करता था।

20 साल से नहीं पहने नये कपड़े

गांव वालों के मन से विकास दुबे के डर को ख़त्म करने के लिए पुलिस वालों ने बिकरू गांव में एक चौपाल लगायी, जिसमें सभी को अपने दिल की बात कहने की खुली छूट थी।

इस मौके पर एक बुजुर्ग ने बताया कि उसने पिछले 20 साल से नये कपड़े ही नहीं पहने। जिसकी वजह उसने विकास दुबे का खौफ बताया।

विकास दुबे की मौत के बाद नयी शर्ट खरीदी

बुजुर्ग ने विकास दुबे के खौफ को बयान करते हुए बताया कि 20 साल पहले एक दिन जब वह नये कपड़े पहनकर निकला तो विकास ने उसे जमकर पीटा था । जिसके बाद से उसने कभी नये कपड़े नहीं पहने। लेकिन उन्होंने कहा कि विकास दुबे की मौत के बाद ही उन्होंने एक नयी शर्ट खरीदी है और जल्द पहनेंगे।

डर के मारे छोड़ दिया गांव

बिकरू गांव के 65 वर्षीय विजय ने बताया कि विकास दुबे ने उसका जीना हराम कर दिया था। गांव की सभी राशन की दुकानों पर पर मुझे राशन देने से मना कर दिया था और कभी सामने देख लेता तो खूब गाली देता और कभी कभी मारता भी था। जिसके कारण मुझे गांव छोड़ना पड़ा। मैंने चार महीने पहले गांव छोड़ दिया था और बाहर ही मजदूरी करके अपना पेट पाल रहा था।

Friday, July 10, 2020

ठेकेदार कहते हैं ऐसे शरीर दोगी तभी काम पर लगाएंगे।


पहले शरीऱ दो तब काम मिलेगा... सुनने में यह वाक्य अशोभनीय और हैरानीजनक भले ही लग रहा हो, पर दो वक्त की रोटी के लिए चित्रकूट की खदानों में काम करने को मजबूर नाबालिग लड़कियों को यह रोजाना ही सुनना पड़ता है। इन बेबस ल़ड़कियों ने अगर जिस्म का सौदा करने से मना किया तो काम भी नहीं मिलता। अपने और परिवार का पेट भरने के लिए इन अभागी बच्चियों को रोजाना ही अपना शरीर बेचना पाना पड़ता है, वह भी 200 से 300 रुपये की दिहाड़ी के लिए।

नाबालिग लड़कियों का यह नर्क लोक उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में है, जहां खदानों में काम देने के बदले कम उम्र की लड़कियों के साथ हर दिन शारीरिक शोषण हो रहा है। एक निजी चैनल के साथ बातचीत में चित्रकूट के डफई गांव में रहने वाली एक लड़की ने बताया कि खदान पर जाकर काम मांगते हैं तो वहां लोग कहते हैं शरीर दो तभी काम मिलेगा।

मजबूरी के चलते उनकी बात मानकर फिर काम पर लगते हैं। वह बताती है कि ठेकेदार और बिचौलिये उन्हें काम की मजदूरी नहीं देते। मजदूरी पाने के लिए इन बेटियों को करना पड़ता है अपने जिस्म का सौदा। वह भी सिर्फ 200-300 रुपयों के लिए। ठेकेदार कहते हैं ऐसे शरीर दोगी तभी काम पर लगाएंगे।

वहीं मां-पिता भी बेटियों के इस दर्द का जहर चुपचाप पी लेते हैं क्योंकि पेट की आग के आगे कुछ नहीं कर पाते। लड़की की मां घर के अंदर से कहती हैं कि खदानों पर दरिंदे कहते हैं कि काम में लगाएंगे जब अपना शरीर दोगे तब। मजबूरी है पेट तो चलाना है। 300-400 दिहाड़ी है। कभी 200 कभी 150 देते हैं। बेटियां काम करके आने के बाद बताती हैं कि आज उनके साथ ऐसा हुआ लेकिन हम कुछ नहीं कर पाते। घर चलाना है, परिवार भूखे ना सोए। पापा का इलाज भी कराना है।

ऐसी ही दर्दनाक कहानी है चित्रकूट के कर्वी में रहने वाली एक और लड़की की। नाबालिग लड़की के पिता नहीं हैं। स्कूल जाने की उम्र में ये बेटी पहाड़ों की खदानों में पत्थर ढोती है। लड़की बताती है कि पहाड़ के पीछे बिस्तर लगा है नीचे की तरफ। सब हमें लेकर जाते हैं वहां। एक-एक करके सबकी बारी आती है। हमारे बाद कोई दूसरी लड़की। मना करने पर मारते हैं। गाली देते हैं। हम चिल्लाते हैं, रोते हैं, पर सब सहना पड़ता है। दुख तो बहुत होता है कि मर जाएं, गांव में ना रहें, लेकिन बिना रोटी के जिंदा कैसे रहें।

इतना ही नहीं, ठेकेदार की ओर से उनसे कहा जाता है कि जो पैसे तुमको दिए हैं उससे मेकअप करके आओ। 100 रुपए में क्या होता है। लॉकडाउन में हालत और खराब हो गई थी। आए दिन हवस का शिकार बनती थीं ये बेटियां। परिवार पालने के लिए रोजाना दो-तीन सौ रुपये कमाने पड़ते हैं, और इसके लिए इसे अपना जिस्म दरिंदों के आगे परोसना पड़ता है। नाबालिग की मां बताती है कि जब से मजदूरी कर रहे हैं, अभी तक नहीं बताया। 3 महीने काम बंद था। 3 महीने से छटपटा रहे हैं। भाग रहे हैं. कैसे हमारा पेट पले। हमारी औलाद का पेट पले। मां को या घर के किसी बड़े को लड़कियों के साथ काम करने के लिए नहीं जाने देते।

बता दें कि चित्रकूट की पहाड़ियों पर करीब 50 क्रशर चलते हैं। भुखमरी और बेरोजगारी की मार झेल रहे यहां के कोल समाज के लिए यही रोजी रोटी का सहारा है। इनकी गरीबी का फायदा उठाकर बिचौलिये और ठेकेदार बच्चियों का शोषण करते हैं। खदानों में काम करने वाली ज्यादातर लड़कियों की उम्र 10 से 18 के बीच होती है। लड़कियों की मेहनत-मजदूरी के बावजूद उन्हें तब तक मेहनताना नहीं मिलता, जब तक कि वो ठेकेदार और उसके साथियों की बात मानने के लिए राजी न हो जाएं।

STF की गाड़ी पलटने पर विकास दुबे ने हथियार लेकर भागने की कोशिश की, मुठभेड़ में मारे जाने की खबर


8 पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी विकास दुबे को कानपुर ला रही STF टीम की गाड़ी पलट गई। इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और वह मुठभेड़ में मारा गया है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गाड़ी में मौजूद एसटीएफ के दो कर्मचारी भी घायल हुए हैं। घायलों को हैलेट अस्पताल पहुंचाया गया है। विकास दुबे को भी अस्पताल लागाय गया है। वह जिंदा है या मारा जा चुका है अभी पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी में विकास दुबे वह गाड़ी कानपुर में एंट्री करते ही पलट गई।

इस गाड़ी में एसटीएफ के जवान मौजूद थे। इस हादसे में सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।


इससे पहले गुरुवार को दुबे का साथ प्रभात भी इसी तरह भागने की कोशिश के दौरान मारा गया था। दुबे कई और साथी भी एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

आपको बता दें कि विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन (मध्य प्रदेश) में पुलिस ने गिरफ्तार किया। सात दिन की तलाश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद एमपी की पुलिस ने विकास दुबे को उज्जैन कोर्ट में पेश कर देर शाम यूपी एसटीएफ की टीम को सौंप दिया था।


Thursday, July 9, 2020

वह स्वंय चिल्लाकर कहता है कि मै ही वह गैंगस्टर हूँ


एक गैंगस्टर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर यूपी पुलिस के आठ पुलिसवालों की जान लेने के बाद भाग निकलता है और छह दिन तक पुलिस को छकाता रहता है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती। गैंगस्टर शुरुआत के दो दिन कानपुर के शिवली में ही था पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती।
दो दिन गैंगस्टर फरीदाबाद में एक रिश्तेदार के घर में था, उस घर से चार पिस्तौल मिलीं। इनमें से दो यूपी पुलिस से लूटी गई थीं। यहां भी पुलिस देर से पुहंचती है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती। फिर गैंगस्टर फरीदाबाद, के होटल के बाहर दिखाई देता है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती।
पुलिस उसे फरीदाबाद, गुड़गांव में ढूंढती रही, लेकिन वह तमाम राज्यों और जिलों की बॉर्डर क्रॉस करता हुआ उज्जैन आ जाता है और महाकाल मंदिर में एमपी पुलिस के सामने सरेंडर कर देता है पुलिस उसे नहीं पकड़ पाती।
वह स्वंय चिल्लाकर कहता है कि मै ही वह गैंगस्टर हूँ
वाह वाह क्या पुलिस है ?
क्या गजब के गृह मंत्री है ?
क्या गजब के मुख्यमंत्री है ?
क्या गजब का रामराज्य है ?
क्या गजब का बिका हुआ मीडिया है ?
जो ऐसी निकम्मी सरकारों पर एक बार ऊँगली उठाकर सवाल नहीं पूछता

विकास दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर पहुँचे. इस दौरान सिक्यॉरिटी गार्ड को शक हो चुका था


उसके बाद विकास दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर पहुँचे. इस दौरान सिक्यॉरिटी गार्ड को शक हो चुका था और पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी.

जब विकास दुबे बाहर निकले तो पुलिस आ चुकी थी और उन्हें हिरासत में ले लिया गया. विकास के दो साथियों बिट्टू और सुरेश को भी गिरफ़्तार किया गया है लेकिन अभी तक उनके बारे में ज़्यादा नहीं बताया गया है.

पर्ची में नाम विकास दुबे ही लिखवाया गया. विकास के पास एक बैग था. वो मंदिर के सामने प्रसाद की एक दुकान पर भी गए. विकास अपना बैग कहीं रखना चाहते थे. एक व्यक्ति से विकास ने बैग रखने की जगह भी पूछी.

पुलिस के एक अधिकारी का दावा है कि उज्जैन में आकर महाकाल मंदिर में जाने की वजह यह थी कि विकास पुलिस के साथ मुठभेड़ से बचना चाहते थे.

वहीं यह भी जानकारी मिली है कि वो मंदिर परिसर में सुबह काफ़ी देर तक घूमते रहे.

यूपी के कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी विकास दुबे को आज मध्यप्रदेश में उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. विकास महाकाल मंदिर में पुजा करने के लिए आया था, तभी उसे मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड ने देख लिया और पुलिस को सूचना दे दी. इससे पहले आज सुबह विकास दुबे के दो साथी प्रभात मिश्रा और रणबीर को पुलिस ने ढेर कर दिया.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसवालों की हत्या के अभियुक्त विकास दुबे को आख़िरकार मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ़्तार कर लिया गया. विकास दुबे की गिरफ़्तारी कानपुर में हुए गोलीकांड के सात दिन बाद हो पाई है.

उज्जैन से आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, विकास दुबे ने गुरुवार सुबह महाकालेश्वर मंदिर पहुँचकर 250 रुपए की वीआईपी पर्ची कटवाई थी.

देश में पिछले 24 घंटों में पहली बार करीब 25 हजार नए मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 7 लाख 67 हजार 297 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 21 हजार 129 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लाख 76 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 24 हजार 879 नए मामले सामने आए और 487 मौतें हुईं.

Wednesday, July 8, 2020

गिरफ्तारी से पहले गैंगस्टर ने मीडिया को बुलाया, पुलिस को देख चिल्लाकर बोला.. मैं हूं विकास दुबे


BHOPAL: 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे महाकाल मंदिर पहुंचा हुआ था. इस जगह पर ही सरेंडर करने की उसकी तैयारी पहले से ही थी. मंदिर पहुंचने से पहले ही विकास दुबे ने इसकी जानकारी स्थानीय मीडिया को दी थी.

वह बार-बार मध्य प्रदेश की पुलिस को बता रहा था कि मैं कोई आम अपराधी नहीं हूं. विकास को भी डर था कि कही पुलिस गोली न मार दे. इसलिए वह मीडिया के सामने खुद का परिचय दे रहा था.

गिरफ्तारी के बारे में बताया जा रहा है कि गि/रफ्तारी के दौरान गैंगस्टर विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर में पूजा करने के लिए गया हुआ था. इस दौरान ही पुलिस ने यह कार्रवाई की है. विकास दुबे ने पूजा को लेकर बकायदा अपने नाम का पर्ची भी कटाया हुआ था. इस दौरान ही मंदिर के गार्ड ने विकास को पकड़ा. उसे बाद महाकाल पुलिस के हवाले उसको कर दिया गया. मध्यप्रदेश की पुलिस यूपी पुलिस के संपर्क कर रही है.

विकास के पास नहीं था कोई हथियार

बताया जा रहा है कि जिस समय विकास की गिरफ्तारी हुई उस समय उसके पास कोई सामान नहीं था. उसके पास कोई हथियार भी नहीं था. विकास दुबे की गिरफ्तारी की मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कर दी है. लेकिन इसमें सबसे बड़ी लापरवाही यूपी पुलिस की सामने आई है. आखिर कैसे वह उज्जैन पहुंच पाया है. यूपी पुलिस क्या कर रही थी. बता दें कि विकास दुबे के बिकरू गांव पुलिस छापेमारी करने गई थी तो विकास ने अपने गुर्गों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. इस हमले में एक डीएसपी समेत 8 पुलिसकर्मी मारे गए थे. जिसके बाद से पुलिस विकास की तलाश में जुटी है वह फरार चल रहा है.

कानपुर शूटआउट: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार गैंगस्टर विकास दुबे

नेशनल डेस्कः गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने गुरुवार उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विकास दुबे को महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस विकास को उज्जैन से उत्तर प्रदेश ला रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे ने महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया।

बता दें कि इससे पहले यूपी पुलिस ने विकास के दो साथियों को एनकाउंटर में मार डाला।

पुलिस ने कानपुर के बिकरु कांड मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। मिली जानकारी के अनुसार प्रभात ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की जिसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया।
वहीं विकास के करीबी रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था, उसके साथ तीन और बदमाश भी थे। पुलिस को जैसे ही लूट की खबर मिली, अधिकारियों ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। रणबीर ने बचने के लिए फायरिंग की जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की और रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया। हालांकि, उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे।

Tuesday, July 7, 2020

बदमाशों और पुलिस के बीच खूनी खेल चल रहा था उस समय सीसीटीवी के जरिए ऋचा दुबे लाइव टेलिकास्ट

कानपुर के बिकरू गाँव में जिस वक्त बदमाशों और पुलिस के बीच खूनी खेल चल रहा था उस समय सीसीटीवी के जरिए ऋचा दुबे लाइव टेलिकास्ट अपने मोबाइल पर देख रही थी। बाद में वह अपने बेटे के साथ बिकरू गांव से भाग गई। गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को हुई भयवाह वारदात के कुछ ही देर बाद ऋचा दुबे अपने बेटे के साथ बिकरू गांव में स्थित घर छोड़कर भाग गई थी। पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान उसका मोबाइल फोन बरामद किया है, जिससे पता चला है कि उसका फोन विकास दुबे के घर में लगे सीसीटीवी से जुड़ा था। पुलिस जांच टीम के सदस्यों के हवाले से नवभारत टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि फोन के जरिए ऋचा ने घर और वहां की गतिविधियों पर नजर रखी।
शायद उसने फुटेज को डिलीट करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल किया होगा। पुलिस ने ऋचा के सभी रिश्तेदारों से पहले ही संपर्क कर लिया है और वह कहीं नहीं मिली है। ऋचा ज्यादातर कानपुर शहर में ही रहती थी लेकिन अपने मोबाइल फोन के जरिए घर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखती थी मोबाइल के जरिये। क्यूंकि ऋचा का मोबाइल सीसीटीवी से कनेक्ट था।

यूपी के हमीरपुर में STF ने विकास दुबे के चचेरे भाई अमर दुबे को मार गिराया, पुलिस पर फायरिंग करने में शामिल था


हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. मुख्य आरोपी विकास दुबे के चचेरे भाई अमर दुबे को हमीरपुर में यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने मार गिराया है. अमर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे ढेर कर दिया. कानपुर कांड में आठ पुलिसकर्मियों को मारने में अमर दुबे का भी हाथ था. अमर ने छत से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी.

फरीदाबाद के एक होटल के बाहर देखा गया विकास दुबे

गैंगस्टर विकास दुबे की तलाश में जुटी उत्तर प्रदेश की कई पुलिस टीमों को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

हालांकि दावा किया जा रहा है कि विकास और उसके दो साथियों को फरीदाबाद के एक होटल के बाहर देखा गया था. लेकिन पुलिस के आने से पहले ही अपराधी फरार हो गए. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अलर्ट पर



विकास और उसके गुर्गो ने कानपुर के बिकरू गांव में चार दिन पहले आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. दिल्ली पुलिस को भी इन अटकलों के बाद हाई अलर्ट पर रखा गया है कि दुबे चोरी छिपे दिल्ली पहुंचकर आत्मसमर्पण करने का रास्ता तलाश सकता है. दिल्ली में गैंगस्टर के प्रवेश करने की संभावना के मद्देनजर जांच करने के लिए यूपी-दिल्ली सीमा पर पुलिस चौकस है.

स्पेशल सेल के सूत्रों ने कहा कि अपने सभी तकनीकी संसाधनों के साथ सेल फरार गैंगस्टर से संबंधित किसी भी इनपुट को स्कैन करने के लिए अलर्ट पर है. पहले भी, स्पेशल सेल यूपी के कई बड़े बदमाशों जैसे बृजेश सिंह और बबलू श्रीवास्तव को गिरफ्तार करने में सफल रही है.

जब अपराधियों का पता लगाने की बात आती है तो तकनीकी निगरानी में विशेषज्ञता दिल्ली पुलिस को अन्य राज्यों की पुलिस से आगे करती है, जिसे चोरी-छिपे बच निकलने की जुगत में रहने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी की कला में महारत हासिल है.


Sunday, June 28, 2020

प्यार नहीं चढ़ा परवान तो प्रेमी जोड़े ने खाया जहर, दोनों की माैत




खन्ना(स.ह): खन्ना के निकटवर्ती गांव मोहनपुर में प्रेम में असफल रहने के चलते एक प्रेमी जोड़े ने स्कूल के पास जहरीली वस्तु का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके चलते सदर एसएचओ जसपाल सिंह ने मौके पर टीम के साथ पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया।जानकारी के अनुसार रविंदर नाथ सिंह 37 पुत्र ज्ञान चंद निवासी गुहरकुष्ण नगर मलेरकोटला रोड खन्ना का पिछले काफी समय से मुक्को (36) पत्नी अमरीक सिंह सोनी निवासी खन्ना खुर्द के साथ प्रेम संबंधों के बारे में घर वालों को पता चला तो उस समय दोनों परिवारों में काफी घमासान मचा था। तब शहर के एक पार्षद ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया। गौरतलब है कि मरने वाले दोनों के परिवारों में 3-3 बच्चे हैं।

जहरीली चीज का सेवन करने के उपरांत रविंदर ने अपनी पत्नी को दी थी जानकारी
जहरीली चीज का सेवन करने के उपरांत रविंदर ने अपनी पत्नी को फोन के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया था कि उसने प्रेम में असफल रहने के उपरांत किसी जहरीली चीज के सेवन कर लिया है। आनन-फानन की स्थिति में उसकी पत्नी ने घर के सभी सदस्यों को इस बात की सूचना देते हुए जब घटनास्थल पर जाकर देखा तो उस समय काफी देर हो चुकी थी। उस वक्त तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

आज होगा दोनों का पोस्टमार्टम- एसएचओ
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सदर के एसएचओ जसपाल सिंह ने बताया कि जहां एक ओर पहले पुलिस ने इस संबंध में परिवार वालों के कहने के अनुसार धारा-174 के अधीन कार्रवाई की है, वहीं पुलिस आज पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत दोनों के शव वारिसों को सौप देगी। इसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।

Friday, June 26, 2020

पोता अकसर सोचता था कि कब दादा मरें और उसे उनकी जगह सरकारी नौकरी मिले, सामने आई यह कहानी


धनबाद, झारखंड. अपनी जिंदगी संवारने एक पोता अपने ही दादा के लिए काल बन गया। बगैर मेहनत किए सरकारी नौकरी हासिल करने के चक्कर में पोता अपने ही दादा का कातिल बन गया। पोता सोचता रहता था कि कब दादा मरें और उसे उनकी जगह अनुकंपा नियुक्ति मिल जाए। लेकिन जब उससे इंतजार नहीं हुआ, तो उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर दादा को रास्ते से हटा दिया। पोते ने अपने ही दादा की सुपारी दे दी थी। करीब 12 दिनों की जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। अब पोता सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
दादा को दफ्तर छोड़ने के बहाने ले गया था..
जानकारी के अनुसार गुम्मा गांव के रहने वाले नरेश नोनिया कुमारबुधी कोलियरी में ईसीएल कर्मी थे। उनका पोता अनिल चौहान कोई कामधाम नहीं करता था। वो हमेशा यही सोचता रहता था कि कब उसके दादा मरें और उसे अनुकंपा नियुक्ति मिल जाए। इसी सोच ने उसे षड्यंत्रकारी बना दिया। उसने अपने दो दोस्तों को दादा की हत्या की सुपारी दे डाली। षड्यंत्र के तहत अनिल दादा को दफ्तर छोड़ने के बहाने अपने साथ बाइक पर ले गया। उसे दादा को दफ्तर छोड़ा और लौट आया। इसके बाद वो दोनों सुपारी किलर को लेकर फिर से कुमारबुधी कोलयारी पहुंचा। यहां मौका पाकर हत्यारों ने नरेश को मार डाला। जब पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की, तो अनिल का बर्ताव कुछ ठीक सामने नहीं आया।
ज्यादा समय तक जुर्म छुपाकर नहीं रख सका
पुलिस की पूछताछ में अनिल टूट गया। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने सुपारी किलर इम्तियाज अंसारी और शेख नवाब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पुलिस ने मृतक का वोटर कार्ड, जॉब कार्ड और हत्‍या में प्रयुक्‍त चाकू बरामद कर लिया।

ट्रिपल सवारी की कार्रवाई से बचने को दामाद ने ससुर को जंगल के पास उतारा, रातभर भटके, सुबह हुई मौत


बाइक पर ट्रिपल सवारी की कार्रवाई से बचने के चक्कर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। आशा रोड़ी चेकपोस्ट पर तड़के चेकिंग को देखते हुए दामाद ने बुजुर्ग ससुर को पैदल आगे मिलने की बात कही, लेकिन बुजुर्ग जंगल में रास्ता भटक गए। सुबह मिले तो तबियत खराब होने के कारण कुछ देर में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पटेलनगर के लोहिया नगर निवासी तौहीद मंगलवार तड़के तीन बजे अपनी पत्नी और ससुर नसीम के साथ मोटरसाइकिल पर देहरादून से सहारनपुर जा रहे थे। आशा रोड़ी चौकी पर चेकिंग को देखते हुए उसने अपने ससुर नसीम को वन विभाग की चौकी से पहले उतार दिया और जंगल के रास्ते भेजकर चौकी से आगे मिलने को कहा।
उसके बाद तोहीद पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से आशा रोड़ी चौकी से आगे पहुंच गया। काफी देर इंतजार के बाद जब ससुर नहीं पहुंचे तो उनकी तलाश शुरू की। थाना क्लेमेनटाउन पुलिस को इसकी सूचना दी।
बुजुर्ग की तलाश में जंगल में कॉबिंग की

पुलिस ने वन विभाग की टीम के साथ बुजुर्ग की तलाश में जंगल में कॉबिंग की। लेकिन, रात में उनका कहीं पता नहीं चला।
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि गुमशुदा नसीम के परिजनों ने बुधवार दोपहर बताया कि सुबह 10:30 बजे नसीम उन्हें जंगल में भटकते मिल गए थे। नसीम ने उनसे पीने के लिए पानी मांगा। कुछ समय बाद उनकी तबियत खराब हुई और मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया। बताया जा रहा है कि नसीम लंबे समय से दिल की बीमारी से ग्रसित भी थे। प्रथम दृष्टया बीमारी के चलते मौत होना प्रतीत हो रहा है।
क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में हुई बुजुर्ग की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस किसी की दुश्मन नहीं है। यातायात नियमों का पालन कराने के पीछे मकसद आप सब की सुरक्षा है। नियमों का पालन कर हादसों को टाला जा सकता है। लोग पुलिस से डरकर इस तरह का कोई कदम न उठाएं, जिससे इस तरह की अनहोनी की पुनरावृत्ति हो।

पहले कुंवारी बताकर की शादी, फिर पैसे लेकर भागने लगी तीन बच्चों की मां, यूं खुली पोल


धनबाद: आप किसी महिला से शादी करे। इसकी एवज में आपसे पैसे भी लिए जाए। बाद में आपको पता चले कि आपकी नई नवेली दुल्हन पहले से ही तीन बच्चों की मां हैं। इसके बाद आप पर क्या गुजरे? यहां ऐसा ही कुछ हुआ राजस्थान के अजमेर के रहने वाले एक युवा भागचंद गुर्जर के साथ। इसी के साथ शादी के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में धनबाद जिले की अलकुसा की सोनू की शादी अजमेर निवासी अशोक गुर्जर से सात साल पहले हुई थी। इसके बदले भी दलाल ने पैसे लिए थे। रिश्ते में सोनू का देवर लगने वाले भागचंद ने उससे खुद की भी शादी करवाने की बात कही। इस पर सोनू, अपने पति और भागचंद को साथ लेकर होली से पहले ही अलकुसा आ गई थीं। इसके बाद एक दलाल महिला से सोनू ने मुलाकात की। इस महिला ने 80 हजार रुपए लेकर सीमा नाम की युवती की शादी भागचंद से कराने की बात कही। शनिवार को दोनों की शादी तय हो गई। शनिवार को सात महिलाएं सीमा को लेकर सोनू के पीहर अलकुसा आईं।

एक महिला ने स्वयं को सीमा की मां बताया और शादी करने की बात कही। जब सब रजामंद हो गए तो भागचंद से सीमा की मांग में सिंदुर भरवा दिया गया। इसके बाद युवती ने भागचंद से कपड़े नहीं होने की बात कही। भागचंद उसे केंदुआ बाजार लेकर गया और शॉपिंग करने के लिए 3 हजार रुपए दिए। इसके बाद युवती एक बाइकसवार के साथ भागने लगी। इसके बाद उसका भांडा फूट गया। बवाल होने पर केंदुआडीह पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस सीमा, सोनू, भागचंद और अशोक गुर्जर को पकड़कर थाने ले गई। यहां सीमा की ओर से अन्य लोगों से भी पैसे लेकर शादी किए जाने की बात सामने आई है।

ट्रक के आगे धक्का देकर मारा था पत्‍‌नी को


बहजोई: प्रेमिका से विवाह रचाने के बीच आड़े आ रही पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए युवक ने फिल्मी स्टाइल में पत्नी को मारने का षड्यंत्र रचा। विवाहिता की मौत के बाद मायके वालों की ओर से दर्ज कराई गई हत्या की रिपोर्ट की जांच में पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है, जिसमें मृतका के पति और उसके दोस्त के अलावा ट्रक चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
बहजोई में घटना का पर्दाफाश करते हुए एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि 18 जून को गुन्नौर क्षेत्र के बदायूं मार्ग पर एक राहगीर की ओर से सड़क हादसे की सूचना दी गई थी, जिसमें पीआरवी मौके पर पहुंची तो भावना (21) पत्नी अवनीश गंभीर रूप से घायल थी, जहां उसके पति और एक इसका दोस्त भी बाइक के साथ खड़ा था, लेकिन न तो दोनों में से किसी के चोट के निशान थे और न ही बाइक को किसी भी प्रकार की क्षति हुई थी। महिला के पति ने बताया कि ट्रक की टक्कर से वह घायल हुई है। उपचार के लिए गुन्नौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां से रेफर किया गया तो उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई, जिस पर पुलिस ने दहेज हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की और मृतका के पति अवनीश उर्फ राजा निवासी घोंसली मोहकम को गिरफ्तार कर लिया। उसने जुर्म कबूल कर लिया। ट्रक चालक प्रताप पुत्र भूरे सिंह निवासी सलामतपुर थाना जरीफनगर और उसके मित्र आकाश निवासी मीरमपुर, गुन्नौर को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपित राजा ने बताया कि उसका एक युवती के साथ प्रेम संबंध है, जिसके साथ में शादी करना चाहता था। पुलिस ने तीनों लोगों को जेल भेज दिया है।

प्रेमी से शादी करने के लिए पति को ठिकाने लगाने की रची साजिश, मगर अधूरे रह गए अरमान

डबवाली (सिरसा) जेएनएन। सिरसा में प्रेमी से शादी करने के लिए महिला ने एक खतरनाक साजिश रची। साजिश में तो कामयाब हो गई, मगर उसके अरमान अधूरे रह गए। आखिर क्‍या हुआ और आखिर में क्‍या मिला, जानने के लिए पढ़ें ये पूरी खबर.....
प्रेमिका के बेहोश पति को राजस्थान कैनाल में फेंकने के आरोपित गांव सिंघेवाला के राम सिंह तथा कप्तान सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने राजगढ़ (राजस्थान) के हिसार रोड स्थित विनय प्लाजा (होटल) से थार जीप बरामद कर ली है। 23 मई को डबवाली के वार्ड नं. 20 निवासी ममता ने अपने पति संदीप को सब्जी में मिलाकर नशा दिया था। बेहोश होने के बाद आरोपितों ने उसे नहर में फेंकने के लिए उपरोक्त जीप का प्रयोग किया था। पुलिस के अनुसार जीप होटल मालिक रविकांत की है।
रविकांत के अनुसार 6 मार्च को गाड़ी का इंजन, एसी आदि को ठीक करवाने के लिए जीप वर्कशॉप में दी थी। बाद में लॉकडाऊन होने के कारण वह 7 जून को गाड़ी वापस लेकर गया था। पुलिस ने ममता के प्रेमी राम सिंह के घर से मोबाइल बरामद कर लिया है। जिसके जरिए वह प्रेमिका से चैटिंग करता था। गांव लंबी-पंजावा मार्ग पर राजस्थान कैनाल के पुल की निशानदेही करवा दी है, यहां से संदीप को नहर में फेंका था। दो दिन की रिमांड अवधि के बाद बृहस्पतिवार को दोनों को पुन: अदालत में पेश किया जाएगा।

एक दर्जन थानों से रिकॉर्ड जुटाएगी पुलिस

पीलीबंगा में संदीप का शव मिलने की सूचना पाकर परिजन मौका पर पहुंचे। लेकिन शव की शिनाख्त संदीप के रूप में नहीं हुई। ऐसे में परिवार वापिस डबवाली आ गया। शहर थाना पुलिस राजस्थान कैनाल से सटे लंबी, सदर थाना डबवाली, रानियां, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, पीलीबंगा जैसे करीब एक दर्जन पुलिस थानों से एक माह में मिले शवों का रिकॉर्ड जुटाएगी, ताकि संदीप की पहचान हो सकें।
 
---रिमांड अवधि के दौरान थार जीप, मोबाइल बरामद हो गए है। थार जीप राजगढ़ के एक होटल मालिक की है। पूछताछ के दौरान राम ङ्क्षसह ने बताया कि ममता के साथ शादी होने के बाद वे यहां से शिफ्ट होना चाहते थे। आरोपितों को बृहस्पतिवार को पुन: अदालत में पेश किया जाएगा।
-सत्यवान, प्रभारी, शहर थाना डबवाली

Thursday, June 25, 2020

पत्नी ने ब्लेड से काट दिया पति का गुप्तांग

भोजपुर, जेएनएन। भोजपुर जिले के कृष्णागढ़ थाना के सरैयां गांव में बुधवार की रात विवाद के बाद गुस्से में पत्नी ने अपने पति का ब्लेड से गुप्तांग काट दिया। जख्मी पति का इलाज सदर अस्पताल आरा में कराया जा रहा है। जख्मी पति ने अपनी पत्नी समेत अपने साला और पत्नी के मौसा के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई है। घायल 24 वर्षीय सोनू गोड़ सरैयां निवासी सुरेंद्र गोड़ का पुत्र है। वह पेशे से मजदूर है।
शादी के बाद से चलती रहती थी तकरार
बताया जा रहा कि कृष्णागढ़ थाना के सरैयां गांव निवासी सोनू गोड़ की शादी साल 2018 में कृष्णागढ़ थाना के जगतपुर-पकड़ी निवासी लक्ष्मी के साथ हुई थी। हालांकि, शादी के बाद से ही दंपती के बीच दांपत्य जीवन बेहतर नहीं है। कोई संतान भी नहीं है।
शोर होने पर स्वजनों का मिला घटना की खबर
बताया जा रहा कि बुधवार की रात दंपती घर में सोए हुए थे। पति के अनुसार उसका पैर पत्नी के शरीर से छू गया। जिसके बाद वाद-विवाद हो गया। इस दौरान आरोप है कि पत्नी ने गुस्से में ब्लेड से उसका गुप्तांग काट दिया। बाद में हो-हल्ला होने पर परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद तत्काल इलाज के लिए स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए।
तीन के विरुद्ध दर्ज कराई एफआइआर
इस दौरान घायल पति ने लहूलुहान हालत में थाने पहुंचकर इसकी जानकारी दी। पति का आरोप है कि रात में विवाद के बाद गुरुवार की सुबह उसका साला एवं पत्नी का मौसा दोनों उसके घर पर आ धमके। इसके बाद उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर उसे अपने साथ लेकर चले गए। इधर,कृष्णागढ़ थानाध्यक्ष विजय पांडेय ने बताया कि घायल पति के बयान पर पत्नी समेत तीन के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। पति ने पत्नी पर गुप्तांग काटने का आरोप लगाया है। पुलिस की ओर से छानबीन चल रही है।