Covid 19

Saturday, June 27, 2020

पंजाब में कोरोना से आठ और मरीजों की मौत, 77 नए केस मिले ताे 119 संक्रमित ठीक हुए




चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब में दस दिनों में कोरोना से 46 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को आठ और लोगों की मौत हो गई। इनमें संगरूर में तीन, अमृतसर में दो व बठिंडा, पठानकोट और जालंधर में एक-एक व्यक्ति की जान गई। संगरूर जिले में मरने वालों संख्या अब 12 हो गई है। राज्‍य में शनिवार को 119 मरीज ठीक होने के बाद अस्‍पतालों से डिस्‍चार्ज किए गए। 77 नए मरीजों को भी पता चला।
राज्‍य मेंं कुल कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 5179 हो गई, 3320 मरीज ठीक हुए 
शनिवार को कोरोना से मारे गए लोगों में मालेरकोटला की 55 वर्षीय महिला, 63 वर्षीय बुजर्ग व 48 वर्षीय एक अन्य व्यक्ति शामिल है। दो मरीजों ने लुधियाना के डीएमसी व एक ने लुधियाना के ही एक अन्य अस्पताल में दम तोड़ा। अमृतसर में रइया के 67 वर्षीय महिला व दुबुर्जी रोड के 67 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद जिले में मरने वालों का आंकड़ा प्रदेश में सबसे ज्यादा 39 हो गया है।
बठिंडा में 50 वर्षीय व्यक्ति, जालंधर में 66 वर्षीय बुजुर्ग व पठानकोट में 38 साल की महिला की मौत हो गई। राज्य में अब मरने वालों की संख्या 130 हो गई है। वहीं, शनिवार को राज्य में 77 नए केस सामने आए। जालंधर में सबसे ज्यादा 20, लुधियाना में 16, अमृतसर में 14 व अन्य जिलों में 27 केस सामने आए। राज्य में शनिवार को 119 लोग स्वस्थ हुए। प्रदेश में अब सक्रिय केस 1730 हो गए हैं।
कोरोना मीटर
सक्रिय केस/दो दिन पहले 1730/1627
स्वस्थ हुए/दो दिन पहले 3320/3192
कुल मौतें/दस लाख पर 130/4.64
दो दिन पहले कुल मौतें/दस लाख पर 120/4.28
कुल संक्रमित/दस लाख पर 5179/184.96
दो दिन पहले कुल संक्रमित/दस लाख पर 4939/176.39
कुल टेस्ट/दस लाख आबादी पर 284431/10158.25

पंजाब में 5 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार!


 
चंडीगढ़: सत्ता में आने से पहले कैप्टन सरकार ने लोगों के साथ घर-घर रोजगार देने का वायदा किया था। यह वायदा तो अभी तक पूरा नहीं हुआ लेकिन अब कैप्टन सरकार लॉकडाऊन में बेरोजगार हुए 5 लाख लोगों को रोजगार दिलाने के लिए पहल करेगी।

लोन दिलाकर सूक्ष्म उद्योग भी शुरू करवाने की तैयारी
सरकार उनकी कंपनियों के साथ बात करने के इलावा, और सैकटरों में बेरोजगारों को काम दिलवाने में सहायता करेगी। इसमें मजदूर से लेकर उद्योगों तक के लोग और निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोग शमिल होंगे। रोजगार व सृजन विभाग के सचिव राहुल तिवाड़ी ने कहा पंजाब सरकार लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षण देगी और रोजगार स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन मुहैया करवाएगी। सरकार बेरोजगारों को माईक्रो उद्योग शुरू करने में भी सहायता करेगी। 

सभी कंपनियों, उद्योगों एवं ऑफिसों में लॉकडाउन से पहले व मौजूदा स्टाफ का डाटा मांगा जाएगा

इतना ही नहीं, सरकार उनके द्वारा तैयार किए माल को उद्योग विभाग की सहायता के साथ बेचने में भी सहायता करेगी। पहले वही कंपनी में बेरोजगारों को रोजगार देने की पहल की जाएगी। अगर कंपनी नहीं रखती तो अन्य स्थानों पर रोजगार दिया जाएगा। सभी कंपनियों, उद्योगों एवं ऑफिसों में लॉकडाउन से पहले व मौजूदा स्टाफ का डाटा मांगा जाएगा। गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

7वें वेतन आयोग के अनुसार, जानें आर्मी के सिपाही और ऑफिसर की सैलरी


 वर्तमान समय में बहुत से लोग आर्मी ज्वाइन करना चाहते हैं। लेकिन लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती हैं की आर्मी को कितनी सैलरी मिलती हैं। आज इसी विषय में 7वें वेतन आयोग के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की आर्मी में सिपाही और ऑफिसर की सैलरी कितनी हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। पद का नाम: सीओएएस

वेतन : लेवल-18, रुपया 2,50,000(फिक्स्ड)

पद का नाम: वीसीओएएस/आर्मी सीडीआर/लेफ्टिनेंट जनरल (एनएफएसजी)
वेतन : लेवल-17, रुपया 2,25,000(फिक्स्ड)

पद का नाम: लेफ्टिनेंट जनरल एचएजी + स्केल
वेतन : लेवल-16,  रुपया 205400-224400

पद का नाम: लेफ्टिनेंट जनरल (एचएजी स्केल)
वेतन: लेवल-15,  रुपया 1,82,200-2,24,100

पद का नाम: मेजर जेनरल
वेतन : लेवल-14, रुपया 1,44,200-2,18,200

पद का नाम: ब्रिगेडियर
वेतन: लेवल-13ए, रुपया 1,39,600-2,17,600

पद का नाम: कर्नल
वेतन : लेवल-13, रुपया 1,30,600-2,15,900

पद का नाम: मेजर
वेतन: लेवल-11,  रुपया 69400-2,07,200

पद का नाम: कैप्टेन
वेतन : लेवल-10बी,  रुपया 61300-1,93,900

पद का नाम: लेफ्टिनेंट
वेतन : लेवल-10, रुपया 56100-1,77.500

सिपाही की सैलरी। सिपाही (ग्रुप X)
वेतन : रु 5200-20200+1400+2000+डीए 113%

सिपाही (ग्रुप Y)
वेतन : रु 5200-20200+2000+2000+ डीए 113%

नायक (ग्रुप X)
वेतन : रु 5200-20200+1400+2000+ डीए 113%

नायक (ग्रुप Y)
वेतन : रु 5200-20200+2400+2000+ डीए 113%

कॉन्सटेबल / हवलदार (ग्रुप X)
वेतन : रु 5200-20200+1400+2000+ डीए 113%

कॉन्सटेबल / हवलदार (ग्रुप Y)
वेतन : रु 5200-20200+2800+2000+ डीए 113%

नायब सुबेदार (ग्रुप X)
वेतन : रु 9300-34800+1400+2000+ डीए 113%

पंजाब में अब फुल होकर चलेंगी बसें, 50 प्रतिशत सवारियों की बंदिश खत्म-कार में फैमिली के 4 मेंबर कर सकेंगे सफर



चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज)- तेल की कीमतों में भारी वृद्धि होने के कारण सार्वजनिक यातायात की बेबसी के कारण पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मिनी बसों समेत सभी बसों में सवारियां ले जाने की क्षमता पर लगाई गई रोक को हटाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बसों में सफर के दौरान प्रत्येक सवारी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री के यह ऐलान आज हरियाऊ खुर्द के एक निवासी द्वारा बसें न चलने के कारण पातड़ां आने-जाने में आ रही समस्याओं के सम्बन्ध में किये सवाल का जवाब देते हुए किया। राज्य सरकार ने इससे पहले कोविड के संकट के कारण 50 प्रतिशत सवारियों की क्षमता के साथ बसें चलाने की आज्ञा दी थी।

कैप्टन को सवाल नामक प्रोग्राम की अगली लड़ी के अंतर्गत आज के फेसबुक लाईव के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको पता चला है कि इससे होने वाले वित्तीय घाटे खासकर डीजल और पेट्रोल की रोजाना बढ़ रही कीमतों के कारण निश्चित की गई क्षमता के साथ बसें चलाने से इन्कार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सफर के दौरान मास्क पहनने का सख्ती से पालन करने की जरूरत पर जोर दिया क्योंकि मास्क से कोविड का फैलाव 70 प्रतिशत तक घट सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढऩे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी इस संबंधी पहले ही प्रस्ताव पास कर चुकी है और उनको उम्मीद है कि केंद्र सरकार यह वृद्धि वापस लेगी।

एक कार में पंजाब में तीन लोग ही सफर कर सकते हैं। मगर कैप्टन ने एलान किया कि एक परिवार के चार लोग पंजाब में एक जगह से दूसरी जगह एक कार में जा सकेंगे। हालांकि यह बात सिर्फ परिवार के सदस्यों पर ही लागू होगी। तो क्या चार दोस्त एक साथ जा सकते हैं। नहीं। यह  राहत सिर्फ परिवारिक सदस्यों पर ही लागू होगी। कैप्टन ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह ऐसे लोगों का चालान न काटे।

यहां पर अनजान व्यक्तियों के साथ सात बार संबंध बनाती हैं लड़किया




दुनिया में कई ऐसी जगह है जहां लोग आज भी निचली मानसिकताओं को लेकर चल रहे हैँ। कुछ जगह ऐसी जहां मर्द कुवांरी लड़कियों से शादी नहीं करते तो वहीं कुछ जगह ऐसी जहां महिलाए हर साल 7 बार किसी गैर मर्द के साथ शारीरिक संबंध बनाती है। जी हां, यह शारीरिक संबंध बनाने का खेल बहुत सी जगहों पर परंपराओं का नाम लेकर चल रहा है।

औरतें बनाती है 7 बार संबंध:

ऐसा ही कुछ इंडोनेशिया में भी होता है। कहा जाता है परंपरा के मुताबिक हर साल यहां की महिलाएं किसी अंजान मर्द को ढ़ूंढती है और फिर उसके साथ संबंध भी बनाती है। यहां तक की उनकी इस बात से उनकेे पति भी वाकिफ हैं।

पोन त्योहार के दौरान बड़ी तादाद में पुरुष और औरतें माउंट केमुकस पहुंचते हैं। फिर यहां किसी अंजान शख्स के साथ संबंध बनाती है। फिर हर 35 दिन के अंतराल पर यानी जब त्योहार आयोजित होता है, महिला को उसी पुरुष के साथ संबंध बनाना होता है। ऐसा लगातार सात बार करने पर ही औरतों का मकसद पूरा होता है।

टिकटॉक स्टार ने क्यों किया था सुसाइड ? उनके परिवार ने किया खुलासा



इन दिनों देश बहुत ज्यादा बुरे दौर से गुजर रहा है. ऐसे में मनोंरजन जगत ( Entertainment industry ) की तरफ एक के बाद एक कई बड़ी बुरी खबरें सामने आती रही थीं.

बीते कुछ दिनों में देश ने एक नहीं बल्कि कई शानदार अभिनेताओं को खो दिया है. अब इस बीच महज 16 वर्ष की टिकटॉक स्टार ( Tiktok Star ) सिया कक्कड़ ( Siya Kakkar ) बुधवार की रात फांसी लगाकर सुसाइड ( Suicide ) कर लिया. सिया की मृत्यु की खबरों ने सबको दंग व परेशान कर दिया है. सिया एक टिकटॉक स्टार थी. उनके 1 मिलियन ( 1 Million Followers ) से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं. सिया के सुसाइड को लेकर उनके परिवार की तरफ से एक बड़ा खुलासा किया गया है.

दरअसल, टिकटॉक स्टार के दादा और पिता ( Siya Father and grandfather doctor ) दांतों के चिकित्सक हैं. ऐसे में चिकित्सक होने के नाते उन्होंने सिया के डिप्रेशन ( Siya was in depression ) को भांप लिया था. लेकिन इतना अहसास नहीं था कि डिप्रेशन इस कदर बढ़ गया था. सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु ( Sushant Singh Rajput death ) के बाद से ही प्रसिद्ध टिकटॉक स्टार सिया कक्कड़ उदास रहने लगी थीं. वह करीब एक हफ्ते से डिप्रेशन में भी थीं. हालांकि टिकटॉक स्टार के लाइफस्टाइल ( Lifestyle ) में कोई परिवर्तन नहीं आया था, पर परिजनों को उसके डिप्रेशन की भनक लग गई थी. परिजनों का बोलना है कि 'लॉकडाउन के कारण करीब तीन महीने से पूरा परिवार घर से बाहर नहीं निकला था.' आपकी जानकारी के लिए बताते चलें सिया के परिवार वालों ने सिया को टिकटॉक वीडियोज बनाने पर मिल रही धमकियों के बारें में भी बताया है. दिल्ली के गीता कॉलोनी पुलिस स्टेशन ( Geeta colony police station ) में सिया कक्कड़ के परिवार वालों का बयान दर्ज करवाया है.

मौत की जाँच में जुटी पुलिस ( Police Inverstigation ) ने सिया को मिल रही धमकियों से साफ मना किया है. मृत शरीर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ( Postmortem Report)अभी पुलिस को नहीं मिली है, पुलिस का बोलना है कि सिया की मृत्यु फांसी ( Death due to hanging ) लगाने से हुई हैं. सिया के शरीर पर चोट ( did not have bruises in her body ) आदि के निशान नहीं पाए गए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार सिया का एक भाई भी है. उनके घर में तीन कमरे हैं. बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे मां रसोई में थीं. दादा और पिता नीचे क्लीनिक में थे. सिया घर में ही घूम रही थी. मां ने दस मिनट पहले सिया को घूमते देखा था. कुछ देर बाद सिया की मां पिछले वाले कमरे में गई थी तो देखा कि अंदर से गेट बंद है.

आवाज लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला तो वह नीचे उतरकर क्लीनिक में गई व पिता को सारी बात बताई. सिया ने चुन्नी से जिस कमरे में फांसी लगाई थी उसका बाथरूम दो कमरों से अटैच है. दूसरे कमरे से बाथरूम का गेट खुला हुआ था. बाथरूम से परिजन कमरे के अंदर गए तो सिया ने कमरे में फांसी लगा रखी थी. पुलिस ने यह भी बताया कि सिया को टिकटॉक वीडियोज ( get money for making Tiktok videos ) बनाने के लिए पैसे भी मिलते थे. जो उनके पेटिएम एकाउंट ( Siya's Account ) में आते थे. जिसकी रकम हज़ार रूपये के आसपास बताई जा रही है. पुलिस का बोलना है कि वह तीन वर्ष से टिकटॉक (Tiktok was used for three years ) पर वीडियोज बना रही थी. पुलिस ने सिया का फोन भी चैक करने की प्रयास करनी चाही,लेकिन फोन पर पासवर्ड ( Phone Password ) होने की वजह से वह फोन खोल नहीं पाए. पुलिस ने जाँच के लिए कॉल डिटेल्स ( Call Deatails ) मांगी है ताकि पता लग पाए कि आखिरी वक्त में सिया ने किस के साथ बात की थी.

लॉकडाउन में दिल्ली से गांव लौटते ही बहू बन गई 'बिजली दीदी'



लॉकडाउन में दिल्ली से गांव लौटते ही बहू बन गई 'बिजली दीदी'
दिल्ली में परिवार के साथ एक जूता फैक्ट्री में दिहाड़ी पर काम करने वाली जमालपुर गांव की बहू को गांव के स्वयं सहायता समूह का सहयोग मिला तो स्वावलंबी बन गई। जिसको कोई पूछता नहीं था अब इस महिला मिस्त्री की कद्र पूरा गांव करता है। उसने गांव में एलईडी बल्व रिपेयर करने शुरू कर दिए, जिसके लिए मात्र कुछ दिनों का प्रशिक्षण लेना पड़ा। गांव में उसे बिजली दीदी के नाम से बुलाते हैं।

बड़ोखर ब्लाक के गांव जमालपुर की रानी देवी अपने पति सभाजीत के साथ वापस गांव लौटी तो यहां रोजगार का संकट था। दिल्ली में वह पति के साथ जूता फैक्ट्री में रंगाई का काम करती थी। कोरोना काल में वह पति व तीन बच्चों के साथ 18 अप्रैल को वापस गांव लौटी थी। यहां उसने काम करने की ठानी। पहले तो परिवार व गांव में बहू के काम करने का विरोध हुआ पर उसके हौसले को देख सभी सहयोग में खड़े हो गए। वह महिला स्वयं सहायता समूह के संपर्क में आई। आठवीं तक शिक्षित रानी देवी ने एनआरएलएम उपायुक्त से मुलाकात की। उसकी दक्षता देख  राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त केके पांडेय ने एलईडी बल्ब निर्माण व मरम्मत का प्रशिक्षण आईटीआई बांदा से दिलाया।

10 जून से उसने गांव में विधिवत काम शुरू कर दिया। वह एलईडी बल्ब निर्माण एवं मरम्मत, बिजली बोर्ड मरम्मत एवं अन्य बिजली के कार्य गांव में रहकर करने लगी। उसकी कुशलता देख अब गांव बहू को लोग बिजली दीदी के नाम से पुकारने लगे। अब उसके परिवार को भी उस पर गर्व है। उसे एक बल्ब बनाने के तीन रुपये मिलेगा। बकौल रानी औसतन उसे दो से तीन सौ रुपए रोजाना कमाई हो जाती है। भविष्य में और बेहतर काम करने पर आय बढेगी। गांव में खाली बैठने से अच्छा है कि कुछ काम करें। उपायुक्त ने बताया कि संकुल संघ द्वारा बल्ब निर्माण के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उसका काम बढ़ सके।

टूट गए सभी रिकॉर्ड: 24 घंटे में 26 रूपये बढ़े पेट्रोल के दाम, जानलेवा ये महंगाई



पाकिस्तान में आर्थिक तंगी और कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह जूझ रहे लोगों पर अब महंगाई टूट पड़ी है। पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम बढ़ने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी सातंवे आसमान पर पहुंच गए हैं।

कराची। पाकिस्तान में आर्थिक तंगी और कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह जूझ रहे लोगों पर अब महंगाई टूट पड़ी है। पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम बढ़ने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी सातंवे आसमान पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, पेट्रोल के मौजूदा दाम में एक ही बार में 25.58 रुपये (पाकिस्तानी रुपया) की एकदम से बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में अब वहां पेट्रोल के दाम 100.10 रुपये प्रति लीटर हो गए है। वहीं इससे पहले पेट्रोल के दाम 74.52 रुपये प्रति लीटर थे।

पाकिस्तान में पेट्रोल से ज्यादा महंगा है डीज़ल

बता दें कि पाकिस्तान में नए दाम अक्सर महीने के आखिरी दिन घोषित किए जाते हैं और यह 12 बजे के बाद लागू होती हैं, लेकिन इस बार महीना के खत्म होने के पहले ही घोषणा कर दी गई है।

इसके साथ ही पाकिस्तान में पेट्रोल से ज्यादा महंगा है डीज़ल-हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) के मौजूदा दाम में 21.31 रुपये की बढ़ोतरी के बाद लोगों को 101.46 रुपये प्रति लीटर देने होंगे।

सबसे ज्यादा पाकिस्तान में महंगाई

इसके अलावा लाइट डीजल के दाम में 17.55 रुपये की बढ़ोतरी होने से लोगों को 55.98 रुपये प्रति लीटर के दर से चुकाना होगा।


जानकारी के लिए बता दें, इस साल में दुनिया में सबसे ज्यादा पाकिस्तान में महंगाई हुई है। साल 2020 में पाकिस्तानी रुपये में दुनियाभर के अन्य देशों की अपेक्षा सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।

इसी सिलसिले में पाकिस्तानी स्टेट बैंक (एसबीपी) ने बताया कि हमने वित्त वर्ष 2020 में दुनिया में सबसे ज्यादा महंगाई देखी है, जिससे हमें ब्याज दर बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

जारी मुद्रास्फीति रिपोर्ट

वहीं बैंक की अप्रैल महीने के लिए जारी मुद्रास्फीति रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने न केवल विकसित अर्थव्यवस्थाओं बल्कि भारत, चीन, बांग्लादेश और नेपाल जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भी सबसे बड़ी महंगाई दर देखी गई है।

इस बारे में उद्योग संगठनों ने कहा है कि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था इस समय बहुत मुश्किलभरे हालातों से जूझ रही है क्योंकि, मौजूदा समय में तुरंत 3-4 खरब रुपये के निवेश की जरूरत है जबकि, सरकार के पास अब एक भी पैसा नहीं बचा है।

Friday, June 26, 2020

राजा की तरह जीवन बिताएंगे ये 4 राशि के लोग, 27 जून से बन रहा अद्भुत संयोग बदलेगा भाग्य


लाइव हिंदी खबर(राशिफल):- इस लेख में हम आपको संसार की 4 सबसे शुभ राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका भाग्य 2020 से 2040 तक आसमान को छू रहा है। इन राशि वाले लोगों पर महादेव की कृपा पड़ने वाली है, जिससे इनके जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आकस्मिक धन लाभ होने के प्रबल योग बन रहे हैं।


आप मालामाल हो सकते हैं. आपको कोई उत्साहवर्धक सूचना मिलने की संभावना बन रही है. आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा, आप अचानक से किसी यात्रा पर जा सकते हैं जिससे आपको लाभ प्राप्त होगा. आपको अचानक महत्त्वपूर्ण लोगों के साथ कहीं यात्रा करने की आवश्यकता पड़ सकती है.

यात्रा सफल रहेगी. इसके साथ ही प्यार के मामले में भी आपका समय काफी अच्छा हेगा. आपकी आर्थिक बढ़ोतरी के साधनों में वृद्धि होगी.आपकी नौकरी से सम्बन्धित कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है, आपको सामाजिक कार्य में अच्छा लाभ मिल सकता है, सामाजिक क्षेत्र में मान सम्मान की प्राप्ति होगी,

आप अपनी नई जिम्मेदारियों को ठीक प्रकार से पूरा कर सकते हैं । आपके जीवन में चल रही जटिल समस्याओं का समाधान होगा, आप अपने अधूरे सपने पूरे कर सकते हैं, आप अपने कर्ज से छुटकारा प्राप्त करेंगे । आप अपने दुश्मनों पर हावी रहेंगे, स्वास्थ्य के लिहाज से आने वाला समय बेहतर रहेगा।

हम जिन भाग्यशाली राशियों की बात कर रहे हैं वह कुंभ, मकर, सिंह और धनु राशि है, दोस्तों अगर आपकी भी राशि कुंभ, मकर, सिंह और धनु है, तो कमेंट बॉक्स में ”जय माँ लक्ष्मी” लिखकर पोस्ट को लाइक और शेयर जरूर करें।

पंजाब में 188 नए पॉजिटिव मिले, अब तक 122 की मौत, लुधियाना में सर्वाधिक 66 मामले



पंजाब में शुक्रवार को बठिंडा और फतेहगढ़ साहिब में कोरोना से एक-एक मरीज की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में महामारी से मरने वालों की संख्या 122 हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान राज्य में कोरोना के 188 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इससे राज्य में कोरोना पीड़ितों की कुल संख्या बढ़कर 4957 हो गई है।  
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 276919 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। इस समय विभिन्न अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डों में 1634 मरीजों की गहन निगरानी की जा रही है, जिनमें से 24 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर और 6 वेंटिलेटर पर हैं। बीते 24 घंटे के दौरान राज्य में 9 मरीजों को स्वस्थ होने पर अस्पतालों से छुट्टी भी दे दी गई, जिसके साथ ही कोरोना से ठीक हुए मरीजों की संख्या 3201 हो गई है। 
पटियाला में एक साथ 28 केस 
पटियाला में शुक्रवार को एक साथ 28 नए केस सामने आए। इनमें 18 केस तहसील समाना, 9 पटियाला शहर और एक नाभा से संबंधित है। खास बात यह है कि शुक्रवार को पॉजिटिव पाए मरीजों में तीन गर्भवती महिलाएं, एक हेल्थकेयर वर्कर, एक पुलिस मुलाजिम शामिल हैं। अब जिले में संक्रमितों केसों की गिनती 274 हो गई है। 
सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने बताया कि गांव सिऊना से एक ही परिवार के चार सदस्य पॉजिटिव मिले हैं। समाना की कृष्णा बस्ती से एक ही परिवार के छह सदस्य और समाना की ही वडैच कालोनी से एक ही परिवार के चार सदस्यों की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव रही है। वहीं समाना की ही जट्टां पती, गांव देधना और गांव रेतगढ़ में रहने वाली गर्भवती महिलाएं भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई हैं। पटियाला की गुरबख्श कालोनी में 50 साल की महिला भी पॉजिटिव पाई गई है। 
पटियाला के आदर्श कालोनी का रहने वाला पुलिस मुलाजिम और धीरू की माजरी की रहने वाली हेल्थ केयर वर्कर भी पॉजिटिव हैं। रणबीर मार्ग पटियाला के बुजुर्ग, त्रिपड़ी के रतन नगर की 50 साल की महिला, गोबिंद नगर समाना का बुजुर्ग, समाना गुरुद्वारा साहिब का 21 साल का युवक और गांव कुलारां की बुजुर्ग महिला भी संक्रमित हैं। 

 अमृतसर निवासी की गुरुग्राम में मौत

अमृतसर के एक कोरोना संक्रमित की गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में मौत हो गई। मृतक (73) निवासी मकबूलपुरा कुछ दिन पहले तबीयत ठीक न होने के कारण इस अस्पताल में दाखिल हुआ था। शुक्रवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। कोरोना से मरने वालों की संख्या 37 हो गई है। शुक्रवार को अमृतसर में 25 नए केस रिपोर्ट हुए। जिसमें से 13 संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए थे। 

गुरदासपुर में दो हेल्थ वर्कर, एक पुलिसकर्मी समेत चार कोरोना पॉजिटिव

गुरदासपुर जिले में शुक्रवार को चार मरीज कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें दो हेल्थ वर्कर, एक पुलिस कर्मचारी और एक किसान है। चारों के पॉजिटिव पाए जाने के बाद जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 35 हो गई है। कुल मरीजों की संख्या 212 हो गई है। पॉजिटिव पाए गए दो हेल्थ वर्करों में एक मरीज की उम्र 58 साल, गांव कमलवाल नजदीक नड़ावाली कलानौर रोड है। 
दूसरे की उम्र 52 साल निवासी तेहलीवाल (बटाला) के रूप में हुई है। दोनों एकसाथ काम पर जाते थे। दोनों के टेस्ट पठानकोट में पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं जांलधर में एक पुलिस कर्मचारी उम्र 52 साल, भी पॉजिटिव पाया गया है जो बटाला के गांव भोमा का निवासी है। इसके साथ फतेहगढ़ चूड़िया के गांव जोडियां कलां का एक 42 वर्षीय किसान भी संक्रमित मिला है।
फिरोजपुर में दो कोरोना पॉजिटिव मरीज

 जिन्हें सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करवाया है। अब जिले में कोरोना पीड़ितों की संख्या 35 हो चुकी है। अभी 654 सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है।
पठानकोट: सिविल सर्जन दफ्तर की सुपरिंटेंडेंट, हेल्थ इंस्पेक्टर समेत 11 संक्रमित

गुरुवार देर रात और शुक्रवार सुबह पठानकोट पहुंची 425 सैंपलों की रिपोर्ट में 11 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग का एक हेल्थ इंस्पेक्टर, सिविल सर्जन दफ्तर की 57 वर्षीय महिला सुपरिंटेंडेंट और एक गर्भवती भी शामिल है। अब पठानकोट में कुल संक्रमितों की संख्या 205 हो गई। जिनमें से 149 लोगों को सरकार की डिस्चार्ज पॉलिसी के तहत घर भेज दिया गया है, जबकि 51 मरीज एक्टिव हैं। 
शुक्रवार सुबह आई रिपोर्ट में 3 लोग पहले से संक्रमित लोगों के संपर्क में थे। इसके अलावा 1 गर्भवती महिला, 1 प्रवासी और एक व्यक्ति ने खुद सिविल अस्पताल से टेस्ट करवाया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
मंडी गोबिंदगढ़ में एक केस पॉजिटिव
बार एसोसिएशन अमलोह के अध्यक्ष के संपर्क में आए उनके एक रिश्तेदार की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। परिवार के अन्य सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 

लुधियाना सिविल अस्पताल में दो महीने बाद डोप टेस्ट शुरू 

लुधियाना सिविल अस्पताल में एक बार फिर आर्म्स लाइसेंस के लिए होने वाले डोप टेस्ट की शुरुआत कर दी गई है। हालांकि, अभी रोजाना सिर्फ 15-20 लोगों के ही टेस्ट किए जाएंगे ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा सके। कर्फ्यू में सिविल अस्पताल की ओपीडी को ईएसआई अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं, आर्म्स लाइसेंस के लिए होने वाला डोप टेस्ट को भी बंद कर दिया गया था। एसएमओ डॉ. अमरजीत कौर ने यह जानकारी दी। 

रोपड़ में कोरोना के पांच पॉजिटिव केस 

रोपड़ में शुक्रवार को कोरोना के पांच नए मामले सामने आए। श्री आनंदपुर साहिब के गांव लंगमाजरी में एक महिला तथा एक 12 साल की लड़की की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह दोनों दिल्ली से लौटे हैं। सिविल अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश कुमार ने यह जानकारी दी। 

लुधियाना में 66 नए केस मिले 

लुधियाना में कोरोना के मरीजों का आना लगातार जारी है। शुक्रवार को महानगर में कोरोना के 66 नए केस सामने आए है। ग्यासपुरा इलाके में 16 केस एक साथ मिले हैं। अब शहर में कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 728 हो गई है। साथ ही एक मौत के बाद कोरोना से मरने वालों की संख्या 19 पहुंच गई है।
सिविल सर्जन लुधियाना डॉ. राजेश बग्गा ने बताया कि लुधियाना में आज 66 रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। इनमें से कंटेनमेंट जोन इस्लामगंज से भी एक केस आया है। इसके साथ ही ग्यासपुरा इलाके में से 16 मरीज आए हैं। जालंधर बाइपास के नजदीक पांच केस, साहनेवाल से पांच मरीज, डेहलों से एक केस, पुलिस लाइन से दो, चंडीगढ़ रोड से एक, बीआरएस नगर से एक, दुगरी से दो, इस्लामगंज से एक, जमालपुर इलाके से दो, गुरु नानक पुरा से एक शिमलापुरी से एक, बहादुर के रोड से दो, विश्वकर्मा कालोनी से तीन, हंबड़ा रोड से एक, जगरांव से एक, बस्ती जोधेवाल से एक, काकोवाल रोड से एक, ईएसआई क्वाटर से दो, संगीत सिनेमा के पास से तीन, भामिया रोड से दो, अमन नगर से दो, एसबीएस नगर से दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके अलावा डीएमसी अस्पताल से भी छह रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शहर में एक मरीज की मौत चंडीगढ़ में इलाज के दौरान हुई। जिसकी मौत के बाद लुधियाना में मौत 19 पहुंच गई है।

गलवान वैली में तैनात है जवान, इधर परिवार का पड़ोसी ने जीना कर दिया है दुश्वार



गलवान वैली में तैनात है जवान, इधर परिवार का पड़ोसी ने जीना कर दिया है दुश्वार.
रांची: अपने ही घर में कैद हो गयी हूं. पड़ोसी ने रास्ते को बंद कर दिया है. घर पर दो बच्चे हैं और मुझे बंद रास्ते के बीच लद्दाख के गलवान घाटी में तैनात पति सेना के जवान विजय टेटे की चिंता सताती है. रुंधे गले से पत्नी नवनीत मेरी टेटे ने कहा कि 14 महीने पहले वो अपने घर रांची आए थे, कहा था सब कुछ ठीक होगा, लेकिन यहां तो पड़ोसियों ने जीना दुश्वार कर दिया है. 

मामले को संज्ञान में लेते हुए रांची डीसी ने CrPC 133 का हवाला देते हुए कहा कि किसी का भी रास्ता नहीं  रोका जा सकता है, जबकि नामकुम की अंचल अधिकारी शुभ्रा रानी ने कहा इस मामले पर हस्तक्षेप करते हुए रास्ता निकाला जाएगा.

दरसअल, रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के तेतरी के रहने वाले विजय टेटे ने यहां 2010 में अपना घर बनाया और मार्च 2011 में शिफ्ट कर गए. उस वक्त वो जमीन के खरीद में दिए गए नक्शे के रास्ते से ही आना जाना करते थे, लेकिन 2016 में पड़ोसियों ने रास्ते में पहले बाउंड्री बनाया फिर धीरे-धीरे रास्ते को बंद कर दिया. 

मामले को लेकर विजय टेटे ने मुख्यमंत्री सचिवालय में शिकायत की थी, एक बार अंचल अधिकारी जमीन का निरीक्षण करने आए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुआ. पत्नी नवनीत मेरी टेटे ने कहा कि गलवान घाटी के हालात के बीच 4 दिन पहले ही अपने पति विजय से बात हुई है. 

बेटे विशाल टेटे कहते हैं कि पिताजी से पिछले चार दिनों पहले बात हुई थी. लद्दाख के गलवान घाटी के तनावपूर्ण हालात के बीच उन्हें घर के रास्ते की समस्या को लेकर ज्यादा बात नहीं करता हूं. अब पड़ोसियों ने जो हालात बना दिए हैं, इससे और चिंता सता रही है कि आखिर अपने घर में कैसे आना-जाना कर पाएंगे.

इतना जज्बा तब होगी प्यार की जीत प्रेमी को पाने के लिए प्रेमिका ने उठाया बड़ा साहसी कदम


गया,वैशाली: ''इश्क में जाने क्या हो जाता है ये रब ही जाने, तोड़ के सारी दिवारें मिल जाते हैं दिवाने'' यह गाना फिल्मी जरूर है लेकिन प्रेम करने वालों में इतना जज्बा होता है कि प्यार निभाने के लिए वह हर बाधा का सामना कर सकते हैं। इसी जज्बे को जाहिर करने वाला एक मामला सामने आया है। एक प्रेमिका अपने प्रेमी के शादी के मंडप पर पहुंच गई। यहां लोगों ने मारा—पीटा, बदसलूकी की। इसके बावजूद लड़की डरी नहीं, अंतत: फैसला करने के लिए पंचायत बुलाई गई जिसने प्रेमिका में हक में फैसला सुनाकर युवती को प्यार में जीत दिला दी।

यह घटना बिहार के वैशाली जिले के भगवानपुर की है। मिली जानकारी के अनुसार हुसैना खुर्द निवासी लड़की की शादी मुजफ्फरपुर के शाहपुर के लड़के से होने वाली थी। बारात गुरुवार 25 जून को आनी थी। लड़की के घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। इसी बीच बुधवार को अचानक एक लड़की ऑटो में बैठकर यहां आ पहुंची।
उसने जैसे ही कहा कि यहां जिस लड़के की बारात आने वाली है मैं उसकी पत्नी हूं तो सबके होश उड़ गए। तैयारी में लगी महिलाओं ने लड़की को बाल पकड़कर बाहर खींचा और उसकी पिटाई करने लगीं।
इसके बाद गांव के युवकों का वहां जमावड़ा लग गया। इन्होंने भी युवती से मारपीट की। इसके बाद उसके बाल पकड़र घसीटते हुए ले गए और कमरे में बंद कर दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामले का खुलासा हुआ। लड़की के साथ जो भी हुआ वह बेहद निंदनीय है। यहां गांव वालों ने युवती से पूछताछ की। लड़की ने बताया कि उसकी युवक के साथ कोर्ट मैरिज हुई थी। यह सुनकर दुल्हन बनी लड़की के पिता का दिल बैठ गया। लेकिन वह भी अब पूरी बात जाने बगैर अपनी लड़की की शादी नहीं करना चाहता था।
फैसला करने के लिए पंचायत बुलाई गई। लड़के और उसके पिता को भी बुलाया गया। यहां लड़के ने प्रेम विवाह की बात स्वीकार ली। इसके बाद प्रेमिका और लड़के की शादी करवाई गई।

दिल्ली में कोरोना मरीज के संपर्क में आए हर व्यक्ति की होगी जांच

कोरोना मरीज के संपर्क में 15 मिनट रहने वाले हर व्यक्ति की कोरोना जांच होगी। फिर उसके अंदर चाहे कोई लक्षण हो या नहीं। केंद्र के निर्देश पर दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय ने बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए यह फैसला लिया है। यही नहीं होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीज के परिवारवालों की भी कोरोना जांच अनिवार्य किया है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्लीभर में घर-घर सर्वे का काम शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान लोगों के बारे में जानकारी लेने के साथ ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। जो पहले किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहे हो जिसे बाद में कोरोना हुआ हो। उन सभी लोगों को नजदीकी सरकारी डिस्पेंसरी में जांच कराया जाएगा। जिससे यह पता चल सके कि उन्हें कोरोना तो नहीं है। दिल्ली में 34.44 लाख से अधिक घर है।

दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय की महानिदेशक डॉ. नूतन मुंदेजा के मुताबिक सर्वे में जांच वाली दो श्रेणी बनाई जा रही है। पहला ऐसे लोग जो किसी भी उम्र के हो अगर किसी कोरोना ऐसे व्यक्ति के संपर्क में 15 मिनट जिसे बात में कोरोना हुआ है तो उसे हाई रिस्क श्रेणी में डाला जाएगा। उसकी तुरंत जांच की जाएगी। दूसरा श्रेणी में वह जो सीधे संपर्क में तो नही है मगर आस-पास रहते है उन्हें कम रिस्क वाली श्रेणी में रखा जाएगा। उनपर निगरानी बढ़ाई जाएगी। 

होम आइसोलेशन में रहे मरीजों के परिजनों की होगी जांच
स्वास्थ्य निदेशालय ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीज के परिवार वालों का अनिवार्य रूप से कोरोना जांच होगी। जो मरीज से सीधे संपर्क में हो जैसे जो उनके कपड़े धुलता हो, बर्तन साफ करता है उसे हाई रिस्क में डालकर जांच की जाएगी। जो साथ रहता है मगर संपर्क में नहीं है। उसमें कोई लक्षण नहीं है तो उसे कम रिस्क वाली श्रेणी में डालकर कोरोना मरीज आने के बाद 5वें या 10वें दिन कोरोना जांच की जाएगी दिल्ली में 13 हजार सेकोरोना मरीज के संपर्क में 15 मिनट रहने वाले हर व्यक्ति की कोरोना जांच होगी। फिर उसके अंदर चाहे कोई लक्षण हो या नहीं। केंद्र के निर्देश पर दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय ने बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए यह फैसला लिया है। यही नहीं होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीज के परिवारवालों की भी कोरोना जांच अनिवार्य किया है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्लीभर में घर-घर सर्वे का काम शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान लोगों के बारे में जानकारी लेने के साथ ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। जो पहले किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहे हो जिसे बाद में कोरोना हुआ हो। उन सभी लोगों को नजदीकी सरकारी डिस्पेंसरी में जांच कराया जाएगा। जिससे यह पता चल सके कि उन्हें कोरोना तो नहीं है। दिल्ली में 34.44 लाख से अधिक घर है।

दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय की महानिदेशक डॉ. नूतन मुंदेजा के मुताबिक सर्वे में जांच वाली दो श्रेणी बनाई जा रही है। पहला ऐसे लोग जो किसी भी उम्र के हो अगर किसी कोरोना ऐसे व्यक्ति के संपर्क में 15 मिनट जिसे बात में कोरोना हुआ है तो उसे हाई रिस्क श्रेणी में डाला जाएगा। उसकी तुरंत जांच की जाएगी। दूसरा श्रेणी में वह जो सीधे संपर्क में तो नही है मगर आस-पास रहते है उन्हें कम रिस्क वाली श्रेणी में रखा जाएगा। उनपर निगरानी बढ़ाई जाएगी। 

होम आइसोलेशन में रहे मरीजों के परिजनों की होगी जांच
स्वास्थ्य निदेशालय ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीज के परिवार वालों का अनिवार्य रूप से कोरोना जांच होगी। जो मरीज से सीधे संपर्क में हो जैसे जो उनके कपड़े धुलता हो, बर्तन साफ करता है उसे हाई रिस्क में डालकर जांच की जाएगी। जो साथ रहता है मगर संपर्क में नहीं है। उसमें कोई लक्षण नहीं है तो उसे कम रिस्क वाली श्रेणी में डालकर कोरोना मरीज आने के बाद 5वें या 10वें दिन कोरोना जांच की जाएगी दिल्ली में 13 हजार से