Covid 19

Wednesday, July 8, 2020

कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं वहीं इससे ठीक होने वालों की संख्या


देश में जहां कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं वहीं इससे ठीक होने वालों की संख्या भी तेजीे बढ़ रही है।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट इन पर छपी खबर के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे यानि बुधवार सुबह 8 बजे से गुरुवार सुबह 8 बजे के दौरान देशभर में कोरोना वायरस के 24879 नए केस आए हैं और देश में अब कुल कोरोना वायरस मामलों का आंकड़ा बढ़कर 767295 तक पहुंच गया है। हालांकि इसमें 269789 ही एक्टिव केस हैं और ज्यादातर लोग ठीक हो चुके हैं।

कोरोना वायरस के नए केस सामने आने के साथ देश में कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मंगलवार सुबह 8 बजे से लेकर बुधवार सुबह 8 बजे तक देशभर में कोरोना वायरस की वजह से 487 मौतें दर्ज की गई हैं और अबतक यह वायरस देशभर में कुल 21129 लोगों की जान ले चुका है।

हालांकि भारत में कोरोना वायरस समक्रमण बढ़ने के साथ कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है और अबतक देशभर में कुल 476377 लोग ठीक हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान देशभर में 19547 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं। देश में कोरोना वायरस का रिकवरी रेट 61 प्रतिशत के ऊपर बना हुआ है।

कोरोना वायरस के मरीजों की पहचान के लिए देश में लगातार टेस्टिंग हो रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार 8 जुलाई(कल) तक कोरोना वायरस के लिए कुल 1,07,40,832 सैंपल का टेस्ट किया गया।

इनमें से 2,67,061 सैंपल का टेस्ट कल किया गया। दुनियाभर में अमेरिका, रूस और ब्रिटेन के बाद कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा टेस्ट भारत में ही हो रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस के मामलों की बात करें तो दुनियाभर में कुल मामलों का आंकड़ा बढ़कर 1.21 करोड़ के पार पहुंच गया है, अबतक दुनियाभर में कोरोना वायरस की वजह से 5.52 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

हालांकि पूरी दुनिया में 70.30 लाख से ज्यादा कोरोना वायरस से ठीक भी हो चुके हैं।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले अमेरिका में हैं जहां पर 31.58 लाख से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं और 1.34 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, इसके बाद ब्राजील में 17.16 लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं और 68 हजार से ज्यादा की जान गई है। रूस में भी 7 लाख केस सामने आ चुके है

टाटा मोटर्स कस्टमर्स के लिए नई स्कीम लेकर आई है


नई दिल्ली: ऑटो इंडस्ट्री को ट्रैक पर लाने के लिए कार कंपनियां अपने ग्राहकों को कई ऑफर पेश कर रही हैं. भारत की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स कस्टमर्स के लिए नई स्कीम लेकर आई है. इस स्कीम के तहत ग्राहक बिना डाउन पेमेंट दिए अपने कार खरीदने के सपने को पूरा कर सकते हैं. इसके लिए कंपनी ने करूर वैश्य बैंक के साथ पार्टनरशिप की है.

ये हैं ऑफर

टाटा मोटर्स की इस स्कीम के तहत कस्टमर्स टाटा की टियागो, नेक्सॉन और अल्ट्रॉज कार बगैर डाउन पेमेंट दिए खरीद सकते हैं. यही नहीं कंपनी कार खरीदने के बाद छह महीने तक ईएमआई नहीं चुकाने की भी सुविधा दे रही है.

इसके अलावा 100 प्रतिशत ऑन रोड फंडिंग की सुविधा भी दी जा रही है, इसके तहत आपको पांच साल के लिए लोन दिया जाएगा. ये लोन नौकरी पेशा और खुद का व्यापार करने वाले दोनों को दिया जा रहा है.

कम EMI पर खरीद सकेंगे ये कारें

इस ऑफर के अलावा कंपनी आठ साल के लिए लोन पर आसान स्टेप-अप ईएमआई की सुविधा दे रही है. साथ ही साथ टाटा मोटर्स कम EMI की सुविधा दे रही है. इस स्कीम के तहत टाटा टियागो को 4,999 रुपये हर महीने शुरुआती ईएमाई, अल्ट्रॉज को 5,555 रुपये की ईएमआई और नेक्सॉन को 7,499 रुपये की ईएमाई पर खरीद सकते हैं.

JioFiber यूजर्स के लिए खास ऑफर की घोषणा की


Reliance Jio ने बुधवार को अपने JioFiber यूजर्स के लिए खास ऑफर की घोषणा की। अब JioFiber के यूजर्स Lionsgate Play के जरिए हॉलीवुड की मूवीज फ्री में देख पाएंगे। Lionsgate प्ले का यह प्रीमियम कंटेंट JioFiber सिल्वर और उससे ऊपर के प्लान पर उपलब्ध रहेगा।

रिलायंस जियो ने Hollywood streaming service लॉयंसगेट के साथ अनुबंध किया है। इस साझेदारी के तहत JioFiber के यूजर्स को लॉयंसगेट के OTT प्लेटफॉर्म Lionsgate Play पर फ्री में कंटेंट देखने को मिलेगा। Lionsgate Play पर 7500 से ज्यादा प्रीमियम टीवी एपिसोड्स, फिल्में और दूसरे लोकप्रिय प्रोग्राम मौजूद हैं। यूजर्स को इसके अलावा लॉयंसगेट के क्षेत्रीय भाषाओं के कंटेंट का लाभ भी उठाते आएगा, इसमें छह भारतीय भाषाओं हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगू, कन्नड और भोजपुरी भाषाओं में फिल्में और प्रोग्राम्स उपलब्ध हैं।

जियो अपने सिल्वर मल्टी मंथ या उससे ऊपर के प्लान को एक्टिव करा चुके ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान कर रहा है। नए यूजर्स को सिल्वर प्लान पर पहले तीन recharge पर ही यह सुविधा मिलेगी। जियो फाइबर यूजर्स अपने सेट-टॉप बॉक्स पर JioTV+ ऐप के जरिए लॉयंसगेट प्ले के प्रीमियम कंटेंट को देख सकते हैं। इन यूजर्स को किसी नए ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है और ना ही अलग से लॉन इन करना होगा।

जियो फाइबर के गोल्ड प्लान में Zee5, Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar, SonyLiv, Voot,AltBalaji, HoiChoi, ShemarooMe, SunNxt, JioCinema और JioSaavn भी फ्री में उपलब्ध है। Jio ने दो सप्ताह पहले अपने सिल्वर क्वार्टरली प्लान या उससे ऊपर का विकल्प चुनने वाले यूजर्स को मुफ्त Zee5 देखने की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की थी।

Airtel ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए एक नया 289 रुपये वाले प्लान लॉन्च कर दिया

Airtel Recharge, Airtel 289 Plan: टेलीकॉम कंपनी Airtel ने अपने प्रीपेड यूजर्स के लिए एक नया 289 रुपये वाले प्लान लॉन्च कर दिया है. इस नए Airtel Plan की वैधता क्या है व इस एयरटेल प्रीपेड प्लान के साथ आपको क्या-क्या बेनिफिट्स मिलेंगे, आइए आपको इस संबंध में जानकारी देते हैं.289 रुपये वाले एयरटेल रीचार्ज प्लान के साथ उपभोक्ता को हर रोज 1.5GB हाई-स्पीड डेटा के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलेगी. इस प्लान की वैधता 28 दिनों की है.डेटा, कॉलिंग के अतिरिक्त 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ उपभोक्ता को रोजाना 100 एसएमएस भी दिए जाएंगे. अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो Zee5 Premium, Airtel Xstream Premium का एक्सेस मिलेगा.विंक म्यूज़िक व 1 वर्ष के लिए Shaw Academy का फ्री औनलाइन कोर्स जैसे बेनिफिट्स दिए जा रहे हैं.
ये प्लान एयरटेल की साइट पर लिस्ट है. याद दिलाते चलें की 2018 में एयरटेल ने अपने 289 रुपये वाले प्लान को 1 जीबी डेटा व अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग के साथ उतारा था. इस प्लान को 48 दिनों की वैधता के साथ उपभोक्ता के लिए पेश किया गया था.79 रुपये वाले एयरटेल के इस टॉप-अप वाउचर के साथ उपभोक्ता को 30 दिनों की वैधता के साथ ZEE5 का एक्सेस मिलेगा. गौर करने वाली बात यह है की यह टॉप-अप एयरटेल उपभोक्ता के लिए एयरटेल थैंक्स ऐप के डिजिटल स्टोर सेक्शन के जरिए उपलब्ध है. आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें की ज़ी5 का प्रतिमाह का एक्सेस की मूल्य वैसे 99 रुपये है.

भारतीय सेना ने अपने सभी अधिकारियों और जवानों के लिए सोशल साइट्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपने सभी अधिकारियों और जवानों के लिए सोशल साइट्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित सोशल प्लेटफॉर्म में फेसबुक, इंस्टाग्राम के अलावा लगभग 89 साइट्स हैं। सेना ने सख्त निर्देश के साथ निर्देश दिया है कि आपके खाते को प्रतिबंधित साइटों और सोशल मीडिया से हटा दिया जाए, बस इसे सक्रिय करने से काम नहीं चलेगा। यह भी चेतावनी दी गई है कि 15 जुलाई के बाद जांच होगी, जिसमें खाता चालू होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वास्तव में, सैन्य अधिकारियों, कर्मचारियों या सैनिकों के सोशल मीडिया, साइटों, नेटवर्किंग में सक्रिय होने पर खुफिया जानकारी लीक होने का खतरा है।

खुफिया एजेंसियों ने हनी ट्रैप में फंसने के सभी मामलों का पर्दाफाश किया है। कुछ महीने पहले ही, तमिलनाडु के सात नौसैनिकों द्वारा शहद के जाल में फंसकर गोपनीय जानकारी लीक करने का मामला सामने आया था। कई मामलों में, खुफिया तंत्र ने पहले ही खुद को हनी ट्रैप में फंसने से बचा लिया है। इसलिए, मौजूदा माहौल को देखते हुए, भारतीय सेना ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय सेना ने अपने सभी अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिया है कि वे फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सहित सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से अपने खातों को हटा दें। फेसबुक, इंस्टाग्राम के अलावा, 89 साइट्स जिन पर प्रतिबंध है, उनमें वी चैट, वाइबर, जूम, ट्रू कॉलर, पबजी, क्लब फैक्ट्री, टिंडर, डेली हंट, हंगामा, सोंग्स.कॉम पीके शामिल हैं। आदेश में व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, यू / ट्यूब, ट्विटर, कोरा, लिंकडॉन के सीमित उपयोग की अनुमति है। आदेश में यह भी कहा गया है कि youtube, ट्वीटर, का उपयोग केवल सूचना के लिए किया जा सकता है। यानी, इसकी ओर से कुछ भी अपलोड नहीं किया जा सकता है।

आदेश में सख्त चेतावनी दी गई है कि 15 जुलाई के बाद जांच की जाएगी कि सभी निर्देशों का पालन किया गया है या नहीं। अगर किसी अधिकारी या जवान का अकाउंट प्रतिबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाया गया, तो संबंधित यूनिट की खुफिया जानकारी की जांच की जाएगी। यह फीड बैक निचले स्तर से ऊपरी स्तर तक प्रत्येक ब्रीफिंग में कहा जाएगा।

फेसबुक पर सख्त प्रतिबंधों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, जो जासूसी के मामले में सबसे खतरनाक माना जाता है। अब तक, हनी ट्रैप के ज्यादातर मामले फेसबुक के माध्यम से सामने आए हैं। संबंधित जानकारी प्राप्त करना आसान है। सेना के लोग ट्विटर का उपयोग कर सकेंगे क्योंकि यह प्रतिबंधित नहीं किया गया है। सोशल मीडिया के बारे में सेना की पहले की एडवाइजरी में, उन्हें केवल वर्दी में अपनी तस्वीरें पोस्ट करने और स्थान की जानकारी साझा करने से मना किया गया था, लेकिन अब देश में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सेना को सख्त होना होगा।

गिरफ्तारी से पहले गैंगस्टर ने मीडिया को बुलाया, पुलिस को देख चिल्लाकर बोला.. मैं हूं विकास दुबे


BHOPAL: 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला गैंगस्टर विकास दुबे महाकाल मंदिर पहुंचा हुआ था. इस जगह पर ही सरेंडर करने की उसकी तैयारी पहले से ही थी. मंदिर पहुंचने से पहले ही विकास दुबे ने इसकी जानकारी स्थानीय मीडिया को दी थी.

वह बार-बार मध्य प्रदेश की पुलिस को बता रहा था कि मैं कोई आम अपराधी नहीं हूं. विकास को भी डर था कि कही पुलिस गोली न मार दे. इसलिए वह मीडिया के सामने खुद का परिचय दे रहा था.

गिरफ्तारी के बारे में बताया जा रहा है कि गि/रफ्तारी के दौरान गैंगस्टर विकास दुबे मध्य प्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर में पूजा करने के लिए गया हुआ था. इस दौरान ही पुलिस ने यह कार्रवाई की है. विकास दुबे ने पूजा को लेकर बकायदा अपने नाम का पर्ची भी कटाया हुआ था. इस दौरान ही मंदिर के गार्ड ने विकास को पकड़ा. उसे बाद महाकाल पुलिस के हवाले उसको कर दिया गया. मध्यप्रदेश की पुलिस यूपी पुलिस के संपर्क कर रही है.

विकास के पास नहीं था कोई हथियार

बताया जा रहा है कि जिस समय विकास की गिरफ्तारी हुई उस समय उसके पास कोई सामान नहीं था. उसके पास कोई हथियार भी नहीं था. विकास दुबे की गिरफ्तारी की मध्य प्रदेश के गृह मंत्री ने कर दी है. लेकिन इसमें सबसे बड़ी लापरवाही यूपी पुलिस की सामने आई है. आखिर कैसे वह उज्जैन पहुंच पाया है. यूपी पुलिस क्या कर रही थी. बता दें कि विकास दुबे के बिकरू गांव पुलिस छापेमारी करने गई थी तो विकास ने अपने गुर्गों के साथ पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. इस हमले में एक डीएसपी समेत 8 पुलिसकर्मी मारे गए थे. जिसके बाद से पुलिस विकास की तलाश में जुटी है वह फरार चल रहा है.

अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होने के मिले संकेत, तैयारियां शुरू


जम्मू। कोरोना के चलते जहां एक ओर पूरे देश में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लगभग स्थगित कर दिया गया है वहीं नये-नये केन्द्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर में विश्व प्रसिद्ध श्री अमरनाथ यात्रा 21 जुलाई से शुरू होने जा रही है और जिसका समापन रक्षा बंधन वाले दिन यानि 3 जुलाई को परंपरागत तरीके से होगा। प्रदेश प्रशासन ने इस यात्रा की तिथि अभी तक घोषित नहीं की है परन्तु इसके शुरू होने के संकेत देने के साथ ही तैयारियां शुरू कर दी हैं।

केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने पांच जुलाई को अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग की विधिवत पूजा-अर्चना करने के साथ ही इस संबंध में तैयारियां शुरू करवा दी हैं।

5 जुलाई को ही दशनामी अखाड़ा के महंत देवेन्द्र गिरि जी महाराज ने पहलगाम में विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद यात्रा जल्द शुरू होने के संकेत दे दिए थे। इस बार की यात्रा केवल बालटाल मार्ग से ही होने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही इतिहास में पहली बार पवित्र गुफा से आरती का लाइव प्रसारण भी शुरू हो गया है जिसे दूरदर्शन पर सुबह 6 से 6.30 व सायं को 5 से 5.30 बजे तक देखा जा सकता है।

यात्रा की तैयारियां प्रारंभ
उपराज्यपाल द्वारा हिमशिवलिंग की पूजा अर्चना करने के साथ ही इस यात्रा से संबंधित सभी प्रकार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी प्रकार के प्रबंधों को लेकर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जम्मू के भगवती नगर में स्थित आधार शिविर में हर प्रकार की तैयारियां जोरों पर हैं। पूरे भवन को सेनेटाइज किया गया है और यात्रियों के ठहरने व सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए जा रहे हैं। राज्य के मुख्य द्वार लखनपुर में टर्मिनल और काउंटर बनाए जा रहे हैं यहां पर बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण होगा व कोरोना से संबंधित सैंपल लिए जायेंगे। प्रवेश द्वार पर श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ ही अन्य सुविधाओं की व्यवस्था होगी।

यात्रा सुचारू रूप से चल सके इसके लिए कईं कमेटियां बनाई गई हैं जो लंगर लगने के स्थानों के साथ-साथ यात्रा से जुड़े अन्य प्रबंधों का जायजा लेंगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू ने 10 डाक्टरों व 17 पैरामेडिकल स्टाफ को कश्मीर भेजने का फैसला किया है। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. रेनु खजूरिया के निर्देश के अनुसार इन्हें स्वास्थय निदेशालय कश्मीर में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि प्रतिदिन 500 के करीब श्रद्धालु श्रीअमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ करेंगे।

समुद्र तल से करीब 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित श्रीअमरनाथ की पवित्र गुफा और तीर्थयात्रा इस बार कोरोना व लद्धाख में उपजे हालात की वजह से अपने सही समय पर शुरू नहीं हो पाई है। अमरनाथ यात्रा को देखते हुए इस बार भी प्रशासन लखनपुर से लेकर अमरनाथ तक सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रबंध करने जा रहा है। जम्मू से लेकर अमरनाथ यात्रा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों को तैनात किया जा सकता है। हेलीकॉप्टर, सीसीटीवी, आरआईएफ टैग और बार कोड श्रद्धालुओं व उनके वाहनों की निगरानी करेंगे। ड्रोन व खोजी कुत्तों के अलावा अत्याधुनिक उपकरणों व हथियारों से लैस लगभग हजारों सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे।

बता दें कि श्री अमरनाथ यात्रा पूरे देश में सबसे लंबी अवधि तक चलने वाली कठिन तीर्थ यात्राओं में एक है। सिर्फ मौसम और यात्रा मार्ग की भौगोलिक परिस्थितियां ही इसे मुश्किल नहीं बनाती बल्कि आतंकी हमले की आशंका इसे और चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। श्री अमर नाथ यात्रा पर जाने के भी दो रास्ते हैं, एक पहलगाम होकर और दूसरा सोनमर्ग बलटाल से। पहलगाम से जाने वाले रास्ते को सरल और सुविधाजनक समझा जाता है। बलटाल से श्रीअमरनाथ गुफा की दूरी केवल 14 किलोमीटर है और यह बहुत ही दुर्गम रास्ता है और सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण है लेकिन रोमांच और जोखिम लेने का शौक रखने वाले लोग इस मार्ग से यात्रा करना पसंद करते हैं।

स्मरण रहे कि यात्रियों को नुनवन, पहलगाम और शेषनाग के पास कई बार आतंकी निशाना बना चुके हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों पर बालटाल, कंगन, गांदरबल, अनंतनाग और बिजबेहाड़ा में ग्रेनेड हमले भी हो चुके हैं। 10 जुलाई 2017 को लश्कर के आतंकियों ने दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बस को दक्षिण कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर निशाना बनाया था, इसमें आठ श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। कश्मीर से 1988-89 में कश्मीरी हिन्दुओं को भगाने के बाद पाकिस्तान की शह पर हमेशा आतंकियों के निशाने पर श्रीअमरनाथ यात्रा रही है। 1990 के बाद से आतंकवादियों ने श्री अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाना शुरू किया। वर्ष 1993 में दो हमलों में तीन लोग मारे गए। 1994 में एक हमले में दो यात्रियों की मौत हुई। 1995 में तीन हमले हुए लेकिन जानी नुकसान नहीं हुआ। 1996 में आतंकियों ने हमले किए परन्तु कोई क्षति नहीं हुई। वर्ष 2000 में आतंकियों ने पहलगाम के करीब आरू नामक स्थान पर हमले किए जिसमें 32 श्रद्धालुओं सहित 35 लोग मारे गए और 60 लोग घायल हो गए। 2001 में शेषनाग में आतंकी हमले में तीन पुलिस अधिकारियों सहित 12 श्रद्धालु मारे गए। 2002 में श्री अमरनाथ यात्रा पर दो आतंकी हमले हुए जिसमें 9 श्रद्धालु मारे गए व 29 गंभीर रूप से घायल हुए। 2003 में आतंकियों ने श्रीअमरनाथ यात्रा में शामिल होने वालों को सीधे निशाना तो नहीं बनाया लेकिन यात्रा के दौरान ही कटड़ा में वैष्णोदेवी के आधार शिविर पर हमला कर 8 श्रद्धालुओं को मार डाला और सेना के एक ब्रिगेडियर को भी मार डाला।

हालांकि इस बार जम्मू-कश्मीर राज्य न रहकर केन्द्र शासित प्रदेश बन चुका है और जहां एक ओर अलगाववादियों सहित कश्मीर केन्द्रित राजनीति करने वाली राजनीतिक पार्टियों व सामाजिक संगठनों की कमर भी टूट चुकी है। दूसरी ओर सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खात्मे का अभियान भी जोर-शोर से चलाया हुआ है। इस वर्ष में अब तक 120 के करीब आतंकियों को मौत के घाट उतारा जा चुका है और बड़ी संख्या में आतंकियों के सहयोगियों को गिरफ्तार करने के साथ ही आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया गया है। नियंत्रण रेखा व अंतराष्ट्रीय सीमा पर भी आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम कर दिया गया है। दूसरी ओर कोरोना व राज्य वि विशेष परिस्थितियों के बावजूद श्री अमरनाथ यात्रा के शुरू होने के संकेतों से ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

कानपुर शूटआउट: उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार गैंगस्टर विकास दुबे

नेशनल डेस्कः गैंगस्टर विकास दुबे को पुलिस ने गुरुवार उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने विकास दुबे को महाकालेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस विकास को उज्जैन से उत्तर प्रदेश ला रही है। सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे ने महाकालेश्वर मंदिर की पर्ची कटाई और इसके बाद खुद ही सरेंडर कर दिया।

बता दें कि इससे पहले यूपी पुलिस ने विकास के दो साथियों को एनकाउंटर में मार डाला।

पुलिस ने कानपुर के बिकरु कांड मामले के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी रणबीर शुक्ला और प्रभात मिश्रा को भी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था। मिली जानकारी के अनुसार प्रभात ने पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश की जिसके बाद एनकाउंटर में प्रभात को मार गिराया गया।
वहीं विकास के करीबी रणबीर शुक्ला ने देर रात महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था, उसके साथ तीन और बदमाश भी थे। पुलिस को जैसे ही लूट की खबर मिली, अधिकारियों ने चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया। रणबीर ने बचने के लिए फायरिंग की जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की और रणबीर शुक्ला को ढेर कर दिया। हालांकि, उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे।

Tuesday, July 7, 2020

हमने खुद ही अपने घरों, सड़कों व चौराहों पर चीन के एजेंट तैनात किए हैं.


नई दिल्ली: चीन के ऐप्स बैन होने के बाद भी क्या भारतीयों का डेटा और उनकी पर्सनल जानकारी सुरक्षित है? साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो चीन अपनी मंशा में अभी भी कामयाब हो रहा है. हमने खुद ही अपने घरों, सड़कों व चौराहों पर चीन के एजेंट तैनात किए हैं. जो हर वक्त हमारी तस्वीरें व अहम जानकारियों को बीजिंग तक पहुंचाते हैं.

ये एजेंट कोई और नहीं सीसीटीवी हैं. पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों, बैंकों, रेलवे, एयरपोर्ट पर लगे यह कैमरे IP ऐड्रेस के जरिये सारी तस्वीरें व डेटा चीन पहुंचा रहे हैं.

साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे का कहना है कि देश में सीसीटीवी कैमरे व इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सिस्टम के 90 फीसद बाजारों पर चीन का कब्जा है.

चीन में बने CCTV कैमरे सालों से भारतीय बाजारों में बिक रहे हैं. जिनको चीन के हैकर आसानी से हैक कर सकते हैं और पल-पल की जानकारी जुटा सकते हैं.

हर गली, हर मोहल्ले तक पहुंच चुके चीन के एजेंट से अब भारत के लिए बचना देहद जरूरी है. मोबाइल ऐप को फोन से हटाना आसान है मगर सीसीटीवी से निजात पाना बहुत मुश्किल है.

भारत के बाजार में 80% कैमरा चीन के बने होते हैं और सबको हैक कर उनकी 24 घंटे निगरानी रखना बेहद आसान होता है. चीन के साथ मौजूदा हालातों को देखते हुए ये कहा जा रहा है कि चीन इन कैमरों को देश के खिलाफ अपना अगला हथियार बना सकता है. हाल के दिनों में आपने देखा होगा कि देश पर लगातार चीन से साइबर अटैक किया जा रहा है.

अगर हम बात करें दिल्ली के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार भागीरथ पैलेस की तो यहां चीन के कैमरों की भरमार है. क्योंकि ये सस्ते होते हैं. एक डिवाइस की कीमत 1,200 रुपये से लेकर 3,500 तक है. ये लगभग सभी चीन से आते हैं. मौजूदा स्थिति में व्यापारी चाहते हैं कि चीन से आने वाला सामान बंद हो जाए और भारतीय ब्रैंड्स को बढ़ावा मिले.

ज़ी न्यूज़ देश को इस खतरे से आगाह कर रहा है. अगर आप भी किसी तरह का कैमरा उपयोग में ले रहे हैं तो उसके सेफ्टी फीचर को एक बार फिर समझ लें. घर, ऑफिस, दुकान या फिर कहीं भी सीसीटीवी लगवाते वक्त उसके निर्माता व सप्लायर के बारे में जानकारी ले लें.

इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से कहा गया है कि सीसीटीवी खरीदते वक्त उसके निर्माता और सप्लायर के बारे में जानकारी अवश्य लें. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप पैसे देकर अपनी जासूसी का सामान खरीद रहे हैं.

दुनियाभर में चीन के CCTV पर सवाल उठ चुके हैं तो भारत को अब चीन से सतर्क रहना बेहद जरूरी है. हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने कहा है कि Hikvision और 19 अन्य फर्मों का स्वामित्व या नियंत्रण चीनी सेना के पास है.

ट्रंप प्रशासन ने सरकारी एजेंसियों पर Hikvision से खरीदारी पर रोक लगा दी है. Hikvision दुनिया की सबसे बड़ी वीडियो सर्विलांस कंपनियों में से है जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर टूल्स, दोनों का उत्पादन करती है. चीन की सेना और सरकार के साथ कथित रूप से जुड़े होने के कारण कुछ यूरोपीय देशों ने भी कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया है.

बदमाशों और पुलिस के बीच खूनी खेल चल रहा था उस समय सीसीटीवी के जरिए ऋचा दुबे लाइव टेलिकास्ट

कानपुर के बिकरू गाँव में जिस वक्त बदमाशों और पुलिस के बीच खूनी खेल चल रहा था उस समय सीसीटीवी के जरिए ऋचा दुबे लाइव टेलिकास्ट अपने मोबाइल पर देख रही थी। बाद में वह अपने बेटे के साथ बिकरू गांव से भाग गई। गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात को हुई भयवाह वारदात के कुछ ही देर बाद ऋचा दुबे अपने बेटे के साथ बिकरू गांव में स्थित घर छोड़कर भाग गई थी। पुलिस ने घर की तलाशी के दौरान उसका मोबाइल फोन बरामद किया है, जिससे पता चला है कि उसका फोन विकास दुबे के घर में लगे सीसीटीवी से जुड़ा था। पुलिस जांच टीम के सदस्यों के हवाले से नवभारत टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि फोन के जरिए ऋचा ने घर और वहां की गतिविधियों पर नजर रखी।
शायद उसने फुटेज को डिलीट करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल किया होगा। पुलिस ने ऋचा के सभी रिश्तेदारों से पहले ही संपर्क कर लिया है और वह कहीं नहीं मिली है। ऋचा ज्यादातर कानपुर शहर में ही रहती थी लेकिन अपने मोबाइल फोन के जरिए घर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखती थी मोबाइल के जरिये। क्यूंकि ऋचा का मोबाइल सीसीटीवी से कनेक्ट था।

यूपी के हमीरपुर में STF ने विकास दुबे के चचेरे भाई अमर दुबे को मार गिराया, पुलिस पर फायरिंग करने में शामिल था


हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. मुख्य आरोपी विकास दुबे के चचेरे भाई अमर दुबे को हमीरपुर में यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने मार गिराया है. अमर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस ने उसे ढेर कर दिया. कानपुर कांड में आठ पुलिसकर्मियों को मारने में अमर दुबे का भी हाथ था. अमर ने छत से पुलिसकर्मियों पर फायरिंग की थी.

फरीदाबाद के एक होटल के बाहर देखा गया विकास दुबे

गैंगस्टर विकास दुबे की तलाश में जुटी उत्तर प्रदेश की कई पुलिस टीमों को अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

हालांकि दावा किया जा रहा है कि विकास और उसके दो साथियों को फरीदाबाद के एक होटल के बाहर देखा गया था. लेकिन पुलिस के आने से पहले ही अपराधी फरार हो गए. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अलर्ट पर



विकास और उसके गुर्गो ने कानपुर के बिकरू गांव में चार दिन पहले आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. दिल्ली पुलिस को भी इन अटकलों के बाद हाई अलर्ट पर रखा गया है कि दुबे चोरी छिपे दिल्ली पहुंचकर आत्मसमर्पण करने का रास्ता तलाश सकता है. दिल्ली में गैंगस्टर के प्रवेश करने की संभावना के मद्देनजर जांच करने के लिए यूपी-दिल्ली सीमा पर पुलिस चौकस है.

स्पेशल सेल के सूत्रों ने कहा कि अपने सभी तकनीकी संसाधनों के साथ सेल फरार गैंगस्टर से संबंधित किसी भी इनपुट को स्कैन करने के लिए अलर्ट पर है. पहले भी, स्पेशल सेल यूपी के कई बड़े बदमाशों जैसे बृजेश सिंह और बबलू श्रीवास्तव को गिरफ्तार करने में सफल रही है.

जब अपराधियों का पता लगाने की बात आती है तो तकनीकी निगरानी में विशेषज्ञता दिल्ली पुलिस को अन्य राज्यों की पुलिस से आगे करती है, जिसे चोरी-छिपे बच निकलने की जुगत में रहने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी की कला में महारत हासिल है.


अमेरिका अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का सदस्य नहीं रहा


नई दिल्ली: अमेरिका अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का सदस्य नहीं रहा. डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) सरकार ने WHO को इस बाबत अपना फैसला भेज दिया है. ये WHO और अन्य देशों के लिए जबरदस्त झटका हो सकता है. बताते चलें कि ट्रंप सरकार ने कोरोना वायरस मामले में आरोप लगाया था कि WHO चीन के अधीन काम काम रहा है. साथ ही अप्रैल महीने से अमेरिकी सरकार ने WHO को फंडिंग देना भी बंद कर दिया था.

अमेरिकी मीडिया के मुताबिक ट्रंप सरकार ने WHO से अपनी सदस्यता (Membership) वापस लेने से संबंधित पत्र भेज दिया है. 6 जुलाई, 2021 के बाद अमेरिका WHO का सदस्य नहीं रह जाएगा. 1984 में तय नियमों के तहत किसी भी सदस्यता वापस लेने के साल भर बाद ही देश को WHO से निकाला जाता है.

इसके अलावा अमेरिका को WHO के सभी बकाए चुकाने होंगे.

अमेरिकी सिनेटर रॉबर्ट मेनेन्डेज ने ट्विट करके इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिका द्वारा WHO से अलग होने संबंधि सूचना प्राप्त हुई है. ट्रंप सरकार के इस फैसले से अमेरिका बीमार और अकेला पड़ जाएगा.

बताते चलें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल महीने में ही विश्व स्वास्थ्य संगठन से अलग होने की घोषणा कर दी थी. WHO को दिए जाने वाले अनुदान राशि को भी तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया था. अमेरिका का आरोप है कि चीन में कोरोना वायरस की पहचान और उसे महामारी घोषित करने में WHO ने जानबूझकर देरी की. साथ ही अब WHO चीनी सरकार के इशारों पर काम करने लगा है.

पुलिस सुशांत की एक एक्ट्रेस दोस्त को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

New Delhi : सुशांत सिंह राजपूत मामले में मुंबई पुलिस ने उस बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिये हैं, जहां वे रहते थे। इन फुटेज की मदद से गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, पुलिस को एक्टर के घर में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला है।
पुलिस सुशांत की एक एक्ट्रेस दोस्त को पूछताछ के लिए बुला सकती है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने सुशांत को लेकर छपी खबरों को लेकर कुछ पत्रकारों से पूछताछ की तो पता चला कि इनसे जुड़ी जानकारी एक एक्ट्रेस ने उन्हें दी थी।
अभी तक एक्ट्रेस को पुलिस ने थाने नहीं बुलाया है। लेकिन माना जा रहा है कि जल्दी ही इसका बयान दर्ज किया जा सकता है।
एक्ट्रेस खुद को सुशांत का दोस्त बताती है। सुशांत के अंतिम संस्कार में भी इसे देखा गया था। पुलिस जानना चाहती है कि एक्ट्रेस ने पत्रकारों को जो जानकारी दी, उसके पीछे कोई खास मकसद तो नहीं छुपा था।
मुंबई पुलिस पहले दिन से ही लगातार मामले की जांच कर रही है। अब तक 34 लोगों के बयान दर्ज किये जा चुके हैं। इनमें सुशांत का घरेलू स्टाफ, मैनेजर, पीआर टीम, एक्स मैनेजर, दोस्त, गर्लफ्रेंड, को-स्टार और परिवार के सदस्य शामिल हैं।
यशराज फिल्म्स के कुछ पूर्व अधिकारी और कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा के बयान दर्ज किये जा चुके हैं। कुछ और अधिकारियों से पूछताछ होगी। शानू को भी दोबारा पुलिस स्टेशन बुलाया जा सकता है।
फिल्मों में सुशांत को रणवीर सिंह से रिप्लेस करने के दावों पर सोमवार को फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली से 3 घंटे पूछताछ हुई। सूत्रों की मानें तो इसमें उनसे 30 सवाल पूछे गये थे। भंसाली ने कहा कि सुशांत को उन्होंने रिप्लेस नहीं किया था, बल्कि वे खुद फिल्में छोड़कर गये थे।
फिल्ममेकर शेखर कपूर और एक्ट्रेस कंगना रनोट से भी पुलिस पूछताछ कर सकती है। कंगना ने जहां खुलकर आरोप लगाया है कि सुशांत को बॉलीवुड का नेपोटिज्म ले डूबा तो वहीं, शेखर कपूर ने भी ऐसे ही संकेत दिये थे।